नहीं रही फायर ब्रांड नेता डा. इंदिरा

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संवाददाता
देहरादून। वर्ष 1974 से हिमालय पुत्र स्वर्गीय हेमवती नंदन बहुगुणा के नेतृत्व में राजनीति की पारी शुरू करने वाली डा. इंदिरा हृदयेश का दिल्ली में दिल का दौरा पडऩे से फायर ब्रांड नेता व आयरन लेडी का निधन हो गया है और वह 8० वर्ष की थी। उनके निधन से प्रदेश के मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत, प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष व विधायक प्रीतम सिंह, प्रदेश उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना, महानगर अध्यक्ष लालचन्द शर्मा, गरिमा दसौनी, पूर्व विधायक राजकुमार, महामंत्री पी के अग्रवाल, विनय सारस्वत विधायकों सहित अनेक कांग्रेसजनों के साथ ही राजनैतिक दलों ने उनके निधन पर शोक व्यक्त करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके साथ बिताये हुए दिनों को याद किया। वहीं राज्य में एक दिवसीय राजकीय शोक घोषित किया गया हे। कोंग्रेस आलाकमान के साथ बैठक में हिस्सा लेने हृदयेश दिल्ली पहुंची ओर इंदिरा कि मृत्यु की खबर से कोंग्रेस और प्रदेश में शोक की लहर व्याप्त हो गई है।
यहां नेता प्रतिपक्ष के निधन से कांग्रेस सहित अन्य राजनैतिक दलों में शोक की लहर पैदा हो गई और इंदिरा आने वाले विधानसभा चुनाव की रूपरेखा को लेकर चुनाव प्रचार जैसे तमाम मुद्दों पर गहन चिंतन बैठक में भाग लेने दिल्ली पहुंची थी। इसी बीच दिल्ली में स्थित उत्तराखंड सदन में ही उनकी तबीयत बिगड़ गई इसके बाद उन्हें हॉस्पिटल ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। बताया जा रहा है कि उनहे दिल का दौड़ा पडऩे से मृत्यु हुई है। यह खबर जैसे ही उत्तराखंड पहुंची तो प्रदेश में शोक की लहर दोड़ गयी। इस दुखद खबर पर कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी ने ट्वीट कर गहरा दुख जताया है ट्वीट में राहुल ने लिखा है कि उत्तराखंड की कांग्रेस पार्टी की मजबूत कड़ी डॉक्टर इंदिरा हृदयेश के निधन का समाचार मिला उन्होंने लिखा है कि वह अंत तक जनसेवा एव कांग्रेस परिवार के लिए कार्यरत रही उनके द्वारा किए गए कार्य हमारे लिय प्रेरणास्त्रोत हैं।
वहीं दूसरी ओर हल्द्वानी स्थित उनके आवास पर कांग्रेसियों और स्वर्गीय इंदिरा हृदयेश के समर्थकों की भीड़ लग गयी है। इसके साथ ही विपक्षी नेता भी श्रदांजलि देने पहुंचने लगे हैं। वहीं उत्तराखंड राजनीति की एक कोहिनूर को जनता ने खो दिया। जिसकी कमी हमेशा बनी रहेगी। उल्लेखनीय है कि वर्ष सन 1974 से स्वर्गीय हेमवती नंदन बहुगुणा के नेतृत्व में डा. इंदिरा हृदयेश से राजनीति की पारी शुरू की थी। जो कि लगातार उत्तर प्रदेश की राजनीति में सक्रिय रहते हुये लगातार एमएलसी विधान परिषद में रही। हल्द्वानी क्षैत्र से विधानसभा से विधायक राज्य बनने के बाद रही। उनकी पार्टी सत्ता में रहते हुए डा. इंदिरा हृदयेश अहम विभागों का कुशल संचालन किया। उनके निधन से मृदुभाषी, कुशल राजनीतिक नेत्री की कमी उत्तराखंड की राजनीति में खलती रहेगी और सदन में उनकी इस कमी की भरपाई नहीं की जा सकती है।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने वरिष्ठ राजनेता और उत्तराखण्ड में नेता प्रतिपक्ष डा. इंदिरा हृदयेश के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है। वहीं दूसरी ओर कांग्रेसजनों ने भी नेता प्रतिपक्ष डा. इंदिरा हृदयेश के निधन पर शोक व्यक्त किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने दिवंगत आत्मा की शांति व शोक संतप्त परिवार जनों को धैर्य प्रदान करने की ईश्वर से प्रार्थना की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इंदिरा हृदयेश ने पिछले चार दशक से यूपी से लेकर उत्तराखंड की राजनीति में बङी भूमिका निभाई और वह एक कुशल प्रशासक, वरिष्ठ राजनीतिज्ञ व संसदीय ज्ञान की जानकार थीं। उन्होंने कहा कि वह अपनी बात को सदैव बेबाकी से सभी के समक्ष रखती थीं। उन्होंने ईश्वर से दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान देने और शोक संतप्त परिजनों को धैर्य प्रदान करने की प्रार्थना की।
दूसरी ओर उत्तराखंड कांग्रेस की वरिष्ठ नेत्री एवं विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष इंदिरा डा. इंदिरा हृदयेश का आज सुबह नई दिल्ली में हार्ट अटैक से निधन होने पर कांग्रेसजनों ने दु:ख व्यक्त किया ओर इस दौरान उन्हें अपनी ओर से श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए ईश्वर उनकी आत्मा को शांति दे एवं परिजनों को इस दु:ख को सहने की शक्ति प्रदान करें। इस अवसर पर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष प्रीतम सिंह ने अपनी ओर से श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि पार्टी ने एक वरिष्ठ नेता को खो दिया है और जिससे पार्टी को अपूरणीय क्षति हुई है और जिसकी भरपाई करना संभव नहीं है।
इस अवसर पर अन्य कांग्रेसजनों ने वरिष्ठ नेत्री व नेता प्रतिपक्ष डा. इंदिरा हृदयेश को श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए उनके साथ किये गये कार्यों को याद किया और इस अवसर पर प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह ने कहा कि स्वर्गीय डा. इंदिरा हृदयेश को कभी भुलाया नहीं जा सकता है। इस अवसर पर शासकीय प्रवक्ता एवं काबीना मन्त्री सुबोध उनियाल ने नेता प्रतिपक्ष के निधन पर गहरा दु:ख जताया है और उन्होंने कहा कि नेता प्रतिपक्ष का निधन उत्तराखंड के लिए अपूर्णीय क्षति है और उन्होंने कहा कि राज्य में एक दिवसीय राजकीय शोक घोषित किया गया है। शासकीय प्रवक्ता व कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने काह कि उनके निधन से कांग्रेस को भी गहरा आघात लगा है विपक्ष में रहकर राज्य के ज्वलंत मुद्दों को बखूबी उठाना एवं चिंतनशील आचरण रहा है । दिवंगत इंदिरा हृदयेश के निधन से कांग्रेस ने एक अनुभवी रणनीतिकार खो दिया है वह हमारी प्रेरणास्रोत थी और उनकी कमी सदैव महसूस की जाती रहेगी ।
वहीं दूसरी ओर वरिष्ठ कांग्रेसी राजनेता एवं राज्य विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष इंदिरा हृदयेश के निधन पर कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने गहरा शोक व्यक्त किया।इस अवसर पर अन्य पिछड़ा वर्ग आयोग के पूर्व अध्यक्ष व वरिष्ठ कांग्रेसी नेता अशोक वर्मा एवं पूर्व प्रदेश सचिव प्रवीन त्यागी टीटू ने भी नेता प्रतिपक्ष डा. इंदिरा हृदयेश के निधन पर गहरा दु:ख व्यक्त किया है और कहा कि पार्टी ने तेजतर्रार नेता खो दिया है जिसकी पूर्ति नहीं की जा सकती है और इससे पार्टी के अपूरणीय क्षति हुई है। यहां जारी एक बयान में औद्योगिक विकास, सैनिक कल्याण, एमएसएमई तथा खादी व ग्रामोद्योग मंत्री गणेश जोशी ने कांग्रेस की दिग्गज नेत्री एवं राज्य की नेता प्रतिपक्ष इंदिरा हृदयेश के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है।
उन्होंने कहा कि उत्तराखंड काँग्रेस की वरिष्ठ नेता एवं राज्य विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष श्रीमती इंदिरा हृदयेश जी के निधन के समाचार से स्तब्ध है ओर वह परमेश्वर से प्रार्थना करते है कि पुण्य आत्मा को अपने श्रीचरणो में स्थान दें और शोकाकुल परिवार को इस असीम दु:ख को सहने की शक्ति दे। दलीय विचारधारा में अंतर होने के उपरांत भी दीदी इंदिरा हृदयेश सभी के लिए एक सम्मानित नेता थीं। उनका जीवन एवं राजनीतिक सेवा भावना हमारे लिए प्रेरणा स्रोत है। उन्होंने कहा कि सदन में नेता प्रतिपक्ष के तौर पर तथा वित्त एवं संसदीय मंत्री के तौर पर इंदिरा हृदयेश उनकी उपस्थिति मात्र ही संसदीय परम्पराओं और गरिमा को उच्च स्तर प्रदान करती थी। उत्तर प्रदेश से शुरू हुई उनकी राजनीतिक यात्रा आज नेता प्रतिपक्ष के रूप समाप्त हुई है।
उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की ट्टआइरन लेडी* के तौर पर जाने जानी वाली दीदी इंदिरा हृदयेश के विषद संसदीय एवं विधायी कार्यों के ज्ञान की कमी राज्य के राजनीतिक परिदृश्य में हमेशा खलती रहेगी। उत्तराखंड क्रांति दल ने विपक्ष की नेता डॉ इंदिराहृदेश के अकस्मात निधन पर सवेंदना व्यक्त करते हुये भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की है। यहां जारी एक बयान में दल के पूर्व केन्द्रीय प्रवक्ता सुनील ध्यानी ने कहा कि उत्तराखंड राजनीति की एक कोहिनूर को जनता ने खो दिया। जिसकी कमी हमेशा बनी रहेगी। सन 1974 से स्वर्गीय हेमवतीनंदन बहुगुणा के नेतृत्व में डा. इंदिरा हृदयेश से राजनीति की पारी शुरू की थी और जो कि लगातार उत्तर प्रदेश की राजनीति में सक्रिय रहते हुये लगातार एमएलसी विधान परिषद में रही।
उन्होंने कहा कि हल्द्वानी क्षैत्र से विधानसभा से विधायक राज्य बनने के बाद रही। उनकी पार्टी सत्ता में रहते हुई इंदिरा हृदयेश अहम विभागों का कुशल संचालन किया और वह वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री रही और उन्हें संसदीय परम्पराओं का बखूबी ज्ञान था और वह मृदुभाषी, कुशल राजनीतिक नेत्री की कमी उत्तराखंड की राजनीति में खलती रहेगी। उतराखण्ड प्रदेश कांग्रेस अनुसूचित जाति विभाग के पूर्व संयोजक मोहन कुमार काला ने कांग्रेस की वरिष्ठ महिला नेत्री नेता प्रतिपक्ष डा. इंदिरा हृदयेश के निधन पर गहरा द:ुख प्रकट किया ओर कहा की पार्टी उनके अहम योगदान को कभी भूला नही पायेगी उनके कार्य सदैव कार्यकर्ताओ मे ऊर्जा प्रदान करेगे। उन्होंने कहा कि ईश्वर उनको अपने श्रीचरणौं मे स्थान दे ओर परिवार को यह दुख सहने की ताकत दे ओर नेता प्रतिपक्ष इंदिरा हृदयेश के निधन से कांग्रेस परिवार में शौक की लहर है और सदन से लेकर सड़क तक का उनके योगदान सदैव याद रहेगा। वरिष्ठ कांग्रेसी नेता महेश जोशी सहित अनेक कांग्रेसजनों ने भी नेता प्रतिपक्ष डा. इंदिरा हृदयेश के निधन पर गहरा दु:ख व्यक्त किया है।

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