दून के अलग अलग स्थानों पर लिये पानी के सैंपल

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देहरादून(संवाददाता)। स्पेक्स संस्था के जल प्रहरियों के सहयोग से दून एवं आस पास के क्षेत्रों से पेयजल के 125 नमूने घर-घर जाकर लिए और उनका परीक्षण स्पेक्स प्रयोगशाला में किया और जिसमें पाया की 9० प्रतिशत पानी पीने योग्य नहीं है और मानकों के अनुरूप नहीं है।
यहां परेड ग्राउंड स्थित उत्तरांचल प्रेस क्लब में पत्रकारों से रूबरू होते हुए स्पेक्स संस्था के सचिव डा. बृजमोहन शर्मा ने कहा कि स्पेक्स वर्ष 199० से देहरादून के पेयजल की गुणवत्ता पर कार्य कर जन-जन को शुद्ध जल अभियान चला रहा है जिसका उद्देश्य आम जन को पीने के पानी के विषय में जागरूक करना है। स्पेक्स के जन- जन को शुद्ध जल अभियान 2०21 में 125 स्थानों से पेयजल के 125 नमूने एकत्र किये जिसमे लगभग 9० प्रतिशत नमूने मानकों के अनुरूप नहीं पाए गए । आम जन के साथ-साथ अधिकारियों, विधायकों और मंत्रियों के कार्यालयों व घरों से भी पानी के नमूने एकत्र किये गए। उन्होंने कहा कि देहरादून के पेयजल में कहीं क्लोरीन ज्यादा होने के कारण ,तो कहीं फीकल कॉलीफार्म और कठोरता के कारण पानी पेयजल नहीं है, यह पीने योग्य नहीं है। ज्यादातर पेयजल गुणवत्ता सुपर क्लोरीनेशन के कारण पिने योग्य नहीं रहा है। उन्होंने कहा कि पेयजल में कठोरता होने से होने वाले नुकसान इस प्रकार है बाल और त्वचा जल्दी बूढ़े होते है। खाली पेट रहने से पथरी रोग बढ़ता है। चिकत्सा का खर्चा बढ़ जाता है। लीवर ,किडनी ,आँखे ,हड्डी के जोड़ ,गैस्ट्रो और पाचन पर बुरा प्रभाव डालते है। नहाने, कपडे और बर्तन धोने में ज्यादा पानी लगता है। गीजर ,पानी की टंकी ,पाइप लाइन जल्दी चौक हो जाती है। गीजर में पानी गरम करने में बिजली की खपत अधिक होती है। खाना पकाने में घरेलु गैस ज्यादा खर्च होती है।
उन्होंने कहा कि फीकल कॉलीफार्म से होने वाले नुकसान में पेट में कीड़े, पेट के अन्य रोग । हैजा, दस्त ,पीलिया, उल्टी आदि और कुछ लोगों को हेपेटिटिस-बी होने की सम्भावना होती है। क्लोरीन के अधिक और लगातार प्रयोग से निम्न नुकसान होते हैं और इसमें बाल सफेद, त्वचा बूढी, त्वचा के सुखना, कपड़ो के रंग जाना तथा पेट के अन्य रोग यहाँ तक की अलसर और कैंसर भी हो सकता है। उन्होंने कहा कि पेयजल पर लोक संवाद किया गया और राजपुर रोड निवासी देवेंद्र शाह द्वारा बताया गया कि कभी-कभी पानी बहुत ही गंदा आता है। माजरा में गिरीश चंद द्वारा बताया गया कि पानी गंदा आता है। ट्रांसपोर्ट नगर सुभाष नगर निवासी इरफान द्वारा बताया गया कि पानी की जांच पहली बार हो रही है शिकायत करने पर भी कोई कर्मचारी जांच के लिए नहीं आता है। चंद्रबनी अमर भारती निवासी राजेश कोठारी द्वारा बताया गया कि पानी का प्रेशर बहुत कम रहता है जिसके कारण मोटर लगानी पड़ती है। उन्होंने कहा कि आराघर चौक प्रभात डेरी के स्वामी द्वारा बताया गया कि पानी गंदा आता है जिस कारण नल में कपड़ा बांधकर या छलनी से छान कर पानी भरना पड़ता है। राजेश्वर पुरम जोगीवाला निवासी विनोद पंत के द्वारा बताया गया कि पानी काफी दिनों से गंदा आ रहा है जिसमें कीड़े भी आ रहे हैं। नालापानी रोड पर लोगों द्वारा बताया गया कि पानी केवल एक ही समय आता है जिससे कि बड़ी परेशानी होती है। झंडा बाजार निवासी आशीष कुमार ने जानकारी दी कि कभी-कभी पानी बदबूदार आता है। तिलक रोड के आराध्य द्वारा बताया गया कि कभी-कभी पानी में कीड़े आते हैं और बदबू भी आती है। उन्होंने कहा कि नवीन सैनी कुम्हार मंडी चौक द्वारा जानकारी दी गई कि पानी आता तो है लेकिन कई बार बदबूदार पानी आता है। डोभालवाला निवासी सुनील सिंह बटोला द्वारा जानकारी दी गई कि बस्ती के कुछ क्षेत्रों में गंदा पानी आ रहा है जिसमें बदबू भी आ रही है। हाथीबड़कला के जगदीश खरोरा ने बताया कि पानी गंदा आता है पानी में प्रेशर भी नहीं है और समय भी बहुत कम दिया जाता है। उन्होंने कहा कि इसके अलावा अन्य लोगों से भी संवाद किया गया। इस अवसर पर स्पेक्स संस्था क अनेक सदस्य शामिल थे।

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