बलिदान व देश सेवा का मूल्य नहीं समझती कांग्रेस

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श्रीनगर गढ़वाल/ देहरादून(संवाददाता)। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने चारधाम की रक्षक देवी मां धारी देवी, कमलेश्वर महादेव की ईपावन धरती का मेरा दाणां सयाणा, दीदी भुलिया, भुला भौजियों थे मारौ सिमान्या मारौ प्रणाम। आशा करण आप कुशल मंगल हौला। जय बदरी विशाल, जय केदार से शुरूआत की। वर्चुअल रैली से आपसे मिलता था दिल्ली में होता था तब मन उत्तराखंड के लिए ही लगा रहता था।
यहां विजय संकल्प सभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि अबकी बार बाबा केदारनाथ, बदरीनाथ इच्छा पूरी करेगी और इलेक्शन कमीशन व मौसम ने मुझे आपके बीच आने व आपके दर्शन करने का सौभाग्य दिया। और आपके दर्शन करने का सौभाग्य रहा। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड से पुराना नाता है और कितना मेरा देवभूमि से लगाव कितना है। 2०19 में चुनाव के अंतिम क्षण में चल रहा था और वहां पर मतदान होना था काशी में, देवभूमि की माटी को माथे लगाने का मन बनाया और बाबा केदार ने पुकारा मैं यहां चला आया और चुनाव के मैदान में भी और खुद का चुनाव होने के बावजूद भी आपके बीच चला आया और देवभूमि के प्रति मेरी भक्ति व मेरा लगाव है और देवभूमि व वीर भूमि है इससे ऊर्जा मिलती है और प्रेरणा मिलती है और मां गंगा, तीलू रौतेली, पन्ख्या दादा, माधो सिंह भंडारी आदि से प्रेरणा पाने वाली धरती और लोगों को आदर पूर्वक प्रणाम करता हूं। उन्होंने कहा कि कल ही भाजपा ने अपना संकल्प पत्र जारी किया और इस दशक को उत्तराखंड का दशक बनाने मं बहुत बडी भूमिका निभायेगा। राज्य के विकास, युवाओं, महिलाओं, किसानों सभी के लिए नये संकल्प लिये गये है। गरीब बहनों ताकत देने का समाधान है। जिला मेडिकल कालेज या उसके जैसी सुविधा देेने का संकल्प है और कृषि क्षेत्र में किसानों को सुविधायें दी जायेगी और नये उद्योगों के लिए रोजगार के हजारों नये अवसरों को रास्ते खोलने का कार्य संकल्प लेकर व्यक्त किया।
उन्होंने राज्य के हैरिटेज को बचाने के लिए धामीजी व उत्तराखंड भाजपा की टीम को शुभकामनायें देता हूं। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड के लोगों ने हमेशा सजग प्रहरी की तरह देश की रक्षा की। पौडी गढवाल के वीर स्वर्गीय जनरल विपिन सिंह रावत ने देश को सिखाया कि लोगों में पहाड जैसा साहस और हिमालय जैसी सोच भी होती है। उन्होंने कहा कि मेरे मन में एक तकलीफ थी जिक्र इसलिए करना पड रहा है और कांग्रेस पार्टी ने स्वर्गीय सीडीएस जनरल विपिन रावत के कटआउट लगाकर वोट मांग रही है और कुर्सी के किस सीमा तक जा सकता है विश्वास नहीं हो रहा है और राज्य के लोग कभी भूल नहीं सकते है और सेना को लेकर इन लोगों का रवैया कैसा रहा है।
उन्होंने कहा कि सेना से सर्जिकल स्ट्राइक की यह लोग सेना पर सवाल उठाये और दिल्ली के नेताओं ने सेना से सबूत मांगे थे और पहला सीडीएस बनाये जाने पर सियासत की और सड़क का गुंडा तक कहा था। इन लोगों की नफरत वोट के लिए जनरल रावत का सियासी इस्तेमाल कर रहे है और उन्हें जवाब देने की जिम्मेदारी उत्तराखंड के लोगों की है। उन्होंने कहा कि इन्हें जवाब देंगें करारा जवाब देंगें जनता से पूछा।
उन्होंने कहा कि जिनकी सोच केवल सत्ता के सुख तक सीमित हो वह बलिदान व देश सेवा का मूल्य नहीं समझते। इतने सालों तक सत्ता में रहे और वन रैंक वन पेंशन की केन्द्र सरकार ने लागू की। यह भी भाजपा सरकार ही है जो देहरादून से उत्तराखंड के शहीदों के सम्मान में सैन्य धाम बना रही है। उत्तराखंड चार धाम सदियो से है और पांचवां धाम है सैन्य धाम भी है। उत्तराखंड का गौरव उन लोगों की समझ में नहीं आयेगा जो सेना व लोगां का मजाक उडाते है। अटल ने महत्वपूर्ण निर्णय लिया राज्य के लोगों व भाजपा ने मिलकर पूरा किया। राज्य के स्वर्णिम भविष्य के सपने भी मिलकर देखे।
उन्होंने कहा कि अच्छी सडके, शिक्षा स्वास्थ्य की आधुनिक सुविधायें, युवाओं का भविष्य बेहतर बने सहित अनेक संकल्प मिलकर लिये। दुर्भाग्य से इस प्रदेश की कमान उनके हाथों में चली गई कि राज्य को अस्तित्व मं आने से रोक दिया था और जन्म भी रोक दिया और सपनों को कुचलने में कोई कोर कसर नहीं छोडी। उन्होंने कहा कि सरकार कांग्रेस की थी तो डबल ब्रैक लगाकर पीछे धकेलने का काम किया। 2०14 में दिल्ली वाला ब्रेक हटा और देहरादून का ब्रेक लगा रहा और 2०17 में हटा दिया और डबल इंजन की सरकार काम पर लग गई। डबल इंजन सरकार ेन इतना काम किया है ब्रेक लगाने वालों को वही वायदे कर रहे है जब यह सत्ता में थे तो चार धाम की याद नहीं आई और उन्हें भी ाचार धाम की याद कयों आ रही है और कुर्सी हाथ लगने का। आस्था व जन संकल्प हमारा समर्पण हे। केदार धाम में 2०17 में पुर्नविकास के काम शुरू किये और ज्यादातर परियोजनायें पूरी हो गई और बदरीनाथ में भी काम तथा साढे 12 हजार करोड से परियोजनायें चल रही है और इसका लाभ राज्य को मिलेगा।

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