मुख्यमंत्री को अधिकारी कर्मचारी शिक्षक समन्वय समिति ने सौंपा ज्ञापन

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देहरादून(नगर संवाददाता)। उत्तराखंड अधिकारी कर्मचारी शिक्षक समन्वय समिति ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को ज्ञापन देकर पूर्व में उनके साथ हुई वार्ता एवं दिए गए आश्वासन के अनुरूप 18 सूत्रीय मांग पत्र पर आगामी 1० दिवस के अंदर न्यायोचित मांगों पर शासनादेश जारी कराने का आग्रह किया है।
इस अवसर पर पूर्णानंद नौटियाल एवं शक्ति प्रसाद भट्ट सचिव संयोजक ने कहा कि पूर्व में समन्वय समिति द्वारा 18 सूत्रीय मांग पत्र पर शासन स्तर पर दीर्घ अवधि से कार्यवाही न होने की स्थिति में प्रदेश के कार्मिकों के आक्रोश को देखते हुए 22 नवम्बर 2०21 से प्रदेश व्यापी अनिश्चितकालीन हड़ताल का नोटिस प्रेषित किया था, परंतु मुख्यमंत्री द्वारा राज्य कार्मिकों की समस्याओं का संज्ञान लेते हुए 21 नवम्बर 2०21 को समन्वय समिति के प्रतिनिधिमंडल को वार्ता हेतु आमंत्रित किया गया तथा वार्ता में सौहार्दपूर्ण वातावरण में माननीय मुख्यमंत्री जी द्वारा समस्याओं को गंभीरता से सुन कर शीघ्र ही न्यायोचित बिंदुओं पर सकारात्मक कार्यवाही करने का आश्वासन समन्वय समिति को दिया गया तथा प्रदेश हित में अनिश्चितकालीन हड़ताल को वापस लेने का आग्रह समन्वय समिति से किया गया। उन्होंने कहा कि इसके साथ ही उनके द्वारा उसी समय दूरभाष पर आनंद वर्धन अपर मुख्य सचिव मुख्यमंत्री को भी समन्वय समिति के पदाधिकारियों से वार्ता करने हेतु तथा न्यायोचित बिंदु पर सकारात्मक कार्यवाही करने का निर्देश भी दिया गया इसके पश्चात आनंद वर्धन अपर मुख्य सचिव द्वारा भी समन्वय समिति के प्रतिनिधियों से 26 नवम्बर 2०21 को बिंदुवार वार्ता की गई तथा उनके द्वारा सभी बिंदुओं को गंभीरता से लेते हुए यह आश्वस्त किया गया।
उन्होंने कहा कि एक सप्ताह के अंदर सचिव कार्मिक एवं सचिव वित्त को बुलाकर पुन: समन्वय समिति के पदाधिकारियों से औपचारिक बैठक करते हुए न्यायोचित बिंदुओं पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेकर शासनादेश जारी कराएंगे। समन्वय समिति के प्रतिनिधियों द्वारा मुख्यमंत्री एवं आनंद वर्धन अपर मुख्य सचिव के सकारात्मक आश्वासन पर तथा जो शासनादेश जारी हो चुके हैं उनमें उत्पन्न विसंगतियों का निराकरण कराने के आश्वासन पर धन्यवाद ज्ञापित करते हुए आभार भी प्रकट किया गया। इस अवसर पर पूर्णानंद नौटियाल एवं शक्ति प्रसाद भट्ट सचिव संयोजक ने कहा कि वार्ता में मिले आश्वासन के अनुरूप 15 दिवस से भी अधिक समय व्यतीत होने पर भी अभी तक ना तो समन्वय समिति के पदाधिकारियों को उच्च स्तर पर सचिव कार्मिक एवं सचिव वित्त की उपस्थिति में कोई औपचारिक बैठक आयोजित की गई है, और ना ही कोई सकारात्मक निर्णय लेकर शासनादेश जारी किए गए हैं, इसके साथ ही जो गोल्डन कार्ड एवं शिथिलीकरण का शासनादेश शासन द्वारा जारी किया गया है, उसमें भी कई विसंगतियां उत्पन्न हो रखी है।
उन्होंने कहा कि जो अपर मुख्य सचिव की वॉछनानुसार बिंदुवार विसंगतियों का निराकरण करने का प्रस्ताव भी समन्वय समिति द्वारा अपर मुख्य सचिव महोदय को उपलब्ध करा दिया गया है, परंतु खेद का विषय है कि अभी तक भी दिए गए आश्वासनों के अनुरूप कोई कार्यवाही किए जाने की सूचना समन्वय समिति के पदाधिकारियों को नहीं है। उन्होंने कहा ऐसी स्थिति में प्रदेश के कार्मिकों में पुन: उत्तराखंड सरकार के प्रति आक्रोश बढ़ गया है, जिससे समन्वय समिति के प्रांतीय संयोजक मंडल की संपन्न हुई बैठक में लिए गए निर्णय अनुसार उत्तराखंड शासन को 1० दिवस का समय देते हुए मुख्यमंत्री द्वारा दिए गए निर्देशों एवं आश्वासन के अनुरूप 18 सूत्रीय मांग पत्र पर शीघ्र न्यायोचित बिंदुओं पर शासनादेश जारी करने तथा राज्य कार्मिकों हेतु लागू गोल्डन कार्ड एवं पदोन्नति मे पात्रता हेतु शिथिलीकरण के जारी शासनादेशों में उत्पन्न विसंगतियों का शीघ्र निराकरण करने की मांग उतराखण्ड शासन से की गई है। उन्होंने कहा कि यदि 1० दिवस के अंदर उत्तराखंड शासन द्वारा मांगों पर कार्यवाही कर शासनादेश जारी नहीं किए जाते हैं तो ऐसी स्थिति में 1० दिवस पश्चात पुन: समन्वय समिति प्रदेश व्यापी आंदोलन की घोषणा करने हेतु बाध्य होगी, जिसका उत्तरदायित्व पूर्ण रूप से उत्तराखंड शासन का होगा।

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