क्षैतिज आरक्षण का मामला लंबित है राजभवन में वर्षों से

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विकासनगर(संवाददाता)। जन संघर्ष मोर्चा के अध्यक्ष एवं जीएमवीएन के पूर्व उपाध्यक्ष रघुनाथ सिंह नेगी ने कहा कि राज्य आंदोलनकारियों को 1० फीसदी क्षैतिज आरक्षण प्रदान किए जाने संबंधी विधेयक तत्कालीन हरीश रावत सरकार ने पास किया था, जो कि लगभग 5-6 साल से राजभवन में लंबित है।
यहां पत्रकारों से वार्ता करते हुए नेगी ने राजभवन से मांग की है कि राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर राज्य आंदोलनकारियों को क्षैतिज आरक्षण का तोहफा देकर आंदोलनकारियों की भावनाओं का सम्मान करें। नेगी ने कहा कि उच्च न्यायालय द्वारा आंदोलनकारियों को आरक्षण दिए जाने संबंधी सरकार के आदेश पर 26 अगस्त 2०13 व ०1 अप्रैल 2०14 के द्वारा रोक लगा दी गई थी, जिसके पश्चात पूर्ववर्ती सरकार द्वारा राज्य आंदोलनकारियों के हक में विधेयक लाया गया था जो आज भी स्वीकृति के लिए राजभवन में है।
उन्होंने कहा कि तत्कालीन राज्य सरकार ने स्वीकृति हेतु राजभवन को भेजा गया था। उन्होंने कहा कि मोर्चा द्वारा दा तीन बार सरकार से आग्रह कर मामले को राजभवन तक पहुंचाया गया, लेकिन राजभवन द्वारा न तो कोई कार्रवाई की गई और न ही विधेयक को वापस किया गया। उन्होंने कहा कि राज्य आंदोलनकारियों को क्षैतिज आरक्षण का लाभ न मिलने से उनका हक मारा जा रहा है। इस अवसर पर पत्रकार वार्ता में मोर्चा महासचिव आकाश पंवार, ओ.पी. राणा व दिलबाग सिंह मौजूद थे।

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