केन्द्र सरकार रक्षा मामलों के हर मोर्चे पर फेल साबित

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देहरादून(संवाददाता)। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के महासचिव व मीडिया प्रमुख रणदीप सिंह सुरजेवाला ने कहा है कि केन्द्र की भाजपा सरकार ने सैनिकों व पूर्व सैनिकों के हितों के साथ खिलवाड़ किया है और वन रैंक वन पेंशन को वन रैंक पांच पेंशन बना दिया है। उन्होंने कहा कि देश की सेना व सैनिकों से बड़ा कोई नहीं है। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार रक्षा मामलों में हर मोर्चे पर फेल साबित हुई है।
यहां राजपुर रोड स्थित एक होटल में कांग्रेस ने सैनिकों व पूर्व सैनिकों से अनदेखी से जुड़ी पुस्तिका का विमोचन करने के बाद पत्रकारों से रूबरू होते हुए उन्होंने कहा कि भाजपा ने चाहे वीर बांकुरों, सैनिकों का शौर्य, सेना व पैरामिलिट्री का वोट के लिए इस्तेमाल किया है और लेकिन उनके हितों के लिए किसी भी प्रकार की कोई कार्य नहीं किया है। उन्होंने कहा कि वन रैंक वन पेंशन पर सैनिकों के साथ धोखा किा है और इसे वन रैंक पांच पेंशन बनाकर रख दिया है और केन्द्र में जब कांग्रेस की सरकार थी तो तब तीन बार पूर्व सैनिकों का पेंशन बढ़ाया गया।
उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की देवभूमि के रणबांकुरों के पराक्रम और शौर्य की गाथा तो इतिहास के पन्नों पर अंकित है। उन्होंने कहा कि विक्टोरिया क्रॉस विजेता दरवान सिंह नेगी व गब्बर सिंह नेगी हो, महावीर चक्र विजेता रायफलमैन जसवंत सिंह रावत व राजेश सिंह अधिकारी हो, नौ सेना प्रमुख एडमिरल देवेन्द्र कुमार जोशी, देश के पहले सीडीएस व सेना प्रमुख स्वर्गीय जनरल विपिन रावत हो और देशक े एक और सेना प्रमुख स्वर्गीय जनरल बिपिन चन्द्र जोशी, शहीद मेजर चित्रेश बिष्ट व शहीद मेजर विभूति शंकर ढौढियाल हो हजारों लाखों सैनिक व सेना अफसर देश का इतिहास उत्तराखंड के वीरों के शौर्य से सुशोभित है।
उन्होंने कहा कि सेनाओं में 1,22,555 पद खाली है और देश की सुरक्षा से नाकाबिले माफी समझौता है और उन्होंने कहा कि 13 दिसम्बर 2०21 को रक्षा मंत्रालय ने संसद को बताया कि तीनों सेनाओं में 1,22,555 पद खाली पड़े है और जिसमें से लगभग 1० हजार पद सैन्य अधिकारियों के खाली है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार ने सन 2००4 से 2०12 के बीच तीन बार भूतपूर्व सैनिकों की पेंशन बढ़ाई जिससे उन्हें सात जार करोड रूपये का अतिरिक्त आर्थिक फायदा हुआ ओर वर्तमान केन्द्र सरकार ने वन रैंक वन पेंशन पर 3० लाख पूर्व सैनिकों से धोखा किया है और वन रैंक वन पेंशन को वन रैंक पांच पेंशन बना दिया है।
उन्होंने कहा कि जब भी हम अपनी सेनाओं को याद करते हैं, तब-तब हमारा मस्तक गर्व से ऊंचा हो जाता है। उन्होंने कहा कि मगर केेन्द्र की नरेन्द्र मोदी सरकार और भाजपा एक तरफ तो सेना की कुर्बानी और शौर्य का इस्तेमाल अपने राजनैतिक स्वार्थों की पूर्ति के लिए करते हैं, और दूसरी ओर सेना और सैनिकों के हितों पर कुठाराघात करते हैं।
उन्होंने कहा कि 17 फरवरी 2०14 को कांग्रेस सरकार ने आदेश जारी कर ०1 अपै्रल 2०14 से वन रैंक वन पेंशन को मंजूर किया। इसमें तय किया। एक समान समय तक सेवा करने के बाद एक ही रैंक से रिटायर होने वाले सभी सैनिकों को एक समान पेंशन दी जाए, फिर चाहे उनकी रिटायरमेंट की तारीख अलग-अलग क्यों न हो, और भविष्य में पेंशनवृद्धि का लाभ
भी पुराने पेंशनधारकों को मिले।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार का 17 फरवरी 2०14 का वन रैंक वन पेंशन का आदेश नकारते हुए केन्द्र की नरेन्द्र मोदी सरकार ने ०7 नवम्बर 15 को नया आदेश निकाल सेना के 3०-4० प्रतिशत सैनिकों से व्त्व्च् पूरी तरह से छीन लिया। उन्होंने कहा कि आदेश में कहा कि इन तीन सेनाओं में ०1जुलाई 14 के बाद स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति लेने वाले सैन्य कर्मियों को वन रँक वन पेंशन नही मिलेगा।
उन्होंने कहा कि सेना के अधिकतर जवान 17-18 साल की सेवा के बाद 4० साल की आयु तक रिटायर हो जाते हैं। उन्होंने कहा कि वन रैंक वन पेंश का लाभ उनको नहीं मिलेगा। उन्होंने कहा कि क्या यह सच नहीं कि सेनाओं के 85 प्रतिशत कर्मी 38 साल की उम्र तक रिटायर हो जाते हैं और 1० प्रतिशत 46 वर्ष की आयु तक पैरा 9 कोशियारी कमेटी की रिपोर्ट। उन्होंने कहा कि केन्द्र की नरेन्द्र मोदी सरकार ने 3० लाख सैनिकों की पेंशन को हर साल रिवाईज करने की मांग को भी नकारकर इस समय अवधि को 5 साल कर दिया और वन रैंक वन पेंशन को वन रैंक वन पेंशन की बजाय वन रैंक, पाँच पेंशन बना दिया है। उन्होंने कहा कि पूर्व सैनिकों की स्वास्थ्य योजना सुविधाओं पर आघात पहुंचाया गया और मौजूदा साल 2०21-22 में पिछले साल के मुकाबले पूर्व सैनिकों का ईसीएचएस बजट 199० करोड़ काट लिया। उन्होंने कहा कि सीएसडी कैंटीन में सामान खरीद पर पाबंदियां लगाई और जीएसटी लाद दिया गया। उन्होंने कहा कि देश में पहली बार मोदी सरकार ने सैनिकों की डिसएबिलिटी पेंशन पर टैक्स लगाया है। सातवें वेतन आयोग में सेनाओं के साथ केन्द्र की मोदी सरकार ने सौतेला व्यवहार किया है और केन्द्र सरकार ने इससे मुंह मोड लिया है।
उन्होंने कहा कि और अद्र्ध सैनिक बलों के साथ सौतेला व्यवहार किया गया है। इस अवसर पर वार्ता में प्रदेश प्रभारी देवेंद्र यादव, राष्ट्रीय प्रवक्ता गौरव बल्लभ, पर्यवेक्षक मोहन प्रकाश, कुलदीप, मथुरादत्त जोशी, राजीव महर्षि, गरिमा महरा दसौनी, लालचन्द शर्मा, सेनि कैप्टन बलबीर सिंह रावत, डा. प्रतिमा सिंह आदि शामिल रहे।

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