स्नेह राणा ने उत्तराखण्ड का नाम किया रौशन

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देहरादून(संवाददाता)। भारतीय महिला क्रिकेट टीम की ऑलराउंडर स्नेह राणा का इंग्लैंड के खिलाफ चमत्कारिक प्रदर्शन रहा और एकमात्र टेस्ट में हार से बचाया और पहले चार विकेट लिये और फिर राहुल द्रविड़ की तरह दीवार बनकर स्नेह राणा ने नाबाद 8० रन बनाकर भारत को हार से बचाया। स्नेह राणा की इस उपलब्धि की चारों ओर प्रशंसा की जा रही है। स्नेह राणा ने अपने प्रशंसकों के साथ ही साथ उत्तराखंड का नाम भी अपने खेल से रोशन किया हे।
यहां लिटिल मास्टर क्रिकेट क्लब के अध्यक्ष व स्नेह राणा के कोच नरेन्द्र शाह ने स्नेह के इस चमत्कारिक प्रदर्शन पर हर्ष जताया है और उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की बेटी ने इंग्लैंड की धरती पर अपने डेब्यू मैच में शानदार खेल का प्रदर्शन कर सभी का दिल जीत लिया है। देहरादून की रहने वाली स्नेह राणा की नाबाद 8० रनों की पारी ने भारत को हार से बचाया। उन्होंने कहा कि इंग्लैंड के ब्रिस्टल के काउंटी ग्राउंड में खेले गए एकमात्र टेस्ट मैच में गेंद और बल्ले दोनों से शानदार प्रदर्शन करते हुए बड़ा रिकॉर्ड अपने नाम किया।
उन्होंने बताया कि वह पहले ही टेस्ट मैच में एक पारी में चार विकेट और 5० से अधिक रन बनाने वाली भारत की पहली खिलाड़ी बन गई हैं। साथ ही, यह कारनामा करने वाली वह दुनिया की चौथी खिलाड़ी हैं। उनका कहना है कि 16 जून को शुरू हुए इस मैच में इंग्लैंड ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया था। पहली पारी में इंग्लैंड ने ०9 विकेट के नुकसान पर 396 रन बनाए थे। स्नेह राणा ने शानदार गेंदबाजी करते हुए चार विकेट अपने नाम किए। वहीं, भारतीय टीम की दूसरी पारी में स्नेह राणा ने अपने बल्ले से भी कमाल दिखाया। स्नेह राणा के नाबाद 8० रन, 154 गेंद,13 चौके की मदद से भारत ने चौथे और अंतिम दिन इंग्लैंड के खिलाफ एकमात्र क्रिकेट टेस्ट मैच ड्रॉ कराया। उनका कहना है कि इंग्लैंड ने पहली पारी नौ विकेट पर 396 रन पर घोषित की थी जिसके जवाब में भारतीय टीम पहली पारी में 231 रन पर सिमट गयी और मेजबानों ने 165 रनों की लीड के साथ भारत को फॉलो ऑन दिया। भारत ने अंतिम दिन का खेल समाप्त होने तक आठ विकेट पर 344 रन बनाकर ड्रॉ कराया। एक समय भारत का स्कोर सात विकेट खोकर 199 रन था उस वक्त इंग्लैंड की अपनी जीत को लेकर पूरी तरह आश्वस्त थी। करीब 4० ओवर का खेल बाकी था और बढ़त सिर्फ 34 रनों की थी। लेकिन स्नेह और तानिया भाटिया नाबाद 44 रन के बीच नौंवे विकेट के लिये भारत की 1०4 रन की रिकार्ड साझेदारी ने बनाकर इंग्लैंड के मंसूबों पर पानी फेर दिया। उन्होंने कहा कि इससे पहले राणा ने शिखा पांडे (18 रन) के साथ आठवें विकेट के लिए 41 रन की अहम साझेदारी निभाई। वह न सिर्फ खुद संभल कर खेली बल्कि साथी खिलाड़ी को भी इसके लिए तैयार करती रही। मैच के बाद स्नेह राणा ने कहा कि वह अपनी पारी से खुश है। वह यहां पहले कभी नहीं खेली इसलिए उनका यह अनुभव वाइट-बाल क्रिकेट में बहुत मदद करेगा। उन्होंने कहा कि स्नेह राणा ने अपने खेल से जहां प्रशंसकों की वाहवाही लूटी वहीं उत्तराखंड का भी नाम रोशन किया हे।

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