अब तीरथ भी आये शराब की प्राथमिकता में: धस्माना

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देहरादून(संवाददाता)। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना ने कहा है कि पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत की भी प्राथमिकता शराब थी और वर्तमान मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत की प्राथमिकता शराब है , गजब चाल चरित्र और चेहरे का बेहतरीन उदाहरण सामने आया है।
यहां जारी एक बयान में उन्होंने कहा कि कोरोना कफ्र्यू में दी गयी ढील में राज्य सरकार की प्राथमिकता पर तंज कसते हुए कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत सरकार ने भी पिछले साल कोविड लॉकडाउन में सबसे पहले शराब की दुकानें खोली थी और अब उनके उत्तराधिकारी मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने राशन की दुकान पर शराब की दुकान को प्राथमिकता देते हुए तीन दिन शराब की दुकान और दो दिन राशन की दुकान का फैसला करके भाजपा के चाल चरित्र और चेहरे के नारे का असली मतलब जनता को समझा दिया है। इस अवसर पर सूर्यकांत धस्माना ने कहा कि आज प्रदेश का छोटा व्यापारी जो करियाने की दुकान चलाता है छोटे मोटे व्यापार से अपना परिवार चलाता है, कपड़े का व्यापारी और भी तरह तरह के व्यापारी जिनकी रोजी रोटी दुकानदारी पर ही निर्भर करती है उनके साथ सरकार जिस प्रकार का व्यहवार कर रही है उसे व्यापारी वर्ग शायद हो कभी भूल पायेगा। उन्होंने कहा कि भाजपा की सरकार वैसे तो देश के किसी भी वर्ग के साथ इस कोरोना की जंग में खड़ी नहीं दिखाई दी किन्तु व्यापारी वर्ग जो भाजपा का कट्टर समर्थक वर्ग समझा जाता है उसको बर्बाद करने में तो भाजपा सरकारों ने कोई कसर नहीं छोड़ी है। उन्होंने कहा कि भाजपा की करनी व कथनी में कोई अंतर नहीं है और भाजपा सरकार ने जनता व व्यापारियों को बर्बाद कर रख दिया है जिसका पुरजोर विरोध किया जायेगा।
वहीं दूसरी ओर पीआरडी जवानों के वेतन भुगतान के संबंध में सूर्यकांत धस्माना ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखा है। यहां जारी एक बयान में उन्होंने कहा कि सोमवार सात जून तक भुगतान न होने पर मंगलवार आठ को घंटाघर पर स्थित संविधान निर्माता बाबा साहेब डॉक्टर भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा के नीचे उपवास करेंगें।
उन्होंने कहा कि कोविड केयर सेंटर पर एसडीआरएफ के माध्यम से तैनात पीआरडी के 71 जवानों को तीन माह से वेतन न दिए जाने पर नाराजगी जताते हुए उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना ने मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत को तल्ख अंदाज में पत्र भेज कर सोमवार सात जून तक इन जवानों का वेतन जारी करने की मांग करते हुए लिखा कि ऐसा न होने पर वह मजबूरी में मंगलवार आठ जून को घण्टाघर पर स्थित डॉक्टर भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा के नीचे धरना देकर उपवास करेंगे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री को उन्होंने कहा कि देहरादून के कोविड आइसोलेशन सेंटर आमवाला में तैनात एसडीआरएफ के माध्यम से 71 पीआरडी जवानों को पिछले तीन महीनों से वेतन नहीं मिला है। उन्होंने कहा कि मार्च अप्रैल व मई महीने का वेतन इतनी कठिन परिस्थितियों में इन जवानों का घर चलाना असंभव हो गया है ।

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