सदन में गूंजा जहरीली शराब व राज्यपाल का अभिभाषण का मुद्दा

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विपक्ष का हंगामे के बाद वॉक आउट
मुख्यमंत्री व आबकारी मंत्री से मांगा इस्तीफा
देहरादून। समय से पूर्व राज्यपाल का अभिभाषण कराये जाने व जहरीली शराब से मौत के मामले पर विपक्ष ने वेल में पहंुचकर जमकर हंगामा किया और बाद में राज्यपाल के भाषण के दौरान विपक्ष ने सदन से वॉकआउट कर गैलेरी में धरने पर बैठ गये और प्रदेश सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। यहां बजट सत्र के पहले दिन समय से पूर्व राज्यपाल का अभिभाषण कराये जाने पर विपक्ष ने वेल में पहंुचकर जमकर हंगामा किया और राज्यपाल ने बिना विपक्ष के सदन में अपना अभिभाषण पढ़ा। इस बीच विपक्ष ने सदन के बाहर आकर विरोध जताया और सदन के बाहर गैलरी में विपक्षी विधायक धरने बैठे और उन्होंने मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र रावत व आबकारी मंत्री प्रकाश पंत से इस्तीफा देने की मांग की।
सदन के पहले दिन ही राज्यपाल के भाषण को जल्दी शुरू करने को लेकर विपक्ष ने सदन में जोरदार हंगामा किया सदन शुरू होता इससे पहले ही विपक्ष ने सदन से वॉकआउट कर नेता प्रतिपक्ष डा. इंदिरा हृदयेश व प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह वर्तमान विधायकों ने आरोप लगाया है कि सरकार संसदीय परंपरा को तोड़कर ऐसा काम कर रही है क्योंकि सदन में राज्यपाल का भाषण जब 11 बजे शुरू होना था तो उससे पहले क्यों शुरू करवाया जबकि पूरा विपक्ष वहां पर पहुंचा ही नहीं था। नेता प्रतिपक्ष इंदिरा हृदयेश ने कहा कि सरकार में कई वरिष्ठ विधायक भी हैं जिन्हें संसदीय परंपरा का पूरा ज्ञान है लेकिन उसके बावजूद भी इस तरह का कृत्य कर ना कहीं ना कहीं ए दर्शाता है कि सरकार सवालों से भाग रही है विपक्ष का आरोप है कि संसदीय परंपरा के अनुसार महामहिम का भाषण समय अनुसार होता है और उससे पहले अगर भाषण करवाया गया है तो कहीं ना कहीं ना केवल सदन का अपमान है बल्कि विपक्ष को भी सरकार अनदेखा कर रही है।
इससे पूर्व विधानसभा बजट सत्र के चलते सदन में राज्यपाल बेबी रानी मौर्य का अभिभाषण में कहा कि आगामी वर्ष में राज्य विकास की नई ऊंचाइयों को प्राप्त करेगा और सरकार द्वारा जनसामान्य की सुविधा के लिए विभिन्न सेक्टरों में ऑनलाइन प्रक्रिया अपनाई जा रही है। उन्होंने कहा कि ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के तहत जमीदारी उन्मूलन एवं विनाश अधिनियम में संशोधन कर एमएसएमई को फायदा दिया गया। राज्य में निवेश को बढ़ाने के लिए इन्वेस्टर्स समिट आयोजित की गई राज्य के नियोजित विकास के लिए विजन 20-30 तैयार किया गया है।
उन्होंने कहा कि डैशबोर्ड उत्कर्ष के माध्यम से राज्य में चल रही परियोजनाओं का मूल्यांकन हो रहा है और मुख्यमंत्री डैशबोर्ड के माध्यम से सीधे मुख्यमंत्री विकास योजनाओं पर नजर रख रहे हैं। भारतीय सेना एवं अर्धसैनिक बलों के शहीदों के आश्रितों को सेवायोजन देने का सरकार ने प्रावधान किया है। उन्होंने कहा कि आपदा की दृष्टि से संवेदनशील राज्य में भूकंप रोधी भवनों के निर्माण, सेटेलाइट फोन की खरीद, भूकंप पूर्व चेतावनी यंत्र की स्थापना की जा रही है और पेयजल और बिजली उत्पादन हेतु कई जल विद्युत परियोजनाएं शुरू की गई है गरीबी उन्मूलन की दिशा में सरकार कार्य कर रही है तथा बेरोजगारों को कौशल विकास के जरिए रोजगार उपलब्ध कराए जा रहे हैं ।चारधाम यात्रा के साथ हेमकुंड, नानकमत्ता, रीठा साहिब, पिरान कलियर जैसे विभिन्न धर्मस्थलों में भी बटन को बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य में सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए व्यापक स्तर पर प्रयास किए जा रहे हैं। हवाई सेवा के तहत राज्य में जौलीग्रांट-चिन्यालीसौड़-गौचर में हवाई सेवा शुरू करने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है और देहरादून-पंतनगर-नैनीसैनी हवाई सेवा की प्रदेश में शुरूआत हो चुकी है। उन्होंने कहा कि केंद्र पोषित दीनदयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना के तहत चयनित 94 राजस्व गांव में पूर्ण रूप से विधुतीकरण किया गया और सौर ऊर्जा की संशोधित नीति सरकार लाई है और कृषि क्षेत्रफल में कमी के बावजूद नई तकनीक से खाद्यान्न उत्पादन में हुई वृद्धि हुई है।

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