देहरादून(संवाददाता)। उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी की घटना के सभी दोषियों की गिरफ्तारी एवं केन्द्रीय गृह राज्यमंत्री अजय मिश्रा की मंत्रिमण्डल से बर्खास्तगी की मांग को लेकर वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं के एक प्रतिनिधिमण्डल ने दून राजभवन में राज्यपाल से मुलाकात कर उन्हें राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन सौंपा।
यहां जानकारी देते हुए प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मीडिया प्रभारी राजीव महर्षि ने बताया कि पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ कांग्रेसजनों के प्रतिनिधिमण्डल जिसमें पूर्व मंत्री हीरा ंिसह बिष्ट, प्रदेश उपाध्यक्ष संगठन पृथ्वीपाल चौहान, प्रदेश उपाध्यक्ष सूर्यकान्त धस्माना, नरेन्द्रजीत सिंह बिन्द्रा, प्रदेश महामंत्री संगठन मथुरादत्त जोशी, प्रदेश महामंत्री गोदावरी थापली, प्रभुलाल बहुगुणा, महानगर अध्यक्ष लालचन्द शर्मा, प्रदेश प्रवक्ता राजेश चमोली, रघुवीर बिष्ट शामिल थे, ने राजभवन में राज्यपाल से मुलाकात कर उन्हें उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी की घटना के सभी दोषियों की गिरफ्तारी एवं केन्द्रीय गृह राज्यमंत्री अजय मिश्रा की मंत्रिमण्डल से बर्खास्तगी की मांग से सम्बन्धित ज्ञापन प्रेषित किया। इस अवसर पर कांग्रेस प्रतिनिधितण्डल ने ज्ञापन में कहा कि देश के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरु ने कहा था, ”सब कुछ इंतजार कर सकता है पर खेती नहींÓÓ। प्रतिनिधिमंडल ने केन्द्र की वर्तमान सरकार में देश के किसान, खेत और खलिहान के खिलाफ एक घिनौना षडयंत्र रचा जा रहा है। भाजपा नीत सरकार तीन काले कृषि कानूनों के माध्यम से देश की ‘हरित क्रांतिÓ को हराने की साजिश के साथ ही देश के अन्नदाता व भाग्य विधाता किसान तथा खेत मजदूर की मेहनत को चंद पूंजीपतियों के हाथों गिरवी रखने का षडयंत्र किया जा रहा है।
ज्ञापन में कहा गया कि केन्द्र की नरेन्द्र मोदी सरकार द्वारा संसद के दोनों सदनों में संख्याबल से संसदीय प्रणाली व प्रजातंत्र को धता बताते हुए किसान विरोधी तीन काले कानून पारित किए गए। आज देश भर में 62 करोड़ किसान-मजदूर व 25० से अधिक किसान संगठन इन काले कानूनों के खिलाफ आवाज उठा रहे हैं। सरकार द्वारा अन्नदाता किसान की बात सुनना तो दूर, संसद में उनके नुमाईंदो की आवाज को दबाने तथा द्वारा सत्ता के बल पर सड़क पर आन्दोलनरत किसानों को गाडी से कुचल कर निर्मम हत्या जैसे जघन्य अपराध किये जा रहे हैं। कांग्रेस प्रतिनिधिमण्डल ने कहा कि लखीमपुर खीरी में हुई किसानों की निर्मम हत्या की घटना लोकतंत्र और मानवता को कलंकित करने वाली घटना है। किसान विरोधी तीनों काले कानूनों का विरोध कर रहे किसानों पर मोदी सरकार के केन्द्रीय गृह राज्यमंत्री के पुत्र द्वारा गाडी चढाकर किसानों की जघन्य हत्याकाण्ड की घटना की उत्तराखण्ड प्रदेश कांग्रेस कमेटी कडे शब्दो में निन्दा करती हैं। लखीमपुर खीरी में भाजपा ने जिस दमनकारी नीति का परिचय देते हुए शांतिपूर्ण आन्दोलन कर रहे किसानों को सत्ता के बल पर कुचलने का काम किया है उसने जलियावाला बाग हत्याकाण्ड की याद ताजा कर दी है। ज्ञापन में कहा गया कि जिस प्रकार जलियावाला बाग हत्याकाण्ड में अंग्रेज शासकों के इशारे पर निहत्थे आन्दोलनकारियों पर गोलिया बरसाई गई ठीक उसी तर्ज पर लोकतांत्रिक तरीके से विरोध कर रहे किसानों पर केन्द्रीय गृह राज्यमंत्री के बेटे द्वारा गाडी चढ़ा कर उनकी निर्मम हत्या करवा दी गई। कांग्रेस प्रतिनिधिमण्डल ने कहा कि भारत एक लोकतांत्रिक देश है तथा इसमें सभी को अपनी बात रखने तथा विरोध करने का पूरा अधिकार हमारा संविधान देता है परन्तु जिस प्रकार लखीमपुर खीरी में विरोध कर रहे किसानों पर गाडी चढ़ाकर जानलेवा हमला किया गया वह अक्षम्य अपराध है। यही नहीं केन्द्र की मोदी सरकार के इशारे पर जनता व गरीब किसानों की आवाज उठाने के लिए कंाग्रेस पार्टी के शीर्ष नेताओं की अलोकतांत्रिक तरीके से असंवैधानिक गिरफ्तारियां कर उनका लगातार उत्पीडऩ किया जा रहा है। भाजपा सरकार हिटलारशाही का परिचय देते हुए आज जनता की आवाज को सत्ता की ताकत व बाहु बल से दबाने का काम कर रही है। कांग्रेस पार्टी ऐसे अक्षम्य अपराध की कडे शब्दो में निन्दा करती है तथा भारत के राष्ट्रपति से मांग करती है कि देश के संवैधानिक संरक्षक होने के नाते लखीमपुर खीरी के घटनाक्रम का संज्ञान लेते हुए इस अलोकतांत्रिक घटना के लिए दोषी केन्द्रीय गृह राज्यमंत्री के पुत्र सहित सभी दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी करने तथा केन्द्रीय गृह राज्यमंत्री श्री अजय मिश्रा की केन्द्रीय मंत्रिमण्डल से बर्खास्तगी हेतु केन्द्र सरकार एवं उत्तर प्रदेश सरकार को निर्देशित किया जाये।
