देहरादून(संवाददाता)। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष ने आज सरकार को कटघरे में खडा करते हुए आईजी गढवाल को पद से हटाने की मांग करके सरकार के माथे पर चिंता की लकीरें डाल दी हैं। माहरा की साफ दहाड है कि एसटीएफ द्वारा जेल भेजे गये दो पुलिसकर्मियों की कॉल रिकार्डिंग से एक बडा सच सामने आ सकता है और इसकी गहन जांच होनी चाहिए और निष्पक्ष जांच के लिए आईजी गढवाल को पद से हटाना चाहिए क्योंकि उत्तराखण्ड में जमीनों की बाढ़ आ गई है और जल्द वह इसका बडा खुलासा करेंगे।
कांग्रेस ने आईजी गढ़वाल राजीव स्वरूप को पद से हटाए जाने की मांग की है। राजीव भवन में कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष करन महारा ने प्रेस वार्ता करते हुए बताया कि रुड़की हरिद्वार में 5० करोड रुपए कीमत की जमीन को खुर्द-बुर्द किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा पार्षद मनीष बॉलर व आईजी गढ़वाल के ऑफिस में तैनात दो पुलिस कर्मियों के संबंध कुख्यात गैंगस्टर प्रवीण वाल्मीकि से हैं। जो रेखा नाम की महिला की फर्जी पावर ऑफ अटॉर्नी बनाकर इन इस करोड़ों रुपए की जमीन को खुर्द बुर्द कर रहे हैं । करन महारा ने सरकार से पूछा है कि गैंगस्टर से संबंध रखने वाले दोनों पुलिस कर्मियों को पिथौरागढ़ से किसने आईजी गढ़वाल के ऑफिस में पोस्टिंग दिलवाई। कांग्रेस का आरोप है कि करोड़ों रुपए के इस जमीन घोटाले में बड़े लोगों का हाथ है जो इन दोनों पुलिस कर्मियों की कॉल रिकॉर्डिंग से सामने आ सकता है। कांग्रेस ने मांग की है कि दोनों पुलिस कर्मियों के फोन की कॉल रिकॉर्डिंग की गहनता से जांच की जानी चाहिए और निष्पक्ष जांच के लिए आईजी गढ़वाल राजीव स्वरूप को पद से हटाया जाए।
दरसल यह पूरा मामला रुड़की के गांव सुनेहरा में स्थित बेशकीमती जमीन का है, सन 2०14 में जमीन के मालिक श्याम बिहारी की मृत्यु के बाद से ही प्रवीण वाल्मीकि गैंग इस जमीन को कब्जाना चाह रहा है, इस पूरे प्रकरण की जांच उत्तराखंड एसटीएफ द्वारा की जा रही है। करन महारा का कहना है कि उत्तराखंड में जमीन घोटालों की बाढ़ आ गई है, हरिद्वार के ही एक अन्य प्रकरण में भी बड़े स्तर पर जमीन का घोटाला किया जा रहा है। जिसका खुलासा भी वह बहुत जल्द करेंगे।

