डोईवाला- देहरादून की रोज सेंटेड लीची लोगों की पहली पसंद मानी जाती है. जो कि इन दिनों बाजार में अपनी रौनक बिखेरने लगी है। पर तूफान ने लीची की फशल को भारी नुकसान हुआ है, जिससे कि लीची के किसान थोड़ा मायूस है।
देहरादून आने वाले मेहमान चाहे पर्यटक के रूप में या फिर किसी रिश्तेदार के घर गर्मियों की छुट्टियां बिताने आएं. लेकिन देहरादून की लीची का स्वाद चखे बिना वापस नहीं लौटना चाहते हैं। देहरादून की रोज सेंटेड, कलकतिया, शाही और बेदाना किस्मों की लीची ने इन दिनों बाजार में अपनी रंगत बिखेरनी शुरु कर दी है। देहरादून की लीची का सही समय जून का महीना माना जाता है। और जून का महीना लगते ही पर्यटकों के आने का सिलसिला भी शुरु हो जाता है। यानि देहरादून आने वाला हर व्यक्ति लीची का स्वाद जरुर चखना चाहता है। लेकिन इस बार कोरोना महामारी के चलते देहरादून में पर्यटकों की कमी देखने को मिल रही है, जिस वजह से लीची की बिक्री मैं भी कमी आई है। साथ ही मौसम में तेजी से बदलाव व दो दिन पहले आये तेज तूफान से लीची का नुकसान भी हुआ है. जिससे लीची के किसान सरकार से आर्थिक मदद की उम्मीद कर रहे हैं।
