तेरा जादू चल गया ओ धामी जादूगर

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किरन शर्मा
देहरादून। उत्तराखण्ड की जनता ने कभी भी यह सोचा भी नहीं था कि एक युवा विधायक जो कभी मंत्री तक नहीं बना और अगर उसे मुख्यमंत्री का ताज मिलेगा तो वह धाकडपन से सत्ता चला पायेगा लेकिन पुष्कर सिंह धामी ने तो राज्यवासियों की उस सोच को ही बदल दिया जो यह सोच रहे थे कि पुष्कर सिंह धामी चंद दिनों में ही सत्ता के बडे-बडे खिलाडियों के आगे चित हो जायेंगेे और वह सत्ता चलाने में उसी तरह से नाकाम दिखेंगे जैसे तीन माह में पूर्व मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत दिखाई दिये थे। धामी ने तो सत्ता चलाने का अंदाज ही ऐसा बनाया कि आम आदमी क्या कुछ संगठन के राजनेता भी उनके ऐसे कायल हो गये कि वह पुष्कर सिंह धामी के ऐसे कसीदे पढ रहे हैं मानो वो नेता भाजपा से जुडे हुये हों लेकिन यह भी सच है कि कुछ नेता ऐसे हैं जो हमेशा भाजपा के पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ंिसंह रावत को साढे चार साल तक उनके भ्रष्टाचार व घोटालों को लेकर उन्हें राज्य की जनता के सामने खुलकर दहाडते रहे लेकिन मात्र चार माह से शासन चला रहे पुष्कर ंिसह धामी ने कुछ संगठनों के राजनेताओं पर ऐसा सम्मोहन कर दिया कि वह पुष्कर ंिसह धामी को राज्य का सबसे बेहतर मुख्यमंत्री बताने से भी गुरेज नहीं कर रहे और उनका तो यहां तक कहना है कि अगर पुष्कर ंिसह धामी को 2०22 से 2०27 तक सत्ता चलाने का मौका मिला तो बच्चा-बच्चा पुष्कर-पुष्कर करता हुआ नजर आयेगा और राज्य को पुष्कर ंिसह धामी उस ऊंचाईयों पर ले जायेंगे जहां आज देश को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ले जाते हुए दिखाई दे रहे हैं।
उल्लेखनीय है कि उत्तराखण्ड की राजधानी में एक संगठन हमेशा भ्रष्टाचार व घोटालों को लेकर आक्रामक रहता है। संगठन के अध्यक्ष ने त्रिवेन्द्र शासनकाल में हुये हर भ्रष्टाचार व घोटालों को लेकर हमेशा आक्रामक रवैय्या अपनाया और वह त्रिवेन्द्र शासनकाल में विरोध का कोई मौका नहीं छोडते थे लेकिन अब वही अध्यक्ष ने अपने मन में छिपे भाव को उजागर करते हुए कहा कि पुष्कर ंिसह धामी जिस तरह से सत्ता चला रहे हैं वह विपक्ष के लिए शुभ संकेत नहीं है क्योंकि जिस भी जिले में कोई बडी घटना या वारदात हो जाती है तो वह विपक्ष को सरकार पर प्रहार करने का कोई मौका नहीं देते और खुद ही वह मौके पर पहुंचकर पीडितों को गले लगाकर उन्हें हर सहायता देने के लिए आगे आ जाते हैं। ऐसे में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का वह किस बात को लेकर विरोध करें जबकि वह उन्हें कोई मौका ही प्रहार करने का नहीं दे रहे हैं।
हैरानी वाली बात है कि पुष्कर सिंह धामी जिस अंदाज से सत्ता चला रहे हैं और उनके साथ चंद बडे ईमानदार अफसरों की टीम है वह पुष्कर सिंह धामी के लिए उनके लिए एक बडा वरदान बनती हुई दिखाई दे रही है। पुष्कर सिंह धामी पहले ऐसे मुख्यमंत्री हैं जिनकी कोर कमेटी की टीम पर कोई तिनकाभर भी दाग नहीं लगा सकता और न ही लगा पायेगा। पुष्कर सिंह धामी को पांच साल और सत्ता मिले इसके लिए वो भी अब दुआ कर रहे हैं जो त्रिवेन्द्र शासनकाल में यही सपना देख रहे थे कि राज्य से कब भाजपा की सरकार उखडेगी।

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