कांग्रेस से बगावत पर उतरी सरिता आर्य

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प्रमुख संवाददाता
देहरादून। उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत भले ही राज्य में सरकार लाने का दावा कर रहे हों लेकिन चुनाव से पूर्व बंटने वाली टिकटों को लेकर ही पार्टी के अंदर एक बड़ा भूचाल मचने की आशंका अभी से ही कांग्रेस के दिग्गज नेताओं को सताने लगी है वहीं उत्तराखंड महिला कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष भी विद्रोह की राह पर चल पडी है और उनका कहना है कि महिलाओं की जो सूची दी है अगर उसमें उन्हें व पार्टी की महिलाओं को सम्मान न दिया गया तो उसके बाद वह अपना निर्णय खुद ले सकती है और उन्होंने यहां तक कह दिया कि अगर भाजपा उन्हें टिकट देती है तो वह भाजपा के साथ आ जायेंगी।
उन्होंने कहा कि मैं कांग्रेस की सच्चाई सिपाही के तरह अभी तक रही हूं और यहां से इग्नौर किया जायेगा तो मेरी बहनें स्वतंत्र है और हम मजबूर है तो हर कोई स्वतंत्र है और सभी बहन स्वतंत्र है। उन्होंने कहा कि भाजपा प्रदेश चुनाव प्रभारी प्रहलाद जोशी के समक्ष अपनी बातें रखी है और अभी तक उनसे मुलाकात नहीं हो पाई है। कांग्रेस महिला प्रदेश अध्यक्ष ने जिस तरह से उम्मीदवारों की घोषणा से पहले ही बगावत का बिगुल बजा दिया है और उससे साफ नजर आ रहा है कि कांग्रेस की पहली सूची जारी होते ही पार्टी की लडाई सडकों पर दिखाई देगी। यहां यह भी उल्लेखनीय है कि वैसे तो कांग्रेस के दिग्गज नेता पार्टी के अन्दर महिलाओं की भागीदारी के बडे-बडे दावे करते हैं लेकिन जैसे ही चुनाव का समय आता है और पार्टी में टिकट बटवारे को लेकर जब कुछ महिलाओं को चुनाव मैदान में उतारने की पैरवी शुरू की जाती है तो उसके बाद पार्टी के ही कुछ दिग्गज नेता उन महिलाओं को टिकट देने का पर्दे के पीछे से विरोध शुरू कर देते हैं और अपने चहेतों को टिकट दिलाने के लिए वह आगे आ जाते हैं। अब जिस तरह से महिला कांग्रेस अध्यक्ष ने टिकट को लेकर विद्रोह का झंडा उठाया है उससे कांग्रेस पहले ही चारो खाने चित आने लगी है।

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