ऋषिकेश(संवाददाता)। बैंक मे लोगो को बातों में उलझाकर रुमाल के अंदर कागज की गड्डी देकर ठगी करने वाले गिरोह के तीन शातिर ठगों को कोतवाली पुलिस ने उनके सही ठिकाने सलाखों के पीछे पहुंचा दिया है।पुलिस को उनके कब्जे से कागज की 2 गड्डी व 22,००० रुपये एवं एटीएम कार्ड बरामद हुआ है। पकड़े गये ठगों में अभियुक्त शिव कुमार पहले भी ठगी के मामले में जेल की हवा खा चुका है।
कोतवाली प्रभारी महेश जोशी ने जानकारी देते हुए बताया कि बनखंडी ग्राम निवासी शिवा पुत्र स्व वीरेंद्र ठाकुर द्वारा विगत 2० नवंबर 2०21 बैंक में पैसा जमा करवाने के दौरान अज्ञात व्यक्तियों द्वारा बातों में उलझा कर रुमाल के अंदर कागज की गड्डी थमा कर उसके तीस हजार रूपये ठगने की शिकायत दर्ज करायी गई थी। शिकायतकर्ता की उक्त शिकायत पर कोतवाली ऋषिकेश में मुकदमा अपराध संख्या 546ञ्च2०21 धारा 42० आईपीसी बनाम अज्ञात पंजीकृत कर घटना की जानकारी उच्च अधिकारियो को दी गई।मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक ग्रामीण से मिले दिशा निर्देशों अनुसार टीम गठित कर घटना के अनावरण के लिए घटना स्थल के सी सी टीवी कैमरों का खंगाला गया। इसके साथ ही मुख्बिर तंत्र को सक्रिय कर पूर्व में इस प्रकार की घटनाओं में संलिप्त अभियुक्तों के विषय में जानकारी हासिल कर उनका सत्यापन कराया गया। इस बीच मुखबिर की सूचना पर बैंक में ठगी करने वाले तीन शातिर अभियुक्तों को ठगी करने के लिए प्रयोग में लाई जाने वाली कागज की 2 गड्डी व नकद 22,००० रुपये व वादी के आधार कार्ड, एटीएम कार्ड व बैंक स्टेटमेंट के साथ गोपाल नगर निकट बस अड्डा के पीछे ग्राउंड के पास से गिरफ्तार किया कर लिया गया।अभियुक्तों की पहचान शिव कुमार पुत्र श्री रनछोड़ भाई निवासी पालइया रोड, रेलवे पटरी के सामने, थाना डहग्राम जिला गांधीनगर गुजरात हाल निवासी मकान मालिक छुट्टन भैया, पुलिया के पास खंजरपुर, रुड़की, जनपद हरिद्वार, सुरेंद्र कुमार पुत्र रंजीत कुमार निवासी ग्राम बगेड़ी, निकट रविदास मंदिर, थाना सिविल लाइन रुड़की, जनपद हरिद्वार एवं सोमनाथ पुत्र हुकम सिंह निवासी ग्राम नगली मेहनाज, थाना नागल, जिला सहारनपुर, उत्तर प्रदेश हाल निवासी मकान मालिक अनीस मकान नंबर 47० खंजरपुर, रुड़की, जनपद हरिद्वार के रूप मे.हुई है। अभियुक्त शिवकुमार पूर्व में भी कोतवाली ऋषिकेश से इसी प्रकार की ठगी के अपराध में जेल जा चुका है।कोतवाली प्रभारी के अनुसार उत्तराखंड व सरहदी जनपदों से भी उपरोक्त अभियुक्तो के अपराधिक इतिहास की जानकारी हासिल की जा रही है।
