साइबर अपराधियों के खिलाफ एसटीएफ की जंग

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पश्चिम बंगाल के साइबर अपराधी को दबोचा
प्रमुख संवाददाता
देहरादून। उत्तराखण्ड एसटीएफ ने साइबर अपराधियों की नाक में नकेल डालने के लिए लम्बे समय से ऑपरेशन चला रखा है और एक बडे ऑपरेशन में साइबर अपराधियों के मास्टर माइंड को लाखों की ठगी के मामले में कोलकाता से गिरफ्तार किया गया है जिसने एसटीएफ के सामने कई राज बेनकाब किये हैं कि वह किस तरह से वित्तीय सलाहकार का प्रतिनिधि बताकर लोगों को निवेश के लालच में फसाकर उन्हें ब्लैकमेल, धमकी व भय दिखाकर बडी ठगी की घटना को अंजाम देता था। पकडे गये मास्टरमाइंड ने देश के विभिन्न राज्यों में बैंक खाते खोले हुये हैं जिसकी वहां शिकायतें भी दर्ज हैं।
पुलिस कप्तान एसटीएफ नवनीत सिंह द्वारा जानकारी दी गई कि एक प्रकरण देहरादून निवासी द्वारा दिसम्बर 2024 को साइबर थाना देहरादून में दर्ज कराया गया था।जिसमें पीड़ित को जुलाई 2020 में फेसबुक,व्हाट्सऐप के माध्यम से परिचित कराए गए एक कथित वित्तीय सलाहकार तथा उसके सहयोगी एवं अन्य अज्ञात लोगों ने व्हाट्सऐप कॉल, मैसेज एवं विभिन्न मोबाइल नंबरों से संपर्क कर निवेश के बहाने शरूआती रिटर्न देकर विश्वस्त किया और 28 जुलाई 2020 से लेकर 9 अगस्त 2024 तक के दौरान शिकायतकर्ता से अलग-अलग बैंक खातों में कुल लगभग 98,00,000- (अठानबे लाख) के करीब धनराशि जमा करवाई थी। इसके बाद आरोपियों ने न तो उक्त राशि लौटाई और न ही कोई लाभांश दिया बल्कि धमकी व ब्लैकमेल कर के कहा कि पैसा अवैध गतिविधियों (डेटिंग ऐप्स, चुनावी फंडिंग, शेयर बाजार आदि) में उपयोग हुआ है तथा यदि रिपोर्ट किया तो परिवार को नुकसान पहुँचाया जाएगा इस प्रकार व्हाट्सएप नंबर, फर्जी पहचान व तकनीकी साधनों का प्रयोग कर सुनियोजित साइबर ठगी को अंजाम दिया गया ।
पुलिस कप्तान ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए इसकी जांच सौंपी गई। साईबर क्राईम पुलिस द्वारा घटना में प्रयुक्त बैंक खातों, रजिस्टर्ड मोबाइल नम्बरों, व्हाट्सअप की जानकारी हेतु सम्बन्धित बैंकों, सर्विस प्रदाता कम्पनियों, मेटा कम्पनी से पत्राचार कर डेटा प्राप्त किया गया। प्राप्त डेटा के विश्लेषण से प्रकाश मे आये साइबर ठग मृदुल सूर निवासी महेशपुर, थाना इगरा, जिला पूर्वी मिदनापुर, पश्चिम बंगाल के रूप में की गई जो फर्जी प्रोफाइल व अंतरराष्ट्रीय मोबाइल नंबरों उपयोग कर लाखों की साइबर ठगी को अंजाम देने के लिए अलग-अलग नामों से प्रोफाइल व इंटरनेशनल नंबरों का इस्तेमाल किया जाता था इसी क्रम में साइबर ठग मृदुल सूर को फ्लैट नं. ठध्1।, सुकासा टावर, 30 खोलीका कोटा रोड, ईडन पार्क, कोलकाता, पश्चिम बंगाल से गिरफ्तार किया गया व साईबर क्राईम पुलिस स्टेशन द्वारा न्यायालय में उपस्थित कराकर अग्रिम विवेचनात्मक कार्यवाही विधिक प्रावधानों के तहत की गई ।
कप्तान नवनीत ने बताया कि साइबर ठग ने व्हाट्सऐप कॉल, मैसेज और अलग-अलग मोबाइल नंबरों का उपयोग कर शिकायतकर्ता का विश्वास जीता। अज्ञात ने स्वयं को वित्तीय सलाहकार बताकर ऊँचे रिटर्न का लालच दिया और शुरू में कुछ राशि वापस कर भरोसा बढ़ाया। इसके बाद आरोपियों ने निवेश के नाम पर विभिन्न बैंक खातों में बार-बार धनराशि मंगवाई और कुल लगभग 98,00,000- की ठगी की। जब शिकायतकर्ता ने रकम वापसी चाही तो आरोपियों ने धमकी व ब्लैकमेल कर कहा कि पैसा अवैध कार्यों में लग चुका है और परिवार को नुकसान पहुँचाने की चेतावनी दी।
उन्होंने बताया कि प्रारंभिक पूछताछ में यह तथ्य प्रकाश में आया कि इस प्रकरण में आरोपित मृदुल सूर व उसके सहयोगियों अलग-अलग सदस्य वित्तीय सलाहकार, बैंक खाता धारक तथा तकनीकी सहयोगी की भूमिका निभाते थे। गिरफ्तार किया गया साइबर ठग मृदुल सूर भी इसी नेटवर्क का सक्रिय सदस्य है, जिसने अपनी पत्नी के नाम पर बैंक खाता खुलवाकर उसमें प्राप्त ठगी की राशि को स्वयं प्रयोग किया और अन्य खातों में ट्रांसफर किया। उसने स्वीकार किया कि लालच में आकर खाते उपलब्ध कराए और ठगी की रकम एटीएम व ट्रांसफर के माध्यम से निकाली। उत्तराखंड साइबर क्राइम पुलिस टीम की सतत कार्रवाई के परिणामस्वरूप इस प्रकरण में मृदुल सूर की गिरफ्तारी की गयी , जबकि अन्य की तलाश व गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं। एसटीएफ ने साइबर ठग के कब्जे से एक मोबाइल फोन (सिम सहित), जो संबंधित बैंक खाते में उपयोग किया गया था इसके साथ चार चेक बुक, तीन पासबुक, दो एटीएम कार्ड बरामद किये हैं।

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