संवाददाता
देहरादून। हर साल विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्र के नागरिको को मतदान की अहमियत बताने के लिए हर साल विश्व मतदाता दिवस मनाया जाता है। चुनाव से पहले मतदान के प्रति जागरूकता के लिए अनेक कार्यक्रम भी होते है इस सबके बाबजूद भी मतदान प्रतिशत बढ़ता दिखाई नही दे रहा है। अभी हाल ही में हुए उतराखण्ड बिधान सभा चुनाव के मतदान आंकड़ों पर गौर करें तो राज्य का औसत मतदान सत्तर प्रतिशत का आंकड़ा भी नही छू पाया।
कम मतदान से मतदाता की बेरुखी साफ झलक रही है। प्रदेश में अठाइस लाख मतदाताओं ने इस बार अपने मताधिकार का प्रयोग ही नही किया। पहाड़ी राज्य उतराखण्ड की बात करें तो अलग राज्य के रूप में अस्तित्व में आने के बाद से अब तक हुए बिधान सभा चुनाव में हर बार मत प्रतिशत में अंतर तो देखने को मिला। लेकिन बम्पर मतदान हुआ हो ऐसा जारी चुनाव आयोग के आंकड़ों को देख कहा नही जा सकता।
