देहरादून(संवाददाता)। देश की सत्ता चलाने वाले प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सत्ता चलाने के अंदाज को पहचानने वाले राजनेता भलीभांति जानते हैं कि उनके सामने कोई भी उनका अपना सांसद चापलूसी के बल पर आगे नहीं बढ सकता और यही कारण है कि प्रधानमंत्री हमेशा उसे ही अपना आर्शीवाद देते हैं जो उनकी उम्मीदों पर खरा उतरने के लिए आगे आता है। ऐसा ही कुछ पिछले कुछ महीनों से उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी करते हुए नजर आ रहे हैं। सत्ता को बेदाग चलाने के लिए उन्हें शुरूआती मंत्र ही देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने दिया था और उन्हीं के बताये रास्ते पर आगे बढते हुए पुष्कर ंिसह धामी अब नरेन्द्र मोदी की आंखों का तारा बनते जा रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जिनका देश-विदेश में एक डंका बजता है वह दो बार पुष्कर सरकार में उत्तराखण्ड आये और उन्होंने जिस तरह से पुष्कर सिंह धामी को अपना मित्र बताकर उत्तराखण्ड भाजपा को एक बडा संदेश दिया कि पुष्कर सिंह धामी की राह में अगर किसी ने भी रोडा अटकाने की कोशिश की तो वह पार्टी में हाशिये पर आ जायेगा। केदारनाथ धाम में नरेन्द्र मोदी ने जिस तरह से पुष्कर सिंह धामी को अपना अभेद आर्शीवाद देते हुए उनकी पीठ पर अपना हाथ रखा उससे साफ संदेश चला गया कि प्रधानमंत्री की नजर में पुष्कर ंिसह धामी स्वच्छ प्रशासन और बेदाग सत्ता चला रहे हैं और प्रधानमंत्री का पुष्कर को अभेद आर्शीवाद मिलना इस बात का परिचायक है कि पुष्कर सिंह धामी भविष्य में उत्तराखण्ड के सबसे बडे राजनेता के रूप में निखरकर सामने आयेंगे।
देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने उत्तराखण्ड के विकास का जिम्मा अपने हाथों में ले रखा है और यही कारण है कि चौबीस घंटे नरेन्द्र मोदी की नजर उत्तराखण्ड में होने वाले हर छोटे-बडे घटनाक्रम से लेकर विकास पर लगी रहती है और 2०22 में होने वाले विधानसभा चुनाव से मात्र कुछ माह पूर्व नरेन्द्र मोदी व भाजपा हाईकमान ने मंथन कर उत्तराखण्ड के युवा विधायक पुष्कर सिंह धामी को सत्ता सौंपकर राज्य के विकास को पंख लगाने के आदेश दिये थे। नरेन्द्र मोदी के सपनों का उत्तराखण्ड बनाने के लिए पुष्कर सिंह धामी ने अपनी किचन कैबिनेट टीम के साथ जिस तरह से राज्य में साढे चार साल तक चली सत्ता के स्वरूप को मात्र चंद माह में ही बदल कर रख दिया उससे देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी भी पुष्कर सिंह धामी के कायल हो गये और वह हर कार्यक्रम में जिस तरह से पुष्कर सिंह धामी के कंधे पर अपना हाथ रखकर राज्यवासियों को साफ संदेश दे रहे हैं कि धामी राज्य की दशा और दिशा जरूर बदलेगा।
नरेन्द्र मोदी ने साढे चार साल में उत्तराखण्ड के दो पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत व तीरथ ंिसह रावत को कभी भी उनकी पीठ पर हाथ रखकर आर्शीवाद नहीं दिया तो उसका साफ संदेश जाता रहा कि प्रधानमंत्री इन पूर्व मुख्यमंत्रियों के कामकाज से कभी भी खुश नहीं रहे लेकिन मात्र चार माह के कार्यकाल में पुष्कर सिंह धामी ने जिस तरह से देश के प्रधानमंत्री का दिल जीतकर बार-बार उनका खुला आर्शीवाद हासिल किया है उसने उत्तराखण्ड भाजपा के बडे-बडे दिग्गजों की नींद उडाकर रख दी है। यह हम नहीं कह रहे बल्कि ऐसा संदेश प्रधानमंत्री द्वारा पुष्कर सिंह धामी को दिये गये आर्शीवाद की तस्वीरें बयां कर रही हैं और इसमें भी कोई शक नहीं है कि तस्वीरें कभी झूठ नहीं बोलती।
