आंदोलनकारी संगठनों ने जिलाधिकारी को दिया ज्ञापन

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देहरादून(संवाददाता)। जिलाधिकारी को राष्ट्रीय उत्तराखंड पार्टी व आंदोलनकारी संगठनों ने जिलाधिकारी को ज्ञापन दिया कारगी चौक पर एक रेस्टोरेंट जिसका नाम प्यारी पहाडऩ है उस पर कुछ विवाद हो गया था जिसमें पुलिस द्वारा एक झूठा मुकदमा कायम कर दिया गया है और मुकदमें को वापस लिये जाने की मांग की।
इस अवसर पर ज्ञापन में कहा गया कि जिसमें प्रमिला रावत जो कि एक अधिवक्ता है वह राज्य आंदोलनकारी भी है वह अपने साथ भावना पांडे को साथ लेकर मामले को निपटाने के लिए वहां पर गई थी और इन लोगों ने वहां पर मामला रफा-दफा करने के लिए कहा था जबकि रेस्टोरेंट मालिक व अन्य लोगों ने उनके साथ बदसलूकी व बदतमीजी की तथा कुछ गुंडे किस्म के असामाजिक लोग इक_े कर लिए तथा गाली गलौज व मारपीट पर उतारू हो गए।
ज्ञापन में कहा गया है कि उन लोगों ने पुलिस में झूठी रिपोर्ट दर्ज करा दी पुलिस द्वारा कोई भी जांच ना कर मुकदमा इन लोगों पर ही कायम कर दिया गया इसमें पुलिस की भूमिका संदिग्ध है जिस हेतु उक्त मामले की जांच करवाने हेतु यह पत्र जिलाधिकारी के समक्ष प्रस्तुत किया जा रहा है। ज्ञापन में कहा गया कि पुलिस की भूमिका अन्य मामलों में भी संदिग्ध है क्योंकि इस रेस्टोरेंट में अवैध शराब भी पिलाई जाती है और धंधों के लिए भी मशहूर है जिसमें कारगी चौक आईएसबीटी के इलाके आते हैं यहां अवैध गाडिय़ों का भी संचालन होता है जिसमें जीप डग्गामार बसें आती हैं और पुलिस इन से अवैध वसूली करती है जिससे उत्तराखंड रोडवेज को राजस्व की हानि होती है पुलिस की इन्हीं बातों को ध्यान में रखते हुए पुलिस पर सख्त कार्यवाही की जाए जिससे आगे कोई गलत परंपरा को बढ़ावा ना मिल सके।
ज्ञापन में इन मामलों में अपने स्तर से जांच करवा कर मामले में दोषी व्यक्तियों के व पुलिस के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की गई। ज्ञापन देने वालों में अध्यक्ष नवनीत गुसाईं, बालेश बवानिया, अमित पंवार, सुरजीत सिंह, उत्तराखंड आंदोलनकारी संयुक्त परिषद के अध्यक्ष विपुल नौटियाल, विनोद असवाल, प्रभात डंडरियाल, महेंद्र गुसाईं एडवोकेट, बंटी थापा व मानवतावादी संघ से विजय कुमार आदि उपस्थित थे।

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