देहरादून(संवाददाता)। उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना द्वारा शुरू की गई कोविड 19 शहीद श्रद्धांजंलि यात्रा के आज दूसरे दिन श्रीदेवसुमन नगर वार्ड 35 पहुंची जहां धस्माना दीप लोक , मित्र लोक , जवाहर कालौनी व चोर खाला में कोविड काल में स्वर्ग सिधारे 25 कोविड शहीदों के परिवारों से मिले।
इस अवसर पर प्रेस से अपने अनुभव साझा करते हुए धस्माना ने बताया कि दीप लोक कालौनी में रहने वाले सरदार हरजीत सिंह जी का परिवार कैनेडा रहता है और वे अकेले रहते थे । उनके छोटे भाई सरदार चरणजीत सिंह नरूला ने बताया कि घर में सरदार जी की देखभाल व खाना बनाने वाली महिला को शायद कोरोना था जिससे संक्रमण सरदार हरजीत सिंह को भी हो गया 27 या 28 अप्रैल को जिसकी सूचना उन्होंने अपने दूसरे भाई सरदार रंजीत सिंह जो कनाडा रहते है 3० अप्रैल को जब सुबह नहीं उठे तो घर में काम करने वालों ने उनके सबसे छोटे भाई सरदार चरणजीत सिंह जो करनपुर रहते हैं को सूचित किया उनके आने पर दरवाजा खोला गया तो सरदार जी स्वर्ग सिधार चुके थे। इस अवसर पर सरदार चरण जीत सिंह ने बताया कि बड़े भाई की इच्छा थी कि उनके बाद उनके निवास स्थान पर गुरुद्वारा बना दिया जाय तो हमने उनके भोग के दिन ही गुरु महाराज का स्थायी रूप से प्रकाश कर यहां गुरुद्वारा बना दिया है जिसे पंजीकृत करवा रहे हैं व इसे सार्वजनिक बना दिया जाएगा। धस्माना ने बताया कि दीप लोक में ही आर के गुप्ता परिवार पर तो मानो मुसीबतों का पहाड़ ही टूट गया उनके बड़े भाई जगदीश प्रकाश की कोविड से मौत हुई और वे उनके संस्कार के लिए गए हुए थे 2 मई को शमशान घाट पर फोन आया कि उनके दूसरे भाई सत्यप्रकाश जो इन्द्रपुरम जीएमएस रोड रहते हैं भी चल बसे और कुछ घण्टों बाद सबसे छोटे भाई जो कुंआवाला में रहते थे वे भी गुजर गए। गुप्ता ने कहा कि हमें तो लगा कि शायद पूरी दुनिया ही खत्म हो गयी,घर में बेटा भी संक्रमित था इधर तीन तीन भाई एक ही दिन चल बसे। इस अवसर पर धस्माना गुप्ता परिवार की व्यथा सुन कर खुद भावुक हो गए व आंखें नम हो गयी। वैश्विक महामारी की इस अनहोनी चोट से गुप्त परिवार के सदस्यों को उन्होंने सांत्वना दी कर मरहम लगाने की कोशिश की व आश्वासन दिया कि किसी भी आवश्यकता के लिए वे उनको याद कर सकते हैं।
धस्माना ने कोविड के कारण मृत तनवीर के परिजनों से मुलाकात की तो उनकी मां ने बताया कि घर में अकेले कमाने वाला था 45 वर्षीय तनवीर अब उसके बच्चे पत्नी व पूरे परिवार का क्या होगा कोई नहीं जानता। धस्माना दीप लोक में जे पी धस्माना, एन पी जगूड़ी,सरदार जसबीर सिंह, राकेश मित्तल मित्रलोक कालौनी में महेश चंद्र शर्मा, वीरेंद्र शर्मा, सीता राम पुंज, मनीष, विपिन्न शर्मा समेत सभी 25 परिवारों में गए जहां कोविड काल में कोरोना संक्रमण से मृत्यु हुई।
