किसानों के अपमान के विरोध में मुख्यमंत्री आवास कूच

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देहरादून(नगर संवाददाता)। दैवीय आपदा पीडि़त किसानों के अपमान के विरोध में पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत के नेतृत्व में कांग्रेसियों एवं गन्ना किसानों ने एक घंटा उपवास पर बैठकर मुख्यमंत्री आवास कूच किया लेकिन पुलिस ने हाथीबडकला से आगे मंदिर के पास बैरीकैडिंग लगाकर सभी को रोक लिया और इस दौरान पुलिस द्वारा रोके जाने पर कांग्रेसियों एवं किसानों में आक्रोश पनप गया और इस दौरान पुलिस व प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी नोंकझोंक, धक्का मुक्की के बाद कुछ बैरीकैडिंग में चढ गये और बाद में सभी वहीं धरने पर बैठ गये। इससे पूर्व पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत एवं अन्य कांग्रेसी ट्रैक्टर पर बैठकर अपने अपने हाथों में गन्ना लेकर हाथीबडकला के पास पहुंचे और धरने पर बैठ गये।
यहां पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत के नेतृत्व में कांग्रेसियों एवं गन्ना किसानों ने दैवीय आपदा पीडि़त किसानों के अपमान के विरोध में पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत के नेतृत्व में कांग्रेसियों एवं किसानों ने एक घंटा उपवास पर बैठकर मुख्यमंत्री आवास कूच किया लेकिन पुलिस ने हाथीबडकला से आगे मंदिर के पास बैरीकैडिंग लगाकर सभी को रोक लिया और इस दौरान पुलिस द्वारा रोके जाने पर प्रदर्शनकारियों व पुलिस के बीच तीखी नोंकझोंक एवं धक्का मुक्की हुई और बाद में सभी वहीं धरने पर बैठ गये। इस अवसर पर राज्य सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी करने लगे।
इस अवसर पर पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि किसानों की चार सूत्रीय मांगों के समाधान के लिए एवं दैवीय आपदा पीडि़त किसानों के अपमान के विरोध में मुख्यमंत्री आवास कूच किया है और उन्होंने बताया कि 11०० रूपये प्रति बीघा मुआवजा राशि है और किसान इस अपमान को नहीं सहेगा और किसानों की समस्याओं को प्रमुखता के साथ उठाया जायेगा। उन्होंने कहा कि दुनिया में चीनी के बढते बाजार भावों को देखते हुए गन्ने का मूल्य सवा चार सौ रूपये के पार होना चाहिए था लेकिन सरकार ने इस ओर कोई निर्णय नहीं लिया है जिससे किसानों में व्यापक स्तर पर रोष बना हुआ है। उन्होंने कहा कि इकबालपुर चीनी मिल पर किसानों के बकाया भुगतान को लेकर मुख्यमंत्री के साथ ही साथ सरकार ने किसानों के साथ वादाखिलाफी की है। उन्होंने कहा कि जिसे किसी भी दशा में सहन नहीं किया जायेगा।
उन्होंने कहा कि इसके साथ ही साथ बर्बाद हो चुके फसल चक्र के बिजली, पानी के बिल माफ किये जाये लेकिन अभी तक सरकार की ओर से इस दिशा में किसी भी प्रकार की कोई कार्यवाही नहीं की गई है जिससे किसानों में रोष बना हुआ है और किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए व्यापक स्तर पर आंदोलन किया जायेगा। इस अवसर पर पूर्व प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने कहा है कि आज राज्य सरकार लगातार किसानों को बरगलाने का कार्य कर रही है और किसानों का गन्ना खेतों में पडा है और उसका वह उठान नहीं कर रहे है। उन्होंने कहा कि किसानों की आय दोगुना करने की बात सरकार ने की है लेकिन आज तक इस ओर किसी भी प्रकार का कोई काम नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि एक ओर डेंगू से हालत बिगडे हुए है और सरकार भ्रष्टाचार में लिप्त है और गन्ना किसानों के हितों के लिए कोई ठोस पहल नहीं कर रही है जिसकी जितनी निंदा की जाये वह कम है। इस अवसर पर किसान नेता चौधरी सतवीर ने कहा कि आज पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत के आहवान पर मुख्यमंत्री आवास का घेराव करने पहुंचे है और आज तक राज्य सरकार ने किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए कोई कार्यवाही नहीं की है।
उन्होंने कहा कि गन्ने के दाम कम है और उसे और बढाये जाने की जरूरत है। उन्होंने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि लक्सर क्षेत्र में एक भी गन्ना किसान को सहायता राशि प्रदान नहीं की गई है और जिसका किसान लगातार विरोध कर रहे है। इस अवसर पर महिला कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष ज्योति रौतेला ने कहा कि हर जगह जनता व किसानों के साथ ही साथ बेरोजगारों के साथ में कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है और राज्य सरकार द्वारा किसानों एवं जनता की अनदेखी की जा रही है और एक वर्ष से अधिक समय व्यतीत होने के बाद भी अंकिता भंडारी के परिजनों को न्याय नहीं मिल पाया है और जिसके लिए उन्होंने उन्होंने महिला के स्वाभिमान में मुंडन कराया है। उन्होंने कहा कि यह घटना हर युवा व पुरूष को शर्मसार करने वाली रही है लेकिन प्रदेश सरकार ने अभी तक इस ओर ठोस कार्यवाही नहीं की है और जो किसानों को का धनराशि मिल रही है उसे दुगना करके प्रदेश के मुख्यमंत्री व सरकार के मंत्रियों को वापस करने का काम किया जायेगा। उन्होंने कहा कि आज केन्द्र व राज्य सरकार ने हर वस्तु पर टैक्स लगाकर जनता का जीना मुहाल कर दिया है।
इस अवसर पर मुख्य प्रवक्ता गरिमा दसौनी ने कहा है कि किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए कांग्रेस व्यापक स्तर पर आंदोलन चलायेगी। इस अवसर पर अनेक वक्ताओं ने संबोधित किया। इस अवसर पर एसडीएम हरि सिंह के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन प्रेषित किया गया। इस अवसर पर पूर्व मंत्री हीरा सिंह बिष्ट, विधायक ममता राकेश, अनुपमा रावत, पूर्व अध्यक्ष गणेश गोदियाल, पूर्व विधायक मनोज रावत, राजकुमार, मथुरा दत्त जोशी, गरिमा दसौनी, मीडिया पैनलिस्ट सुनीता प्रकाश, पूनम कंडारी, सुशील राठी, सुरेन्द्र कुमार, मीना रावत, नजमा बेगम, विशाल डोभाल, दिनेश सिंह कौशल, मोहन काला, लाखीराम बिजल्वाण, मोहन भंडारी, श्याम सिंह चौहान, राकेश नेगी, चुन्नी लाल ढिंगिया सहित अनेकों कांग्रेसी व गन्ना किसान शामिल रहे।

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