रायपुर की जनता बदलाव के मूड में

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देहरादून(संवाददाता)। रायपुर बिधान सभा सीट की बात करे तो दो हजार बाइस में यहां की जनता बदलाव चाहती है,राजनैतिक परिवर्तन की पक्षधर है। दिन प्रतिदिन बदलते समीकरण इसी ओर इशारा कर रहे है।पिछली बार के विजेता भाजपा उम्मीदवार उमेश शर्मा के लिए सीट निकाल पाना आसान नही है। कांग्रेस के मजबूत स्तंभ हीरा सिंह बिष्ठ प्रतिद्वन्दी के रूप में चुनाव मैदान में है। उमेश शर्मा का सीधा मुकाबला उंन्ही से है। उमेश के पूर्व दिनों भाजपाइयो के साथ जैसे सम्बन्ध रहे वह किसी से छुपे नही है। कार्यकर्ता बडे नेता भी उनसे नाखुश है। हालांकि उमेश शर्मा सब कुछ ठीक होने का दावा कर रहे है। कुछ भाजपा पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं ने नाम न छपाने की शर्त पर बताया कि विधयाक न उनको साथ लेकर चल रहे और न ही उनको कोई पूछ रहा। गुस्साए अंदाज में नाराज भाजपाई कहते है हमने भाजपा संगठन को मजबूत बनाया,सालो से झंडे डंडे उठाये है अपनी बेजति कैसे सह सकते है। रूठे भाजपाई दूसरे को वोट देने का मन बना चुके है ऐसा उंन्होने बताया। चुनाव तिथि नजदीक आते ही रोज बदलते राजनैतिक समीकरण से लगता है की हर रोज भाजपा यहां से कमजोर और कंगर्स मजबूत होती दिखाई दे रही है। रायपुर सीट की बात करे तो साल दो हजार आठ के परिसीमन के बाद अस्तित्व में आई इस सीट पर दो हजार बारह में उमेश शर्मा उनत्तीस हजार नौ सौ वोट लाये थे तब वे कांग्रेस के उम्मीदवार थे, जबकि त्रिबेन्द्र को उनत्तीस हजार चार सौ छब्बीस वोट ही मिल पाए त्रिबेन्द्र रावत मात्र चार सौ चवत्तर वोट से हार गए थे। दो हजार सत्रह चुनाव से पहले दलबलकर भाजपाई हुए काऊ को भाजपा ने इस सीट से अपना प्रत्याशी बनाया। मोदी लहर के चलते पूरी भाजपा उनके साथ थी उंन्हे सत्रह चुनाव में उनसठ हजार सात सौ चौसठ मत जबकि कांग्रेस के प्रभु बहुगुणा को बाइस हजार नौ सौ तेरानब्बे मत,निर्दलीय रजनी रावत को साढ़े सात हजार निर्दलीय महेंद्र नेगी को सत्ताईस सौ के लगभग वोट पड़े थे उमेश को विजय मिली। लेकिन इस बार न मोदी लहर है और न भाजपा का पूरा साथ। बड़े से लेकर छोटे भाजपाई सब अलग राह पकड़े हुए है।
वही प्रतिद्वन्दी भी हीरा सिंह बिष्ठ है जो कि राजनीति के मास्टर माने जाते है और रायपुर में उनकी मजबूत पकड़ है,प्रभु बहुगुणा और भाजपा के पूर्व नेता महेंद्र नेगी जो अब कांग्रेसी हो गए है उनके साथ खड़े है। हालांकि रायपुर सीट से आम आदमी पार्टी ने भी नवीन पिरशाली पर दांव खेला है। यूकेडी के अनिल डोभाल भी मैदान में है।शहर से लगी इस बिधान सभा सीट में मालदेवता से लेकर अधोइवाला,अजबपुर,डिफेंस कालोनी,केदार पुरम नेहरू कालोनी सहित पर्वतीय और अर्ध शहरी क्षेत्र भी आते है मलिन बस्तियों भी है जो निर्णायक होते है।

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