धामी का वचन ‘मैं हूं न’

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पुरोहितों की बल्ले-बल्ले
किरन शर्मा
देहरादून। उत्तराखण्ड के युवा मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की बातों में जो चमत्कार चार माह से देखने को मिल रहा है उसकी छाया एक बार फिर केदारनाथ में उस समय देखने को मिली जब देवस्थानम बोर्ड को भंग करने की मांग को लेकर तीर्थ पुरोहित बवाल मचा रहे थे और त्रिवेन्द्र रावत को अपने निशाने पर लेकर साफ अल्टीमेटम दे चुके थे कि अगर बोर्ड को भंग नहीं किया तो वह खामोश नहीं बैठेंगे लेकिन जैसे ही राज्य के मुख्यमंत्री पुष्कर ंिसह धामी ने तीर्थ पुरोहितों को अपना वचन याद दिलाते हुये कहा कि उन्होंने पहले से ही देवस्थानम बोर्ड को लेकर अपनी राय साफ कर दी थी और किसी भी कीमत पर तीर्थ पुरोहित के हक-हकूकों के साथ अन्याय नहीं होगा और जल्द से जल्द देवस्थानम बोर्ड का फैसला कर दिया जायेगा। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के यह वचन सुनते ही पुरोहितों के मन में जो ख्ुाशी की लहर थी वह मन ही मन बल्ले-बल्ले कर रहे थे उससे यह साफ संदेश चला गया कि पुष्कर सिंह धामी उत्तराखण्ड के अन्दर जिस तरह से सत्ता चलाने के लिए आगे आये हैं उसका तोड़ वर्षों तक कांग्रेस नहीं खोज पायेगी और मुख्यमंत्री की जीत का रथ उत्तराखण्ड के हर जिले में आगे बढता हुआ ही नजर आयेगा ऐसी उम्मीद अब उत्तराखण्ड के लोगों ने मन में पाल ली है और अगर पुष्कर सिंह धामी ने इसी अंदाज में सत्ता चलाई तो वह उत्तराखण्ड के ऐसे सुपर राजनेता बन जायेंगे जिसका गुनगान हर कोई गाता हुआ हमेशा दिखाई देगा।
एक बार फिर युवा मुख्यमंत्री पुष्कर सिह धामी ने अपने सौम्य व्यवहार से तीर्थ पुरोहितों, पंडा समाज व हकहकूक धारियों का दिल जीत कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रस्तावित केदारनाथ यात्रा को चार चाँद लगा दिये है। यह मामला धामी के साथ साथ चार धामों से जुड़े लोगों के लिए आशा का संचार कर गया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज अपने विशेष दूतो के साथ श्री केदारनाथ धाम पहुंचे,जहाँ पर देवास्थानम बोर्ड के विरोध में तीर्थ पुरोहितों से मुलाकात की तथा आगामी 5नवम्बर के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की केदारनाथ दौरे को निर्वध्न कराने के लिए तीर्थ पुरोहितों के साथ साथ बाबा केदार से भी प्रार्थना की। विदित है कि कुछ दिन पूर्व राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री, प्रदेश अध्यक्ष व एक कैबिनेट मंत्री को तीर्थ पुरोहितों के गुस्से से दो चार होना पडा था। वही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रस्तावित केदारनाथ यात्रा पर भी असमंजस के बादल छा गए थे,उन्हें हल करने के लिए युवा मुख्यमंत्री पुष्कर सिह धामी ने तीर्थ पुरोहितों से वार्ता की जो सकारात्मक रही ,मुख्यमंत्री ने पुरोहितों सा 3० नंम्बर तक का समय माँगा है,जिस पर महा पंचायत द्वारा कुछ देर में फैसला आ जायेगा।
मुख्यमंत्री ने केदार के दर्शन किए और पुनर्निर्माण कार्यों का निरीक्षण किया। उन्होंने 5 नवम्बर को प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के केदारनाथ आगमन के लिए की जा रही तैयारियों का भी जायजा लिया। मुख्यमंत्री श्री धामी ने तीर्थ पुरोहितों और पंडा समाज के प्रतिनिधियों से भी वार्ता की। सौहार्दपूर्ण बातचीत में मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार जन भावनाओं का सम्मान करने वाली सरकार है। तीर्थों के पंडा, पुरोहित और पुजारियों के मान सम्मान को कोई ठेस नहीं पहुंचाई जायेगी। मीडिया से अनौपचारिक बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री श्री धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी जी की बाबा केदार के प्रति विशेष आस्था और श्रद्धा है। उनका उत्तराखण्ड को दुनिया की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक राजधानी के तौर पर विकसित करने का विजन है। उन्होंने कहा कि आधुनिक इतिहास में पहली बार इतने बड़े पैमाने पर केदारनाथ धाम का पुनर्निर्माण किया जा रहा है। पहले चरण के काम हो चुके हैं। दूसरे चरण के काम शुरू हो रहे हैं। आदि गुरू शंकराचार्य जी की समाधि का लोकार्पण करने के साथ ही उनकी प्रतिमा का भी अनावरण किया जाएगा। पुष्कर सिंह धामी के साथ कैबिनेट मंत्री डा. हरक सिंह रावत, सुबोध उनियाल व रूद्रप्रयाग भाजपा जिलाध्यक्ष दिनेश उनियाल मौजूद थे।

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