यूकेडी ने दी आंदोलन तेज करने की चेतावनी

0
153

कैबिनेट की बैठक में नहीं लाया गया पुलिस के जवानों का मामला
देहरादून(संवाददाता)। पुलिस के जवानों को 46०० ग्रेड पे दिये जाने की मांग को लेकर उत्तराखंड क्रांति दल के कार्यकर्ताओं का उपवास आज तीसरे दिन भी जारी रहा उत्तराखंड क्रांति दल पिछले तीप दिनों से देहरादून के घंटाघर स्थित स्वर्गीय इंद्रमणि बडोनी स्मारक स्थल पर उपवास पर बैठा है। उत्तराखंड क्रांति दल के केंद्रीय मीडिया प्रभारी शिव प्रसाद सेमवाल ने कहा कि आज कैबिनेट बैठक मे सरकार ने पुलिस के जवानों को 46०० ग्रेड पे नहीं दिया है, इसलिए मुख्यमंत्री आवास पर आमरण अनशन किया जाएगा।
इस अवसर पर गौरतलब है कि आज कैबिनेट में ग्रेड पे का मसला हल किए जाने की मांग को लेकर उत्तराखंड क्रांति दल उपवास कर रहा है लेकिन यह मामला कैबिनेट में नहीं लाया गया है जिससे दल के कार्यकर्ताओं में रोष है और अब मुख्यमंत्री आवास पर आमरण अनशन शुरू किया जायेगा।
इस अवसर पर  उत्तराखंड क्रांति दल के नेता शिव प्रसाद सेमवाल ने कहा कि सरकार आक्रोश को शांत करने के लिए 46०० ग्रेड पर से नीचे 42०० ग्रेड पे दिए जाने के लिए मन बना रही है लेकिन यह ग्रेड पे जवानों के साथ सीधा-सीधा धोखा है। उत्तराखंड क्रांति दल के नेता शांति प्रसाद भट्ट ने कहा कि सरकार सब इंस्पेक्टर के पदों को पहले ही भरने की कार्रवाई शुरू कर चुकी है, ऐसे में जवानों का प्रमोशन अगले 5 से 7 साल तक भी नहीं हो पाएगा और इससे नीचे का ग्रेड पे दिए जाने पर जवानों का आर्थिक नुकसान तो होगा ही उनका मनोबल भी टूटेगा।
इस अवसर पर यूकेडी खेल प्रकोष्ठ के केंद्रीय अध्यक्ष वीरेंद्र सिंह रावत ने कहा कि सरकार कई अन्य मामलों में भी पुलिस के जवानों के साथ दोयम दर्जे का व्यवहार करती है। इस अवसर पर रायपुर ब्लॉक अध्यक्ष अनिल डोभाल ने कहा कि यदि कैबिनेट में जवानों की बात नहीं सुनी जाती है तो उत्तराखंड क्रांति दल सीएम आवास पर आमरण अनशन पर बैठ जाएगा।
इस अवसर पर सामाजिक कार्यकर्ता सुमन बडोनी ने कहा कि पुलिस के जवानों की ड्यूटी 24 घंटे की है और न ही उन्हें कोई छुट्टियां मिलती हैं, इसलिए उनकी वेतन और कार्यप्रणाली की तुलना अन्य विभागों से नहीं हो सकती। इस अवसर पर उपवास के तीसरे दिन उपरोक्त नेताओं के अलावा यूकेडी युवा मोर्चा की जिला अध्यक्ष सीमा रावत, देवेंद्र रावत, और सुरेश आर्य और उपेंद्र कैंतुरा, मुकेश गैरोला आदि कार्यकर्ता मौजूद रहे।

LEAVE A REPLY