भ्रष्टाचार की हो उच्च स्तरीय जांच: धस्माना

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देहरादून(संवाददाता)। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष व वरिष्ठ प्रवक्ता सूर्यकांत धस्माना ने कहा है कि सरकार के संरक्षण में भ्रष्टाचार हो रहा है। उन्होंने कहा कि श्रम विभाग, राशन किट घोटाला, महाकुंभ घोटाला, साईकिल घोटाला किसी से छिपा हुआ नहीं है और इनकी उच्च स्तरीय जांच किये जाने की आवश्यकता है। सरकार को इस मामले मेे तत्काल कार्यवाही करनी चाहिए।
यहां कांग्रेस भवन में पत्रकारों से रूबरू होते हुए उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार के संरक्षण में व्यापक स्तर पर भ्रष्टाचार हो रहा है और जिसमें श्रम विभाग का साईकिल घोटाला, एनएच 74 घोटाला, राशन किट घोटाला, महाकुंभ घोटाला, साईकिल घोटाला को कांग्रेस के नेताओं ने एक्पोज किया जो किसी से छिपा हुआ नहीं है और इनकी उच्च स्तरीय जांच किये जाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि पूर्व में सरकार ने 1०० दिन में लोकायुक्त की नियुक्ति का वायदा किया था लेकिन आज साढ़े चार साल में भी नियुक्ति नहीं हो पाई है। उन्होंने कहा कि भाजपा की करनी व कथनी में अंतर है और उनके प्रदेश प्रभारी कहते है कि सामुदायिक नेतृत्व में आगामी चुनाव लड़ा जायेगा और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक कह रहे है कि युवा सीएम पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में चुनाव लड़ा जायेगा। उन्होंने कहा कि भाजपा खुद ही कन्फ्यूज है और वह इस प्रकार के बयानों से जनता को भी कन्फ्यूज कर रही है। उन्होंने कहा कि भाजपा के भीतर खींचतान चल रही है और कभी भी बड़ा विस्फोट हो सकता है।
उन्होंने कहा कि कई नेता पार्टी को छोडऩे को तैयार है और कांग्रेस ने अभी दरवाजा नहीं खोला है और कांग्रेस दरवाजा खोल दें तो वह सभी कांग्रेस की ओर पलायन कर देंगें। उन्होंने कहा कि आगामी 2०22 में भाजपा का बुरा हाल होगा और जनता आज भाजपा के कार्यकाल में परेशान है और जर्जर स्वास्थ्य सेवाओं, किसानों की आत्महत्या के साथ ही ज्यादा विस्फोटक क्या हो सकता है। उन्होंन ेकहा कि साढे चार साल तक किसी भी प्रकार का कोई संवाद नहीं किया है और अब ई संवाद कर रहे है और अब इसका कोई अर्थ ही नहीं है। उन्होंने कहा कि जबसे कांग्रेस चुनावी मोड में आई तब से भाजपा में बैचेनी छा गई है और पूर्ववर्ती त्रिवेन्द्र सिंह रावत के कार्यकाल में परिवहन से जुडे हुए लोगों के लिए एक हजार रूपये देने की घोषणा की गई थी जो ऊंट के मुंह में जीरे के समान थी और अब धामी सरकार ने कहा है कि उन्हें चिन्हित किया जायेगा। उन्होंने कहा कि जो लोग पूर्व में चिन्हित हो रखे है उनके खाते में सरकार 1०- 1० हजार रूपये की सहायता राशि डाले। उन्होंने कहा कि कोविड महामारी से मरे साढे सात हजार लोगों के परिजनों के लिए कोई आर्थिक सहायता की आज तक घोषणा नहीं की गई है और उन्होंने मुख्यमंत्री से इस ओर कार्यवाही करने की मांग की है। जिससे उन लोगों की भी मदद हो सके। उन्होंन कहा कि देश की संसद ने अन्य पिछडा वर्ग से संबंधित मुददे लंबित रहते है एक रणनीति के तहत वर्तमान सरकार ने बिल को लेकर आई और इसमें पक्ष व विपक्ष में अपना सहयोग दिया। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में भी आगामी विधानसभा सत्र में उत्तराखंड में तमाम जातियों को शामिल किया जाये। इस अवसर पर वार्ता में गरिमा दसौनी, महेश जोशी, वंदना शाही आदि उपस्थित थे।

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