देहरादून(संवाददाता)। ऐसा नही की दो हजार बाइस विधान सभा चुनाव में सिर्फ भाजपा में ही भितरघात हुआ हो कांग्रेस में भी एक दूसरे से बड़ा बनने की होड़ ने अंदर खाने विरोधी खेमें सक्रिय हो गुप-चुप तरीके से अपना काम करते रहे,आशंका यहां तक है कि चुनाव में सत्ता विरोधी करंट होने के बाबजूद भी,आंतरिक विरोधी भितरघाती कोई बड़ा नुकसान न करवा दे आलाकमान को इसकी चिंता सता रही है। चुनावी समर मे अंदर खाने साथ देने के बजाय पार्टी को भितरघात से कमजोर करने में जुटने वाले नेताओं की कमी नही थी। कुछ टिकट न मिलने और कुछ गुटीय राजनीति के चलते ऐसा करते दिखाई दिए। हालांकि इस बार कांग्रेस में खुलकर कोई विरोधी सामने नही आया। प्रदेश में इस समय कांग्रेस के तीन बड़े स्तंभ है। पूर्व सीएम हरीश रावत जो चुनाव कैपेन कमेठी के मुखिया थे,दूसरे पार्टी के अध्यक्ष गणेश गोदियाल व तीसरे पूर्व अध्यक्ष नेता प्रतिपक्ष प्रीतम सिंह। प्रीतम सिंह की सीट पर पार्टी का कोई बड़ा नेता नही है। जो उनकी परेशानी बढ़ाए। भाजपा ने भी इस सीट पर नए चेहरे को सामने लाकर उनकी चुनौती को कम किया है। उनकी सीट पर भितरघात की उम्मीद कम है। लेकिन लालकुआं सीट से चुनाव लड़ रहे कांग्रेस के कदावर नेता पूर्व सीएम हरीश रावत के खिलाफ बागी संध्या डालाकोटी निर्दलीय मैदान में है जो रावत की परेशानी है। वही श्रीनगर से चुनाव मैदान में कांग्रेस पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल भले ही सबको साथ लेकर चलने का दम्ब भार रहो हो लेकिन उनको भी चुनाव में संगठन विरोधी तत्वो से दो चार होना पड़ा भितरघात की आशंका ज्यादा है। जबकि भाजपा में खुलकर भितरघात की बातें सामने आने लगी है। नेता एक दूसरे पर आरोप प्रत्यारोप शुरू कर चुके है। मतगणना के साथ ही कांग्रेस में भी यही सब देखने को मिल सकता है। कांग्रेस के आंतरिक सूत्रों की माने तो पार्टी के कुछ लोग अपने पीसीसी अध्यक्ष और पूर्व सीएम के खिलाफ इस चुनाव में बैक डोर से काम कर रहे थे जिनकी जानकारी प्रदेश कांग्रेस कमेटी को है। कुछ लोगो ने पार्टी हाईकमान तक भितरघात की शिकायतें पंहुचाई है।
कुछ गुप्त ऑडियो,वीडियो भी आलाकमान को भेजे गए है। चुनाव समाप्ति के बाद जिस तरह से भाजपा के लक्सर विधायक व वर्तमान में पार्टी के उम्मीदवार संजय गुप्ता ने अपने ही प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक पर उनको चुनाव हरवाने के आरोप लगाये है वह बेहद गंभीर है। अकेले गुप्ता ही नही। काशीपुर के बिधायक और वर्तमान प्रत्याशी हरभजन सिंह चीमा हो यह फिर चंपावत के विधायक कैलाश गहतोड़ी इन सब ने कुछ पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं पर पार्टी प्रत्याशी के विरोध में माहौल बनाने,मतदान करवाने के आरोप तक लगा दिए। भाजपा में जिस प्रकार से खुलकर भितरघात की बातें सामने आ रही है उससे अनुशासन प्रिय होने का दावा करने वाली पार्टी असहज हो गई हैं।आलाकमान ने प्रदेश नेतृत्व से इस सबकी रिपोर्ट तलब की है।
