संवाददाता
देहरादून। मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में 14 फैसलों पर मुहर लगा दी है। जिला प्राधिकरण में संशोधन करते हुए ग्रामीण क्षेत्रों में मकान आदि बनाने के लिए नक्शा पास कराने की मंजूरी दे गई है। वहीं शिल्पकार योजना को पांच वर्ष ओर बढ़ाया जायेगा।
यहां शासकीय प्रवक्ता व कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने पत्रकारों को जानकारी देते हुए बताया कि सीएम वात्सल्य योजना के तहत ऐसे बच्चों को जिन्होंने माता पिता को खोया हो या आश्रित को खोया उनकी जिम्मेदारी सरकार लेगी, 21 वर्ष तक तीन हजार प्रति माह, नि:शुल्क राशन, निशुल्क शिक्षा के अलावा सभी तरह की व्यवसायिक शिक्षा में आरक्षण दिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि शिल्पकार योजना को 5 वर्ष ओर बढ़ाया जाएगा। उन्होंने कहा कि उद्योगों को हुए नुकसान की वजह से कर्मियों 25०० रुपये दो महीने के लिए। उन्होंने कहा कि बैठक में ट्रेवल्स, टूर ऑपरेटर, राफ्टिंग, गाइड को आर्थिक सहायता प्रदान करने के साथ ही, पर्यटन में नवीनीकरण शुल्क माफ किया गया ओर 2०० करोड़ से ज्यादा खर्च। हल्द्वानी में अस्पताल में निर्माण को लेकर कार्यदाई संस्था का गठन का फैसला लिया गया।
उन्होंने कहा कि साहूकारी अधिनियम में संशोधन किया गया है और कोविड की स्थिति को देखते हुए मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना (अतिसूक्ष्म नैनो उद्ध्यम) योजना को स्वीकृति, 2० हजार लोगों को फायदा, 1० करोड़ का खर्च, 5 करोड़ हंस फाउंडेशन देगा। छोटे कार्यों को बढ़ावा दिया गया है और 1० हजार से 15 हजार के प्रोजेक्ट पर 5 हजार की सब्सिडी दी जायेगी ओर इसी प्रकार से केदारनाथ मास्टर प्लान में जीएमवीएन के ध्वस्तीकरण कर उन्हें प्रशासनिक भवन बनाने की मंजूरी दे दी गई है। उन्होंने कहा कि वहीं दूसरी ओर कैबिनेट की बैठक में बद्रीनाथ धाम में 1०० करोड़ के निर्माण कार्य किये जाने, उच्च शिक्षा की नियमावली में संसोधन, लाइब्रेरियन में 25 बच्चो का सलेक्शन तथा हरिद्वार में होटल अलकनंदा के निर्माण में लेबर सेस को छोड़कर 49 लाख माफ किया गया। जिला प्राधिकरण में संसोधन, ग्रामीण क्षेत्रों में नक्शा पास कराने की मंजूरी दी गई है। उन्होंने कहा कि इसी प्रकार से उत्तरकाशी में तेखला में न्याय विभाग के भवन को विश्वनाथ भवन के पास चूक की भूमि से बदला गया।
उन्होंने कहा कि परिधकर्ण के तहत जिलाधिकारी को शेड ध्वस्तीकरण के अधिकार दिया गया है और इसी तरह से अमृतसर कोलकाता इंड्रस्टीयल कॉरिडोर योजना को लेकर समझौता, ट्रस्ट बनाने का निर्णय लिया गया है और उधमसिंह नगर के आसपास औद्योगिक विकास होगा। उन्होंने कहा कि इसके लिए कार्ययोजना तैयार की जायेगी।
