उत्तरकाशी (संवाददाता)। प्रदान मंत्री नरेंद्र मोदी ने 2०24 तक देश के समस्त किसानों की आय दुगुनी करने बात कही थी। लेकिन उत्तराखंड में किसानों की आय तो दोगुना नहीं हुई मंडी समितियों आई जरूर चौगुनी हुई है। बतादें कि उत्तरकाशी जिले के रवांईघाटी में आजकल टमाटर की फसल तैयार है और किसानों के टमाटर देहरादून विकासनगर की मंडी पंहुच रहे हैं जहां किसानों के टमाटर लूट के भाव बिक रहे हैं। टमाटर इन दिनों 2००रूपये क्रेट में बिक रही है यानि 6-1० रू० किलो जोकि यह भाव अत्यधिक कम है, किसानों की मेहनत को छलने करने का काम उत्तराखंड की मंडीयां कर रही जो गलत है। मामले पर नौगांव निवासी नरेश नौटियाल ने बताया कि यमुना घाटी में टमाटर की खेती पर ही कास्तकार निर्भर हैं और मंडी में लूट मची हुई है जिसपर नौटियाल ने राज्य सरकार से मंडीयों पर हस्तक्षेप की मांग उठाई है। दूसरी ओर साधु राम डोभाल ने फेसबुक पर लिखा है कि किसानों पर दोहरी मार पड़ रही है और टमाटर लूट के भाव बिक रहे है। कास्तकारों ने बताया कि टमाटर की एक क्रेट का भाव कमसेकम 1हजार रूपये होना चाहिए, जब भाव सही होगा तो मेहनताना उठ सकती है, यमुना घाटी में कमसेकम प्रत्येक साल 1० से2०हजार क्रेट टमाटर का उत्पादन होता है लेकिन उत्तराखंड की मंडीया मुनाफाखोरी कर कास्तकारों को छलने का काम कर रही है, राज्य की मंडीयों को कास्तकारों की फसलों के सही दाम की नीयति बनाने के लिए सरकार को आगे आना चाहिए जिससे लोगों का लगाव खेती करनी पर हो, प्रदेश आवश्यक चीजों की दरें जब बढ सकती हैं तो किसानों के फसलों की क्यों नहीं, प्रदेश सरकार को यदि पलायन रोकना है तो प्रदेश के कास्तकारों के हीत में उचित फैसले लेनें होंगें।
