अल्मोडा(संवाददाता)। देश के प्रधानमंत्री ने अल्मोडा की धरती पर साफ संदेश दिया कि जो यह दावा करते हैं कि पहाड का पानी और पहाड की जवानी उत्तराखण्ड के काम नहीं आती उन्हें वह बताना चाहते हैं कि वह ठीक इसके विपरीत काम करेंगे और राज्य में पहाड का पानी और पहाड की जवानी दोनो उत्तराखण्ड के लिए काम आयेगी और प्रदेश के सीमावर्ती बॉडर पर सैकडों सैनिक स्कूल खोले जायेंगे जिससे राज्य में सीमावर्ती इलाको से हो रहा पलायन भी रूकेगा।
प्रधानमंत्री ने मंच से ऐलान किया कि पहाड का पानी और जवानी अभी तक काम नहीं आती है लेकिन हमने इसे उलट कर दिया है अब पहाड का पानी और जवानी दोनो काम आयेगी। उनको तैयार करने के लिए सैनिक स्कूलों का निर्माण किया जा रहा है हमारे युवा नौजवान ऊचे पदों पर जाने की क्षमता रखते हैं और इसको देखते हुए देश के नौजवानों के लिए बडा काम होने वाला है गांवों से जो पलायन हो रहा है उसको रोकने में पर्यटन का वहां आना-जाने के लिए काम करने वाले हैं। कुमांऊ को तो वैसे भी मन्दिर का स्थान कहते हैं यहां की खूबसूरती यहां की प्रतिभा किसी दैवीय शक्ति से कम नहीं है।
पहले एक वैक्सीन को लगाने के लिए चालीस-चालीस साल लग जाते थे। ये ही लोग कहते थे कि पहाडों पर सडकें बनाने आसान नहीं है इसलिए यहां तो ऐसा ही चलना पडता है लेकिन आज उत्तराखण्ड में आज चारो धाम को जोडने के लिए आल वेदर रोड का काम चल रहा है वहीं आज पहाडों पर रेल भी पहुंच रही है ऋषिकेश कर्णप्रयाग परियोजना का काम तो चल ही रही है और टनकपुर-बागेश्वर में आने वाले समय में रेल का सपना साकार होगा और हमी पूरा करेंगे। इस परियोजना के बारे में सबसे पहले अंग्रेजों के समय में सोचा गया था लेकिन अंग्रेजों ने भी कुछ नहीं किया बाते की, कांग्रेस ने भी कुछ नहीं किया बाते की, लेकिन हमने तय किया है इन सपने को साकार करेंगे बस आपका आशीर्वाद चाहिए उत्तराखण्ड का आशीर्वाद चाहिए। अब बीजेपी सरकार कुमांऊ क्षेत्र के लिए रेल परियोजना पर काम कर रही है दिल्ली आने जाने के लिए देहरादून दिल्ली एक्सप्रेस वे बनने जा रहा है इससे समय घटेगा और विकास बढेगा और इसलिए बडे आत्मविश्वास से कहता हंू मैं इस इलाके से परिचित हंू विशेष नाता रहा है आपकी ताकत को जानता हंू सामर्थ को जानता अपनी नेक नियत को जानता हंू देशभक्ति जो भरी है उसको जानता हंू। यह दशक उत्तराखण्ड का दशक है। डबल इंजन की सरकार के लिए उत्तराखण्ड का विकास सर्वे प्राथमिकता है। हमने उत्तराखण्ड को ही विशेष ध्यान रखते हुए एक योजना बनाई है पर्वत माला परियोजना बनाई है। पहले किसी ने कोई योजना बनाई है लेकिन हमने बनाई है हम कितने एमपी है कितने नहीं है इसके आधार पर नहीं चलते हैं हमें एक नागरिक की चिंता करना हमारा कर्तव्य बढा देता है। आधुनिक सडकों और रेप-वे भी बनाये जायेंगे इसका लाभ स्थानीय लोगा को तो होगा ही इससे सीमा में डटे सुरक्षा जवानों को भी होगा। यह सरहद राज्य हैं यहां का परिवार देश के हर कोनो में जहां जरूर पडे अपने मातृभूमि के लिए बलिदान हो जाता है। लेकिन अभी तक अनदेखा किया है। मैं यह घोषणा नहीं कर रहा बजट रखा गया है चर्चा की गई है। अजय टम्टा ने बडे विस्तार से इसके बारे में समझाया है। हम सीमावर्ती गावं के बारे में कितना बारीकी से विचार मंथन किया है इसको लेकर सदैव सजग रहे हैं।
