देहरादून(संवाददाता)। पंचम नवरात्र के दिन माता स्कंदमाता के रूप में मां कालिका को प्रिय रानी रंग के नवीन वस्त्र धारण कराए गए. मंदिर के मुख्य पुजारी बिश्म्बर थपलियाल द्वारा सभी देवी देवताओं का पूजन किया गया।
इस अवसर पर घंटी पूजन, शंख पूजन, सूर्य पूजन, गणेश पूजन लक्ष्मी पूजन, व नवग्रह पूजन अनादि देवताओं का पूजन पुजारी द्वारा किया गया. तत्पश्चात मां दुर्गा की ढोल बाजे के साथ अपार भक्तों द्वारा मां की सामूहिक आरती हुई. मंदिर समिति द्वारा आमंत्रित किए गए उत्तराखंड से विद्वान 54 ब्राह्मणों को तिलक कर सभी ब्राह्मणों ने मां दुर्गा सप्तशती का पाठ व माँ दुर्गा का जाप प्रारंभ किया। इस अवसर पर 54 ब्राह्मणों द्वारा दुर्गा सप्तशती का पाठ व जाप प्रात: एवं सायकल दोनों समय हुआ. आचार्य चन्द्र प्रकाश ममगांई ने मां कालिका यज्ञशाला में दैनिक यज्ञ के साथ आज दुर्गा सप्तशती गायत्री मृत्युंजय, श्री विष्णु सहस्रनाम, नवग्रह अनादि मंत्र के माध्यम से समस्त विश्व कल्याण हेतु उपद्रव शांति, व कोरोना महामारी दूर करने हेतु आहुतियां प्रदान की गयी।
इस अवसर पर श्री सिंदुरिया हनुमान मंदिर में मंदिर के ही पुजारी योगेश के नेतृत्व में श्री राम चरित्र मानस का नवहन पाठ पड़ा जा रहा है वहा पर भी घट पूजन , गणेश पूजन, लक्ष्मी पूजन,भगवान शंकर पूजन, सूर्य पूजन, नवग्रह पूजन अनादि देव का पूजन मंदिर के पुजारी द्वारा भक्तो द्वारा कराया गया. प्रात: साढे नौ बजे से मां अन्नपूर्णा में सर्वप्रथम पधारे हुए 54ब्राह्मणों व संत समाज ने जलपान प्रसाद ग्रहण किया। तत्पश्चात अपार भक्तों द्वारा जलपान किया गया। इस अवसर पर प्रात: 1० बजे दैनिक सत्संग के माध्यम से संतो ने मां दुर्गा की उपासना शक्ति पर अपने अपने विचार रखें. दोपहर साढे बारह बजे मंदिर प्रांगण में विशेष भंडारे का आयोजन किया गया। इस अवसर पर सायकल पांच बजे मंदिर खुलने के पश्चात 54 ब्राह्मणों द्वारा दुर्गा सप्तशती का पाठ प्रारंभ हुआ जो कि सात बजे तक चला तत्पश्चात मां जगदंबा की सामूहिक आरती 54 ब्राह्मण व अपार भक्तों द्वारा की गई. आरती से पूर्व आचार्य चन्द्र प्रकाश ममगांई द्वारा सर्वप्रथम दुर्गा चालीसा दुर्गा कवच का पाठ किया गया और मां की आरती हुई आरती के पश्चात प्रसाद वितरण हुआ। इस अवसर पर समिति के ट्रस्टी दयाल धवन, रमेश साहनी, संजीव, शर्मा महेश डोरा व अनेकों भक्त शामिल रहे।
