देहरादून(संवाददाता)। पुरानी पेंशन बहाली की मांग को लेकर राष्ट्रीय आंदोलन एनएमओपीएस उत्तराखंड के प्रतिनिधि मंडल द्वारा आज उत्तराखंड के मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत से मुलाकात की गई जिसमें प्रांतीय अध्यक्ष जीत मणि पैन्यूली, प्रांतीय महामंत्री मुकेश रतूड़ी, कोषाध्यक्ष शांतनु शर्मा, इंजीनियर जगमोहन सिंह रावत पुष्कर राज बहुगुणा सूर्य सिंह पवार एवं अन्य लोग शामिल थे। इस अवसर पर पैन्यूली ने मुख्यमंत्री को अवगत कराया कि उत्तराखंड में 1 अक्टूबर 2००5 से पूर्व विभिन्न विभागों में विज्ञप्ति जारी हुई थी उसके उपरांत कुछ कार्मिकों को 1 अक्टूबर 2००5 से पहले नियुक्ति मिल गई थी जबकि उसी विज्ञप्ति से चयनित बहुत से कार्मिकों को सरकारी कारणों से 1 अक्टूबर 2००5 के बाद नियुक्ति मिली और उन्हें नई पेंशन स्कीम से आच्छादित किया गया।
उन्होंने कहा कि एक ही विज्ञप्ति में नियुक्त कार्मिकों को अलग-अलग पेंशन का लाभ दिए जाने के कारण कार्मिकों में भारी असंतोष है फल स्वरूप कई कार्मिक उच्च न्यायालय में इस विरोधाभास के खिलाफ अपना पक्ष रखने गए उच्च न्यायालय द्वारा एक ही विज्ञप्ति के माध्यम से चयनित कार्मिकों को पुरानी पेंशन बहाली किए जाने का आदेश भी सरकार को दिया जा चुका है और सरकार द्वारा ऐसे प्रकरणों के लिए कैबिनेट मंत्री डॉ हरक सिंह रावत के अध्यक्षता में एक मंत्रिमंडल की उपसमिति का भी गठन किया गया है।
इस अवसर पर प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री से अनुरोध किया है कि उत्तराखंड में 1 अक्टूबर 2००5 से पूर्व एक ही विज्ञप्ति से चयनित नियुक्त कार्मिकों को शीघ्र अति शीघ्र पुरानी पेंशन का लाभ दिया जाए साथ ही 1 अक्टूबर 2००5 के बाद नियुक्त समस्त कार्मिकों को भी पुरानी पेंशन का लाभ दिए जाने के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देशित करने का आग्रह किया गया मान्य मुख्यमंत्री ने प्रतिनिधि मंडल को आश्वासन दिया की सरकार एनएमओपीएस उत्तराखंड के इस अनुरोध पर गंभीरतापूर्वक विचार कर रही है और कार्मिक हितों के लिए शीघ्र अति शीघ्र ठोस कार्रवाई की जाएगी और एनएमओपीएस उत्तराखंड समस्त कार्मिकों को पुरानी पेंशन बहाल किए जाने तक पूर्व की भांति लगातार संघर्ष करता रहेगा।
