देहरादून(प्रमुख संवाददाता)। उत्तराखण्ड में पूर्व मुख्यमंत्री भुवन चन्द खण्डूरी से हमेशा उत्तराखण्ड के सैनिकों व पूर्व सैनिकों ने अपना समर्थन दिया और वह खण्डूरी के सेना प्रेम को देखते हुए हमेशा उन्हें जीत की राह पर आगे ले जाते थे और अब सैनिक पुत्र पुष्कर ंिसह धामी के सैनिक प्रेम को देखते हुए राज्य के सैनिक व पूर्व सैनिक विधानसभा चुनाव में भाजपा को एक बडा आसरा देकर उनकी जीत का सफर आगे बढायेंगे ऐसी उम्मीद भाजपा के दिग्गज नेताओं के मन में है और उनका मानना है कि देश के प्रति जिस तरह प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी हमेशा बडे-बडे फैसले करते आये हैं और राज्य के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी बार-बार सैनिकों के कैम्पों में जाकर उनके साथ देशप्रेम का जज्बा दिखा रहे हैं वह धामी के लिए इस चुनावी अभियान में एक बडा वरदान बन सकता हैै।
राज्य देवभूमि के साथ साथ वीर भूमि भी है। राज्य में सैनिक वोटों की खासी संख्या है। राज्य में 15: सेवारत तथा सेवानिवृत्त वोट है। राज्य की 34 विधानसभाओ में अच्छा खासा प्रभाव रखते है। राज्य में सैनिक व उनके परिवारों के लगभग 15 लाख से अधिक मतदाता है जो सभी दलो के लिए मजबूत हो सकते है। यही वजह है कि सभी दल इन्हें लुभाने के लिए एडी चोटी का जोर लगाते हुए नजर आते है। लेकिन भाजपा के पक्ष में अभी तक सैनिक वोट करता आया है, क्योंकि स्वच्छ छवि के खंडूड़ी ने सबको बाँधे हुए रखा,लेकिन अब यह वोट बैंक भी खिसकता नजर आ रहा था लेकिन युवा मुख्यमंत्री पुष्कर सिह धामी व प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सैन्य धाम की स्थापना कर इसे अपने पाले में कर दिया जो धामी की पहली जीत है। बेशक इस बार भाजपा ने किसी पूर्व सैनिक को टिकट नही दिया फिर भी वे धामी को खंडूड़ी का अंश देखते है। सबसे ज्यादा प्रफुल्लित तब हुए जब धामी ने बिना किसी राग लपेट के हरक सिंह रावत को पार्टी से चलता किया ओर आज जो स्थिति ठाकुर नेता हरक सिंह रावत की है वह सभी के समक्ष ही है।
