हल्द्वानी(संवाददाता)। नेता प्रतिपक्ष व हल्द्वानी की विधायक एवं आयरन लेडी के नाम से प्रसिद्ध इंदिरा हृदयेश का बीते रविवार को दिल्ली में हृदय गति रुकने से उन्होंने अंतिम सास ली थी। स्वर्गीय डा० श्रीमती इन्दिरा हृदयेश के पार्थिव शरीर को कल देर रात हल्द्वानी उनके आवास लाया गया था। उससे पूर्व ही दिल्ली में स्थित उत्तराखंड भवन में स्व् इन्दिरा को कोंग्रेसियो ने श्रद्धांजलि दी थी। आज सुवह ही हल्द्वानी आवास पर मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत कोंग्रेस प्रदेश प्रभारी देवेन्द्र यादव,पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत, कैबिनेट मंत्री यशपाल आर्य, बंशीधर भगत,नारायण पाल ने स्वर्गीय इंदिरा को श्रद्धा सुमन अर्पित किए। इसके बाद उनके पार्थिव शरीर को कांग्रेस भवन स्वराज में जनता के लिए अंतिम दर्शन के लिए रखा गया। दोपहर 11 बजे चित्र शीला घाट के लिए शव यात्रा निकाली गई शव यात्रा में भारी संख्या में उनके समर्थक और सभी दलो के लोग मौजूद रहे। शव यात्रा में हजारों की संख्या में लोग उपस्थित रहे शव यात्रा में समर्थक जब तक सूरज चांद रहेगा इंदिरा तेरा नाम रहेगा के नारे नारे लगाते हुए चित्र शीला घाट तक पहुंचे। प्रशासन द्वारा भारी संख्या में पुलिस के सुरक्षा इंतजाम भी किए गए थे। चित्र शीला घाट पर राजकीय सम्मान के साथ नेता प्रतिपक्ष स्वर्गीय इंदिरा हृदयेश का अंतिम संस्कार किया गया।
12 बजे सोमवार को इंदिरा पंचतत्व मे विलीन हुई। मुखाग्नि उनके पुत्र सुमित हृदयेश, संजीव शर्मा तथा सौरभ शर्मा द्वारा दी गई। पुलिस के जवानों द्वारा उन्हें सलामी दी गई। अन्तिम विदाई के दौरान हजारों की संख्या में जनसमूह अन्तिम संस्कार मे उमडा और लोगों ने अश्रुपूरित नेत्रों से अपने प्रिय नेता को विदाई दी। स्वर्गीय डा० इन्दिरा हृदयेश के पार्थिक शरीर पर उनके आवास पर प्रदेश के मुख्यमंत्री तीरथ सिह रावत, शहरी विकास मंत्री बंशीधर भगत, प्रदेश अध्यक्ष भाजपा मदन कौशिक, सांसद अजय भटट, अध्यक्ष जिला पंचायत बेला तोलिया, मेयर डा० जोगेन्दर पाल सिह रौतेला ने स्वर्गीय हृदयेश के पार्थिव शरीर पर पुष्पचक्र अर्पित कर उन्हें श्रद्वांजलि दी थी।अपनी संवेदना व्यक्त करते हुये मुख्यमंत्री रावत ने कहा कि वरिष्ठ राजनेता एवं नेता प्रतिपक्ष डा० इन्दिरा हृदयेश के निधन से प्रदेश को जो क्षति हुई है उसकी भरपाई भविष्य मे सम्भव नही है। उन्होने कहा डा० हृदयेश ने पिछले चार दशकों से उत्तर प्रदेश से लेकर उत्तराखण्ड की राजनीति मे बडी भूमिका निभाई है वे एक कुशल प्रशासक, वरिष्ठ राजनैतिज्ञ तथा संसदीय ज्ञान की अच्छी जानकार थी। विकास कार्यो के लिए सदैव तत्पर रहती थी। उन्होने जीवन की आंखरी सांस तक जनसेवा की और विधायक, एमएलसी मंत्री तथा नेता प्रतिपक्ष के रूप में सेवाएं देकर जनसेवा की है। डा० हृदयेश प्रदेश का एक मजबूत स्तम्भ रही है। लम्बे समय तक उनके कार्यो को याद रखा जायेगा। मुख्यमंत्री रावत ने कहा कि स्व० इन्दिरा हृदयेश की स्मृति मे किसी बडे विकास कार्य का नामकरण किया जायेगा।मुख्यमंत्री ने कहा कि वह मुझे छोटे भाई की तरह समझती थी और समय-समय पर हम उनसे महत्वपूर्ण सुझाव भी लिया करते थे उन्होंने कहा कि अभी कुछ दिनों तक मेरी फोन पर कई बार बात हुई थी। बतादे बीते रोज रविवार को डा० इंदिरा हृदयेश का दिल्ली मे निधन हो गया था, रविवार की देर सांय उनका पार्थिव शरीर उनके हल्द्वानी आवास पहुंचा था।इधर चित्रशिला घाट में कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी देवेंद्र यादव, पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत, समाज कल्याण एवं परिवहन मंत्री यशपाल आर्य, शिक्षा मंत्री अरविन्द पाण्डे,सांसद प्रदीप टम्टा,पूर्व विधान सभा अध्यक्ष गोविन्द सिह कुंजवाल, पूर्व केैबिनेट मंत्री हरीश चन्द्र दुर्गापाल,प्रदेश अध्यक्ष कांग्रेस प्रीतम सिह, पूर्व अध्यक्ष किशोर उपाध्याय, विधायक राजकुमार ठुकराल, संजीव आर्य, राजेश शुक्ला, राम सिह कैडा, आदेश चौहान, पुष्कर सिंह धामी, हरीश धामी,नवीन दुम्का, काजी मो० निजामुद्दीन,देशराज कर्णवाल,पूर्व सांसद बलराज पासी, डा० महेन्द्र सिह पाल, उपाध्यक्ष अल्पसंख्यक आयोग मजहर नईम नवाब,जिलाध्यक्ष भाजपा प्रदीप बिष्ट, पार्षद प्रमोद तोलिया,जिलाध्यक्ष कांग्रेस सतीश नैनवाल, प्रदेश प्रवक्ता भाजपा प्रकाश रावत,पूर्व दर्जामंत्री रेनू अधिकारी, अजय राजौर,तरूण बंसल, पूर्व विधायक दान सिह भण्डारी, नारायण पाल,ललित फर्सवाण, दीपक बलूटिया, हेमवती नन्दन दुर्गापाल, हेमन्त बगडवाल, मयंक भटट, नव तेजपाल सिंह,नवीन वर्मा, हसनैन मलिक,आरसी बिंजौला, हाजी मो० अकरम, कमल कफलटिया,सरताज अहमद, टीटू शर्मा, महेश जोशी, हेमन्त साहू हरपाल सिंह रमेश राय के अलावा आयुक्त कुमाऊ एवं सचिव माननीय मुख्यमंत्री अरिवन्द सिह हृयांकी,आईजी अजय रौतेला, जिलाधिकारी धीराज सिह गव्र्याल, एसएसपी प्रीति प्रियदर्शनी,संयुक्त सचिव मा. मुख्यमंत्री डा० पराग मधुकर धकाते सहित अनेक गणमान्य लोगों ने एवं अधिकारियों ने स्व० डा० इन्दिरा हृदयेश को पुष्पचक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि दी है।
