धामी के सारथी बने भगत दा

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पुष्कर के राजनीतिक, प्रशासनिक व निजी गुणों की खोली कुंडली
मोदी-धामी की मजबूती से चमकता उत्तराखण्ड़
भाजपा में जारी ‘महाभारत’ की बरसाती सांझ के बीच कोश्यारी का धामी पर छाता टांग देना बहुत कुछ कह गया
प्रमुख संवाददाता
देहरादून। उत्तराखण्ड में भाजपा के पूर्व मुख्यमंत्री भगत दा ने उत्तराखण्ड के मौजूदा सीएम को राजनीति के पैतरे सिखाये थे कि किस तरह से राजनीति में आगे बढने के लिए एक सफल राजनेता को आगे बढना चाहिए। हमेशा मुख्यमंत्री के साथ खडे होने वाले भगतदा अब एक बार फिर मुख्यमंत्री के सारथी बनकर उनके साथ खडे हैं और उन्होंने मंच से साफ ऐलान किया है कि मोदी-धामी की मजबूती से उत्तराखण्ड चमक रहा है तो वहीं उन्होंने मुख्यमंत्री के राजनीतिक, प्रशासनिक व निजी गुणों की कुंडली भी आम जनमानस के सामने खोलकर रख दी और यह संदेश दे दिया कि मुख्यमंत्री के मन में हमेशा कुछ कर गुजरने का जज्बा शुरूआती दौर से ही रहा है और अब वह एक विजन के साथ चार साल से उत्तराखण्ड को गुलजार करने के लिए रात-दिन एक किये हुये हैं और उन्होंने राज्य में आई आपदा के दौरान आपदा पीडितों का दर्द हरने के लिए जिस तरह से उनके साथ खडे होकर उन्हें आसरा दिया है वह यह बता रहा है कि पुष्कर बडी सोच के राजनेता हैं।
भाजपा में जारी राजनीतिक आपदा के बरसाती मौसम में भगत दा ने आखिरकार अपनी छतरी तान ही दी। भाजपा के महासमर ने अब नयी करवट ले ली। पूर्व सीएम कोश्यारी ने मौजूदा मुख्यमंत्री धामी की जमकर तारीफ की। एक कार्यक्रम में पूर्व राज्यपाल भगत दा ने सीएम धामी के प्रशासनिक,राजनीतिक व निजी गुणों का तफ्सील से वर्णन कर राजनीति के बन्द पन्ने भी फड़फड़ा दिए। राज्य गठन से पहले लखनऊ और अब उत्तराखण्ड में कोश्यारी और धामी का लंबा साथ रहा है। सम्भवतः प्रदेश की राजनीति में यह भी पहला वाकया होगा जब कोश्यारी ने सीएम धामी की चौमुखी तारीफ के पुल बांध दिए। इससे पहले, भगत दा कई मंचों से अपने गुदगुदाने वाले स्टाइल में सीएम धामी पर गाहे बगाहे चुटकियां लेते भी देखे गए हैं। लेकिन एक दिन पूर्व भगत दा बदले बदले नजर आये। बीते कुछ समय से भाजपा के कुछ नेताओं की अपनी ही सरकार पर तल्ख टिप्पणी के बाद कोश्यारी का यह ताजा स्टैंड एक साथ कई संदेश दे गया। इन दिनों, पूर्व सीएम त्रिवेंद्र रावत, तीरथ सिंह रावत, अरविंद पांडे, बिशन सिंह चुफाल,मुन्ना सिंह चौहान ,निशंक के अलावा भाजपा के कुछ और नेताओं के सार्वजनिक व अंदरूनी सनसनीखेज गतिविधियां सुर्खियां बटोर रही हैं। इस बीच, भाजपा में जारी ‘महाभारत’ की बरसाती सांझ के बीच कोश्यारी का सीएम धामी पर छाता टांग देना बहुत कुछ कह गया।
भगत दा ने साफ कहा कि पिछले चार वर्षों में धामी सरकार की उपलब्धियों की लंबी फेहरिस्त है। धामी एक मुख्यमंत्री के तौर पर सफल और लोकप्रिय साबित हुए हैं। उन्होंने कहा कि ये सबसे बड़ी उपलब्धि है कि विपक्षी नेता ही नहीं, बल्कि कार्यकर्ता तक व्यक्तिगत तौर पर सीएम धामी की आलोचना नहीं करते। संस्कृति, साहित्य एवं कला परिषद की ओर से आयोजित विचार गोष्ठी में कोश्यारी ने कहा कि सीएम धामी के व्यवहार में सरलता है। वह जहां सेे भी अच्छे गुण मिलते हैं, उन्हें अंगीकार कर लेते हैं। निर्णयों को लागू करने में यदि सख्ती की आवश्यकता होती है, तो वह इसी अनुरूप पेश आते हैं। लोगों से मिलने, जुलने और संवाद स्थापित करने में उनकी विनम्रता की हर कोई तारीफ करता है। उन्होंने तुलसीदास के एक दोहे का जिक्र करते हुए कहा-तज दे बचन कठोर। राजनीति में मीठा होना बहुत कठिन होता है, लेकिन सीएम धामी को चार वर्षों में कठोर बोलते हुए किसी ने नहीं देखा है। हालांकि, राज-काज चलाने के लिए जहां जरूरी होता है, वह सख्ती बरतते हैं। उन्होंने योजनाओं के सफल क्रियान्वयन और इनमें जनसहभागिता बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर दिया और कहा कि सरकार विकास की राह में तेजी से बढ़ रही है। भगत दा ने खुलकर अपने मन की कहकर जनता व पार्टी को भी काफी कुछ इशारे दे दिए।
भगत दा और उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री पुष्कर ंिसह धामी के बीच एक दशक से जो कैमेस्ट्री देखने को मिल रही है वह किसी से छिपी नहीं है और उत्तराखण्ड के अन्दर हमेशा यही बात उभरती रही है कि जब भी मुख्यमंत्री पुष्कर ंिसह धामी को कोई अपनी रडार पर लेने के लिए आगे आता है तो उत्तराखण्ड के पूर्व मुख्यमंत्री भगत सिंह कोश्यारी उनके सारथी बनकर उनके साथ खडे हो जाते हैं।

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