देहरादून(संवाददाता)। लोक निर्माण विभाग में विभागीय संविदा पर कार्यरत विभागीय संविदा कनिष्ठ अभियन्ता अपनी नियमितीकरण की मांग को लेकर गांधी पार्क से नारेबाजी के बीच प्रदर्शन करते हुए सचिवालय कूच किया और जहां पर पुलिस ने सुभाष रोड के पास बैरीकैडिंग लगाकर सभी को रोक लिया और सभी वहीं धरने पर बैठ गये।
यहां कनिष्ठ अभियंता बड़ी संख्या में परेड ग्राउंड में इकटठा हुए और वहां अपनी मांगों के समाधान के लिए सचिवालय कूच किया और जहां पर पुलिस ने सुभाष रोड के पास बैरीकैडिंग लगाकर सभी को रोक लिया और इस बीच प्रदर्शनकारियों व पुलिस के बीच तीखी नोंकझोंक हुई और जिससे अक्रोशित अभियंता सड़क पर ही बैठ गए। इस अवसर पर अभियंताओं ने कहा कि युवाओं ने सात से 12 वर्षो तक जीवन के स्वर्णिम समयकाल को इस राज्य के विकास में लगा दिया राज्य से पलायन ना कर अल्पवेतन में राज्य की सेवा करना चुना मगर सरकारों ने केवल शोषण ही किया। इस अवसर पर अभियंताओं ने कहा कि आज अब ये युवा अपने हक के लिए सड़कों पर उतरने को मजबूर हैं। अभियंताओं ने कहा कि सरकार इनके कार्यों से वाहवाही तो लेती है मगर इनके भविष्य निर्माण के लिए कोई सकारात्मक कदम अभी तक नहीं उठा सकी। अभियंताओं ने आरोप लगाया कि युवा मुख्यमंत्री के कुछ सलाहकार उन्हें गुमराह कर रहे हैं युवा अभियंताओं की आवाज को दबाने का प्रयास कर रहे हैं।
इस अवसर पर अभियंताओं ने कहा कि उनकी जायज मांगों को नही माना जा रहा है। अभियंताओं ने कहा कि आज अभियंताओं की अनिश्चितकालीन हड़ताल जारी है और अभियंताओं के हड़ताल पर चले जाने के कारण पहाड़ों में विकास कार्यों पर बुरा असर पड़ गया है सारे विकास कार्य ठप्प पड गये हैं। उनका कहना है कि जन प्रतिनिधियों द्वारा भी विभाग पर अब दबाव बनाया जा रहा है कि विभागीय संविदा कनिष्ठ अभियंताओं की मांगों को सरकार को शीघ्र माना जाना चाहिए। उधर पहाड़ों में कई नए कार्यों की स्वीकृतियां जो शासन ने दी थीं उन में कोई कार्य प्रारंभ नहीं हो पाए हैं। सारे कार्य ठप पड़े हैं। इस अवसर पर प्रशासनिक अधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन प्रेषित किया गया और कार्यवाही करने की मांग की गई। इस अवसर पर अनेक अभियंता शािमल रहे।
