संवाददाता
देहरादून। राज्य के औद्योगिक विकास मंत्री गणेश जोशी ने अपने दिल्ली प्रवास के दौरान केन्द्रीय इलेक्ट्रानिक, सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) एंव संचार मंत्री रवि शंकर प्रसाद से मुलाकात कर इलैक्ट्रॉनिकी विनिर्माण क्लस्टर योजना हेतु आवश्यक सहयोग की मांग की। साथ ही दूरसंचार सेवाओं की कवरेज से बाहर पड़े उत्तरकाशी जनपद के 1०7 गांवों को संचार सेवाएं उपलब्ध करवाने हेतु तकनीकी सहयोग प्रदान करने की मांग की।
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने बताया कि उत्तराखण्ड राज्य की ओर से उधमसिंहनगर के काशीपुर, में लगभग 133 एकड़ भूमि पर इलैक्ट्रॉनिकी विनिर्माण क्लस्टर का प्रस्ताव तैयार कर भारत सरकार को प्रेषित किया है। जिसकी पैरवी करने के लिए औद्योगिक विकास मंत्री, गणेश जोशी ने केन्द्रीय आईटी मंत्री से दिल्ली में मुलाकात की है। इस अवसर पर औद्योगिक विकास मंत्री गणेश जोशी ने बताया कि, इलैक्ट्रॉनिकी एंव सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा आत्मनिर्भर राष्ट्र की परिकल्पना के साथ लागू की गई इलैक्ट्रॉनिकी विनिर्माण क्लस्टर योजना से जहाँ अंर्तराष्ट्रीय स्तर पर लगभग 17० करोड़ के निवेश का अनुमान है, वहीं उत्तराखण्ड राज्य के लगभग 1० हजार कुशल युवाओं को प्रत्यक्षध्अप्रत्यक्ष तौर पर रोजगार का अवसर प्राप्त होगा। उन्होंने कहा कि इस परियोजना को मूर्तरुप देने के लिए मंत्रालय द्वारा जारी दिशा-निर्देशानुसार एक एंकर यूनिट का निवेश प्रस्ताव अनिवार्य है।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा नामित पीआईए राज्य अवस्थापना एंव औद्योगिक विकास निगम उत्तराखण्ड लिमिटेड (सिडकुल) द्वारा निवेश हेतु मंत्रालय व इन्वेस्ट इण्डिया के साथ सामजस्य स्थापित करते हुए सभी सम्भव प्रयास किये जा रहे हैं। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि चूंकि इलैक्ट्रॉनिक सेक्टर राज्य में एक नया सेक्टर है, अत: इसके लिए सबसे महत्वपूर्ण, एक एंकर यूनिट के निवेश हेतु हमें भारत सरकार के इलैक्ट्रॉनिकी एंव सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय का सहयोग अपेक्षित है।इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री द्वारा राज्य में आईटी क्षेत्र में औद्योगिक निवेश आकर्षित करने के लिए बेहतर इंटरनेट कनेक्टिविटी सुविधा का मुद्दा भी उठाया. और जिस पर केंद्रीय मंत्री द्वारा पूरे राज्य में ऑप्टिकल फाइबर बिछाने के कार्य को तेजी दिए जाने का भी आश्वासन दिया। इस दौरान कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने राज्य के उत्तरकाशी जनपद के 1०7 गावों में अभी भी दूरसंचार सेवा से आच्छादित नहीं होने का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि इन गावों में दूरसंचार की स्थिति यह है कि आपातकालीन स्थिति में स्वास्थ्य सम्बन्धी आपात सेवाओं 1०8 एंव पुलिस हेल्प लाईन नम्बर 112 पर भी सम्पर्क नहीं हो पाता है। इस पर केन्द्रीय मंत्री द्वारा राज्य के सीमांत जनपद की रणनीतिक स्थिति के दृष्टिकोण से भी इस विषय को संवेदनशील पाते हुए राज्य को बीएसएनएल के माध्यम से आवश्यक तकनीकी सहयोग प्रदान किया जाऐगा।
