लोकायुक्त की नियुक्ति को उपवास

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संवाददाता
देहरादून। लोकायुक्त नियुक्त करने को फाईलों से मुक्त कराने की मॉग को लेकर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सुरेन्द्र कुमार उपवास पर बैठे और भाजपा सरकार पर गम्भीर भ्रष्टाचारों के आरोप लगाये और राज्यपाल को ज्ञापन प्रेषित किया गया और इस मामले पर कार्यवाही किये जाने की मांग की गई।
यहां राज्य के लोकायुक्त को फाईलों से मुक्त कराने व लोकायुक्त नियुक्त करने की मॉग को लेकर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सुरेन्द्र कुमार ने नरदेव शास्त्री मार्ग स्थित अपने कार्यालय में दोपहर 12 से ०1 बजे तक उपवास रखा, साथ ही राज्यपाल को एक ज्ञापन भेज भाजपा सरकार के भ्रष्टाचार को रोकने के लिये सरकार को लोकायुक्त शीर्घ नियुक्त करने के लिये निर्देशित करने की मॉग भी की है।
इस अवसर पर सुरेन्द्र कुमार ने कहा कि हरीश रावत के मुख्यमंत्रित्व कार्यकाल में लोकायुक्त नियुक्ति प्रक्रिया की फाईलों को अनुमोदन हेतु भेजा गया था। उन्होंने कहा कि सात साल की अवधि में चार संसोधनों के बाद अब लोकायुक्त विधानसभा की सम्पति के रुप में बंद है, जबकि लोकायुक्त कार्यालय, इन्डस्टीयल स्टेट, देहरादून चल रहा है। उन्होंने कहा कि उपरोक्त कार्यालय जिस भवन में चल रहा है उसमें फर्नीचर व कार्यरत कर्मचारियों व भवन पर जनता के धन से हर माह लाखों रुपयों का वेतन व अन्य मदो में खर्च किया जा रहा है।
उन्होंने यह भी अवगत कराया है कि भाजपा की वर्तमान सरकार ने अपने चुनाव दृष्टि पत्र 2०17 में 1०० दिन में राज्य को लोकायुक्त देने का वादा किया था। उन्होंने कहा कि चार वर्ष से अधिक बीत जाने के बाद भी राज्य की जनता को लोकायुक्त नही मिल पाया है, वहीं भाजपा सरकार से जुड़े हुए भ्रष्टाचार के अनगिनत मामले लगातार उजागर हो रहे है जिसमें ताजा मामला कोरोना जॉच का फर्जीवाड़ा है, जिससे राज्य की छवि भी धूमिल हुई है।
उन्होंने कहा कि चार वर्ष में भाजपा सरकार ने नख से सिर तक भष्टाचार के कई र्कीतिमान स्थापित किये है इसलिए जिस मुख्यमंत्री को चार वर्ष से अधिक बनाये रखा उसको अपने उपलब्धियों के कथित जश्न को मनाने से पूर्व ही हटाया है। उन्होने कहा कि उल्लेखनीय है कि पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत जी के नेतृत्व वाली सरकार ने लोकायुक्त चयन समिति की बैठक 21 फरवरी 2०16 को तत्कालीन मुख्यमंत्री हरीश रावत की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई बैठक में सर्च कमेटी द्वारा तत्कालीन नेता प्रतिपक्ष अजय भटट् की उपस्थिति में लिये गये निर्णयनुसार चयन समिति द्वारा चयनित नामों को राजभवन अनुमोदन प्रेषित किया गया था उपरोक्त के सम्बन्ध में फाईलों में कैद उत्तराखण्ड़ के लोकायुक्त को मुक्त कराने हेतु सरकार को उचित निर्देश देने की जरूरत है।
इस अवसर पर स्वतंत्रता सेनानी संघ के पदाधिकारी सत्यप्रकाश सिंह चौहान, एडवोकेट प्रेम सिंह दानू, उत्तराखण्ड़ मेडिकल एण्ड़ सेल्स रिप्रेजेन्टेटिब्स एसोसिशन से कुलदीप प्रसाद डोबरियाल, गिरधर पंडि़त, पीपुल्स फोरम से जयकृत कण्ड़वाल, स्वतंत्रता सैनानी नाथूराम डोभाल के पुत्र व ट्रेड़ यूनियन नेता राकेश डोभाल आदि उपस्थित रहे।

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