कोरोना किट में भी भ्रष्टाचार का खेल!

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मुख्यमंत्री के पास स्वास्थ्य महकमा लेकिन उन्हें भी कुछ पता नहीं?
रुड़की(रियाज कुरैशी)। कितनी हैरानी वाली बात है कि उत्तराखण्ड का स्वास्थ्य महकमा मुख्यमंत्री के पास है और वह कोरोना से जंग जीतने का खुलकर दावा कर रहे हैं लेकिन जिस तरह से कोरोना के शिकार मरीजों को घरों में आईसोलेट रहने और उन्हें सरकारी किट देने का ढोल पीटा जा रहा है लेकिन राज्य के कई जनपदों में कोरोना की बांटी जा रही किट में काफी सामान गायब हो रहा है और सरकार के हाकिम को इसकी खबर तक नहीं। अब हरिद्वार जनपद में किट से सामान गायब होने को लेकर कुछ राजनेताओं ने मुख्यमंत्री से शिकायत कर इसकी जांच कराने का आग्रह किया है। अब देखने वाले बात है कि राज्य के मुख्यमंत्री किटों से गायब हो रहे सामानों को लेकर कितनी गम्भीरता दिखाते हैं और इसकी सच्चाई सामने लाने के लिए वह किसे जांच का जिम्मा सौंपेंगे।
स्वास्थ्य विभाग द्वारा बांटी जा रही कोरोना सुरक्षा किट में पूरा सामान न होने की शिकायत भाजपा नेता एवं नगला इमरती समिति के चेयरमैन रवि राणा ने मुख्यमंत्री से की है। आरोप है कि किट में मास्क और गोलियों के अलावा कोई सामान नही है जबकि डब्बे के बाहर लगी सूची के अनुसार उसमें सेनेटाइजर और अन्य कई सामग्री होनी चाहिए।
ढंढेरा निवासी रवि राणा द्वारा मुख्यमंत्री को भेजी शिकायत में बताया गया कि हरिद्वार जिले में जो कोरोना किट बांटी जा रही हैं उनके बॉक्स के बाहर जो सामान की लिस्ट लगी हुई है वह समान पूरा नहीं है जिसका लोग विरोध कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि आम जनमानस के बीच में जहां पार्टी के कार्यकर्ता अपनी जान जोखिम में डालकर कोरोना काल में कार्य कर रहे हैं उससे ज्यादा बंट रही इन किटों से भारतीय जनता पार्टी की सरकार की छवि को नुकसान हो रहा है क्योंकि उसके किट के अंदर जो समान बताया जा रहा है वह सामान मौजूद नहीं है। उन्होने बताया कि इस किट में मास्क और कुछ दवाइयां ही हैं किट के अंदर से सेनिटाइजर तक गायब है। रवि राणा ने मुख्यमंत्री से अनुरोध किया है कि वह इस प्रकरण की जांच करवा कर उचित कार्रवाई करें।

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