राजेश शर्मा
देहरादून। राजधानी की सुद्दोवाला जेल के आवासीय परिसर के साथ बने जेल कार्यालय में आज सुबह एक वरिष्ठ सहायक ने फांसी का फंदा लगाकर मौत को गले लगा लिया। मुधरभाषी वरिष्ठ सहायक द्वारा कार्यालय में आत्महत्या की किये जाने की घटना ने जेल प्रशासन के कुछ अफसरों व कर्मचारियों को चौका दिया। हैरानी वाली बात है कि जो वरिष्ठ सहायक दो दिन बाद होने वाली अपनी सालगिरा मनाने को लेकर तैयारी कर रहा था और आज उसने किन कारणों से मौत का रास्ता चुना यह जेल अफसरों के लिए एक बडा जांच का विषय होना चाहिए? चर्चाएं तो यहां तक है कि वरिष्ठ सहायक जेल के दो कर्मचारियों से पिछले कुछ समय से डरा और सहमा हुआ था जिसके चलते सम्भवत: उसने अपनी जीवन लीला को खत्म करने का रास्ता चुना? अब फोंरेसिक टीम के पास वरिष्ठ सहायक का सुसाइड नोट है और यह सुसाइड नोट वरिष्ठ सहायक की मौत से बडा पर्दा उठायेगा ऐसी चर्चाएं अब उठने लगी हैं?
आज सुबह जेल का वरिष्ठ सहायक धीरज शर्मा अपने परिवार में ठीक-ठाक था और उसने अपनी बीमार पत्नी को चाय बनाकर भी दी और चर्चा है कि वह अपना वेतन निकालकर भी लाया और अपनी पत्नी को उसने वेतन दिया। घर में एक दस साल की बेटी व पांच साल का बेटा व उसकी पत्नी जेल परिसर के आवास में ही निवास करते हैं। बताया जा रहा है कि चार जून को वरिष्ठ सहायक की शादी सालगिरा थी और अपनी सालगिरा को लेकर वरिष्ठ सहायक काफी उत्साह में भी था लेकिन इसके बावजूद न जाने क्या कारण रहा कि सुबह दफ्तर आने के बाद वरिष्ठ सहायक ने अपने कार्यालय में फांसी लगाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। चर्चाएं यह भी उठ रही हैं कि चंद दिन पूर्व जेल के ही एक कर्मचारी से वरिष्ठ सहायक का विवाद हुआ था और इसकी गूंज जेल के किसी बडे अफसर के पास भी सम्भवत: पहुंची थी? चर्चाएं यहा तक हैं कि शायद वरिष्ठ सहायक ने दो पेज का अपना सुसाइड नोट लिखा था हालांकि यह सिर्फ अभी एक कयासबाजी से ज्यादा कुछ नहीं है? हालांकि यह चर्चाएं भी उठ रही हैं कि जेल के ही दो कर्मचारियों से वरिष्ठ सहायक पिछले कुछ समय से डरा व सहमा हुआ था? अब वरिष्ठ सहायक का सुसाइड नोट ही उसकी मौत का राज खोलेगा।
