देहरादून(संवाददाता)। लगातार देर रात से हो रही मूसलाधार बारिश से कार्लीगाड़ गांव सहस्त्रधारा क्षेत्र में बादल फटने से कई दुकानें, मकान, होटल एवं रिजॉर्ट को नुकसान पहुंचा है और दून के मालदेवता व प्रेमनगर के दो पुल टूटने से आवागमन ठप्प हो गया। वहीं सहस्त्रधारा क्षेत्र के मज्याड गांव में अचानक मलवा आने से लोगों के घरों में घुस गया और तबाही ही तबाही मच गई। वहीं राजधानी व आसपास के क्षेत्रों में कई लोगों के घरों, दुकानों में पानी घुस गया और इस दौरान लोगों का काफी नुकसान हुआ है। वहीं बादल फटने से सहस्त्रधारा व मालदेवता इलाके में भारी तबाही हुई है। कई वाहन क्षतिग्रत हो गये और कई मलवे में दब गये, यहां तक जेसीबी भी मलवे में दब गये। यहां रिस्पना, बिन्दाल, तमसा नदी, टोंस, बांदल, सौंग नदी सहित अन्य छोटी-बढ़ी कई नदियों ने अपना कहर बरपाया और नदियों में जलस्तर बढऩे से कहीं स्थानों पर सैकड़ों हेक्टेयर जमीन बाढ़ में बह गई है और तमसा नदी का जलस्तर बढऩे से टपेश्वर मंदिर में पानी घुस गया और वहां पर महादेव की पीतल की प्रतिमा भी तेज बहाव के साथ बह गई। रिस्पना नदी का जल स्तर इतना बढ़ गया कि कंडोली को जाने वाले पुल के ऊपर पानी बहने लगा और पानी के साथ मलवा आने से वहां पर काफी देर तक आवाजाही बंद रही और लोगों के घरों में पानी घुस गया और खाने पीने, बर्तन, पलंग आदि सामान खराब हो गया। एमडीडीए कालोनी, भगत सिंह कालोनी सहित अन्य स्थानों पर भी लोगों के घरों में पानी व मलवा घुसने से काफी नुकसान हो गया।
वहीं सहस्त्रधारा से मालदेवता को जोडऩे वाला पुल क्षतिग्रस्त हो गया जिससे वहां का संपर्क पूरी तरह कट गया। भारी बारिश के चलते जाखन क्षेत्र के कैनाल रोड पर कई गलियों के घरों मे पानी घुस गया और इसका मुख्य कारण कैनाल रोड की सड़क पर बने नाले के भाग को लोगों ने काफी ऊंचा कर दिया है और बन्द भी कर दिया है जिसके कारण पानी सड़क पर बहता हुआ गलियों में आ जाता है एक ओर सड़क का कटान भी करता है। प्रभावित लोगों ने बताया कि इस संबंध में अनेक बार लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों से बात भी की लेकिन उन्होंने अतिक्रमणों को तोडऩे मे अपनी असमर्थता व्यक्त की जिसका खामियाजा क्षेत्रवासी भुगत रहे है। वहीं भारी बारिश से बिन्दाल नदी के उफान पर होने से विजय कॉलोनी, पथरियापीर, बद्रीनाथ कॉलोनी, इंदिरा कॉलोनी, कांवली रोड़, कौलागढ़ के आसपास के क्षेत्रों, भारूवाला ग्रांट सहित अन्य स्थानों पर लोगों के घरों में पानी घुस गया। वहीं बाढ़ ग्रस्त क्षेत्र सुमन नगर राजपुर में पंडित संतोष चंद्र गैरोला का दो मंजिल मकान जमींदोज हो गया और जिलाधिकारी सविन बंसल व एस डी एम हरि गिरी को सूचित कर राहत मुहैया करने के लिए कहा गया है। वहीं भारी बारिश से लोगों की घरों के साथ ही साथ दुकानों में पानी घुसने से सामान खराब हो गया है। प्रेमनगर क्षेत्र में टोंस नदी के जल स्तर के उफान पर होने से पछवादून को जोडऩे वाला पुल क्षतिग्रस्त हो गया है और वहां पर आवाजाही को बंद कर दिया गया है और यातायात को डायवर्ट किया गया है और मालदेवता क्षेत्र में पुल के टूटने से कई गांवों का संपर्क कट गया है और लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, पुलिस व स्थानीय प्रशासन राहत व बचाव कार्य में जुटा हुआ है और प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है।
वहीं राजधानी की प्रमुख चौराहों पर जलभराव की स्थिति रही। भारी बरसात से दून से विकासनगर सड़क मार्ग पर टौंस नदी पर बना पुल ध्वस्त हो गया। पुल के टूटने से आवागमन पूरी तरह से बाधित हो गया है। वहीं दूसरी ओर मालदेवता में पुल टूटने से क्षेत्रवासियों के सामने नया संकट पैदा हो गया है वहीं होटल, मकान व रिसॉर्ट खतरे की जद में आ गये है। वहीं दूसरी ओर सहसपुर थाना क्षेत्र में उफनती नदी के बीच में फंसे पांच लोगों को पुलिस व एसडीआरएफ ने रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर सभी को सुरक्षित बाहर निकालकर बचाया गया। ठाकुरपुर रोड के निकट नदी में फंसे व्यक्ति को सकुशल रेस्क्यू कर बचाया गया। लगातार हो रही भारी बरसात के कारण मसूरी देहरादून मार्ग पर कई स्थानों पर मलवा आने के कारण उक्त मार्ग पूर्ण रूप से अवरुद्ध हो गया है। पुलिस ने देहरादून से विकासनगर की ओर जाने वाले यातायात को पंडितवाड़ी रांगड़वाला तिराहे से तथा विकासनगर से देहरादून की ओर आने वाले यातायात को सिघनीवाला तिराहे से डायवर्ट किया गया। सुरक्षा की दृष्टि से पुल के दोनों ओर पुलिस बल को नियुक्त किया गया है। भारी बारिश के कारण कैंट क्षेत्र में सप्लाई चौक से किमाड़ी, गल्जवाड़ी तथा गजियावाला जाने वाले मार्ग पर घट्टिखोला पुल के पास सड़क का हिस्सा नदी के तेज बहाव के कारण क्षतिग्रस्त हो गया है, जिससे उक्त मार्ग पर यातायात पूर्ण रूप से बाधित हो गया है। कालसी क्षेत्र में कालसी चकराता रोड पर जजरेट में मलवा आने से मार्ग अवरुद्ध है।

