नशा तस्कर पर कप्तान भट्ट का शिकंजा

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नैनीताल(संवाददाता)। जनपद के पुलिस कप्तान की जिस इलाके में भी तैनाती होती है वह सबसे पहले नशा तस्करों का नेटवर्क भेदने के लिए खुद मैदान में आगे उतर आते हैं और राज्य के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी पुलिस कप्तान को मिशन सौंप रखा है कि युवा पीढाी को मौत के दलदल में धकेलने वाले नशा तस्करों को एक-एक कर सलाखों के पीछे पहुंचाया जाये और यही कारण है कि पुलिस कप्तान ने नशा तस्करों का नेटवर्क भेदने के लिए अपनी समूची ताकत लगा दी है और समस्त इलाके की पुलिस व एसओजी ने अपने खुफिया तंत्र के सहारे नशा तस्करों का नेटवर्क चूर-चूर करने के लिए ऑपरेशन चला रखा है और इस ऑपरेशन में अब तक करोडो रूपये का नशा बरामद कर बडे-बडे तस्करों को सलाखों के पीछे पहुंचाया गया है। पुलिस कप्तान को जब एक बडे नशा तस्कर के बारे में गोपनीय सूचना मिली तो उन्होंने पुलिस व एसओजी टीम को चैकिंग के लिए मैदान में उतारा और जैसे ही सुभाष नगर बैरियर पर पुलिस ने चैकिंग की तो उन्होंने उत्तर प्रदेश रामपुर के एक बडे नशा तस्कर को लाखों रूपये की स्मैक के साथ गिरफ्तार किया और उससे यह पता लगाया जा रहा है कि वह यह स्मैक कहां से खरीद कर लाया था और नैनीताल में उसने इसकी डिलीवरी कहां देनी थी।
पुलिस कप्तान पंकज भट्ट ने पत्रकारों से रूबरू होते हुए बताया कि नशा तस्करों को पकडने के लिए एसपी सिटी, सीओ, लालकुंआ पुलिस व एसओजी टीम को मैदान में उतारा हुआ है और इसी के चलते पुलिस व एसओजी टीम ने सुभाष नगर बैरियर लालकुऑ पर चैकिंग के दौरान एक व्यक्ति आलीम निवासी मोहल्ला नया गांव थाना मिलक जिला रामपुर उ०प्र० को दबोचा तो उसके पास से 262 ग्राम स्मैक बरामद हुई जिसकी कीमत लगभग 26 लाख रूपये है।
पुलिस कप्तान ने बताया कि नशा तस्कर ने पूछताछ में बताया गया कि वह टेलरिगं (कपडे सिलाई का काम करता हूँ) उसकी दुकान मिलक रामपुर मे है तथा आर्थिक रुप से गरीब हूँ टेलरिगं का काम नही चल रहा था पैसा कमाने के चक्कर में मैं स्मैक के धन्धे में आ गया । वह अपने मौहल्ले के इसरार नामक व्यक्ति से लेकर आता था उसे मै लालकुआं तथा हल्द्वानी क्षेत्र मे स्मैक पीने वालो ग्राहको के स्पलायरो को बेचता हूँ । आज वह स्मैक बेचने लालकुआं ध्हल्द्वानी जा रहा था कि पुलिस टीम ने मुझे पकड लिया। पुलिस कप्तान पंकज भट्ट ने बताया कि नशा तस्कर का अपराधिक इतिहास पता किया जा रहा है और नशा तस्कर को पकडने वाली पुलिस टीम को डीआईजी ने दस हजार रूपये व उन्होंने पुलिस टीम को पांच हजार का ईनाम दिया है। उन्होंने साफ कहा कि जब तक एक-एक नशा तस्कर सलाखों के पीछे नहीं पहुंच जाता तब तक जनपद में नशा तस्करों के खिलाफ ऑपरेशन जारी रहेगा।

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