कप्तान ने स्कूल में हुये बवाल पर अपनाया सख्त रूख
स्कूल प्रबंधन पर भी शिकंजा कसने की सुगबुगाहट
प्रमुख संवाददाता
देहरादून। सेलाकुई में स्थित दून बिजनेस स्कूल में एक छात्र के साथ रैगिंग का मामला सामनेे आने पर स्कूल में भूचाल मचा और इस कथित रैगिंग के बाद पीडित छात्र के साथ हुये इस अन्याय के खिलाफ काफी छात्रों ने स्कूल के अन्दर हंगामा तोडफोड और बवाल मचाया तथा सरकारी काम में बाधा पहुंचाई। इस मामले में उस समय हलचल मच गई जब एक युवक के साथ हुये अन्याय की वीडियो वायरल हुई तो पुलिस कप्तान के सख्त रूख के बाद सेलाकुई पुलिस ने खुद मामले का संज्ञान लेते हुए मुकदमा दर्ज कर दिया और अब पुलिस कप्तान ने कहा है कि किसी भी संस्थान व कॉलेज के अन्दर रैगिंग या झगडे की बात सामने आती है तो उनका कर्तव्य है कि वह पुलिस को बताये जिसके बाद पुलिस को वहां तैनात किया जाये जिससे कि वहां कोई भी हादसा न हो पाये। उन्होंने कहा कि जिस छात्र ने वीडियो वायरल की है उससे अभी उसका पुलिस से कोई सम्पर्क नहीं हो पाया है और अगर वह पुलिस को शिकायत देगा तो उसके बाद और धाराओं में मुकदमा दर्ज किया जायेगा।
मिली जानकारी के अनुसार बीती रात सेलाकुई में स्थित दून बिजनेस स्कूल में सैकडों छात्रों द्वारा वहां तोडफोड और बवाल किये जाने की खबर जैसे ही पुलिस को लगी तो मौके पर पुलिस पहुंची लेकिन वहां छात्र काफी बवाल और तोडफोड कर रहे थे जिसके बाद पुलिस ने उन्हें समझाने का प्रयास किया और वह नहीं माने और उन्होंने पुलिसकर्मियों के साथ भी अभद्रता की और बाधा डाली और काफी हंगामे के बाद वह वहां से चले गये थे। इस वारदात की खबर जैसे ही पुलिस कप्तान अजय सिंह को लगी तो उन्होंने तत्काल सेलाकुई थाना प्रभारी को अज्ञात में हमलावरों के खिलाफ मुकदमा कायम करने के आदेश दिये और उसके बाद पुलिस ने अज्ञात में हमलावरों के खिलाफ संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज किया। बताया जा रहा है कि दो-तीन दिन पूर्व कॉलेज के एक छात्र के साथ रैगिंग का मामला तूल पकडा था और एक छात्र ने वीडियो वायरल किया जिसके बाद कॉलेज के सैकडों छात्रों में काफी आक्रोश भडक गया था जिसके बाद उन्होंने इस घटना से आक्रोशित होकर कॉलेज के अन्दर तोडफोड व बवाल किया था। कॉलेज प्रशासन ने इस मामले पर पर्दा डालकर रखा और कहीं न कहीं वह इस मामले की गुप्त रूप से जांच कर रहे थे कि यह मामला रैगिंग का है या फिर मारपीट का। हालांकि इस मामले को कॉलेज प्रशासन ने पुलिस के सामने नहीं रखा जिसके चलते सैकडों छात्रों ने अपने एक साथ हुई कथित रैगिंग की घटना से आक्रोशित होकर कॉलेज में तोडफोड कर वहां का माहौल खराब कर दिया था। कॉलेज प्रशासन ने जिस तरह से रैगिंग या छात्र के साथ हुई मारपीट की घटना को लेकर गोपनीय जांच के बारे में पुलिस को अंधेरे में रखा उससे कॉलेज के अन्दर छात्रों में हुये युद्ध पर पुलिस कप्तान बेहद सख्त रूख अपनाये हुये हैं और कॉलेज प्रशासन की भूमिका को भी उन्होंने अपनी जांच में शामिल किया है जिससे सम्भावना व्यक्त की जा रही है कि स्कूल प्रशासन पर भी पुलिस कार्यवाही कर सकती है?
