ऋषिकेश(संवाददाता)। धर्म और अध्यात्म की नगरी देवभूमि ऋषिकेश में मंगलवार को मौनी अमावस्या के दिन श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। नगर की हद्वय स्थली त्रिवेणी घाट पर सुबह ही भक्तों की भीड़ उमडऩी शुरू हो गई थी। खिली सुनहरी धूप के बीच श्रद्वालुओं ने आस्था की डुबकी लगाकर पुण्य अर्जित किया।
कोविड काल में सुरक्षा के लिहाज से गंगा घाट पर पुलिस प्रशासन ने हर आवश्यक बंदोबस्त किए थे।मौनी अमावस्या के पवित्र स्नान के लिए श्रद्धालु तड़के से ही पहुंचने लगे थे।दिनभर स्नान और दान पुण्य का सिलसिला अनवरत चलता रहा।उल्लेखनीय है कि मौनी अमावस्या पर मौन रहकर स्नान और दान करने का विशेष महत्व है। इस दिन मौन रहने का अलग महत्व है। मौनी अमावस्या के बारे में कहा जाता है कि इस दिन मनु ऋषि का जन्म हुआ था। मनु शब्द से ही मौनी की उत्पत्ति हुई है, इसलिए इस अमावस्या को मौनी अमावस्या कहा जाता है। पितृ दोष से मुक्ति पाने के लिये इस तिथि का विशेष महत्व होता है, क्योंकि इस तिथि को तर्पण, स्नान, दान आदि के लिये शास्त्रों में बहुत ही पुण्य फलदायी माना गया है।
