उमेश का सीएम पर ‘डबल अटैक’

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आखिरकार स्टिंग का फोड ही दिया बम
स्टिंग पर भाजपा-कांग्रेस में मचा संग्राम
सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा स्टिंग
देहरादून। उत्तराखण्ड में पिछले कुछ माह पूर्व सरकार के हाकिम के चंद करीबियों के स्टिंग होने की गंूज से बवाल मचा हुआ है और इन स्टिंगों को हासिल करने के लिए समाचार प्लस चैनल के सीईओ उमेश कुमार के आवास पर पुलिस ने सर्च ऑपरेशन कर काफी सामान वहां से जब्त किया था और उमेश को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे पहुंचा दिया था। स्टिंग मामले की गंूज उच्च न्यायालय तक में भी गूंजी और अब जिस तरह से एक माह तक जेल की सलाखों के पीछे रहने वाले उमेश कुमार ने दिल्ली में मीडिया के सामने मुख्यमंत्री के परिवार से जुडे दो लोगों का स्टिंग व रांची में एक भाजपा नेता का छोटी स्क्रीन पर वॉइस रिकार्डिंग, कुछ हैरान करने वाले दस्तावेजों के साथ खुलासा किया वह सीधेतौर पर मुख्यमंत्री पर उमेश कुमार का डबल अटैक माना जा रहा है? इस स्टिंग पर सरकार खामोश है और सोशल मीडिया पर इस स्टिंग को लेकर भूचाल मचा हुआ है कि एक और तो उत्तराखण्ड में त्रिवेन्द्र सरकार जीरो टॉलरेंस का दम भर रही है वहीं मुख्यमंत्री के परिवार के दो लोगों पर खनन व शिक्षा के मामले को लेकर उजागर हुये स्टिंग ने राज्य में एक नई बहस शुरू करा दी है?
राजपुर थाने में कुछ माह पूर्व समाचार प्लस चैनल के सीईओ उमेश कुमार के खिलाफ उन्हीं के यहां कार्यरत रहे आयुष गौड ने सरकार का स्टिंग कराने व उसकी आड में ब्लैकमेलिंग करने का मामला दर्ज कराया था जिस पर उमेश के गाजियाबाद स्थित आवास पर दून पुलिस ने सर्च ऑपरेशन कर वहां से लैपटॉप, कम्प्यूटर सहित काफी सामान अपने कब्जे में लिया था और उमेश की गिरफ्तारी की थी। इतना ही नहीं रांची में भाजपा के एक नेता अमृतेश सिंह चौहान ने उमेश कुमार पर राजद्रोह का मुकदमा दर्ज कराया था जो कि पुलिस की फाइलों में धडाम हो गया था। लम्बे समय तक खामोश रहकर उमेश कुमार ने बीते रोज दिल्ली में प्रेस क्लब ऑफ इंडिया में पत्रकारों से रूबरू होते हुए उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री के परिवार के दो लोगों का खनन व शिक्षा के मामलों में एक डील को लेकर किया गया स्टिंग छोटी स्क्रीन पर आखिरकार जारी कर उन लोगों की जुबान बंद कर दी जो कि बार-बार यही दम भर रहे थे कि उमेश कुमार के पास कोई स्टिंग नहीं है। उमेश कुमार ने जहां मुख्यमंत्री के परिवार से जुडे दो लोगांे का स्टिंग जारी किया वहीं उन्होंने रांची में अपने ऊपर दर्ज हुये राजद्रोह मुकदमें की सच्चाई को भी एक वॉइस रिकार्डिंग व कुछ दस्तावेजों को उजागर कर मुकदमें की हकीकत को सबके सामने बयां कर दिया? उमेश कुमार ने साफ आरोप लगाये कि सरकार के मुखिया एक ओर तो भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस का दम भर रहे हैं वहीं उनके परिवार के कुछ लोग भ्रष्टाचार की डील करते हुए स्टिंग में कैद हो गये और इस स्टिंग के करने का खामियाजा भी उन्हें देहरादून से लेकर रांची की जेलों में बंद रहकर भुगतना पडा था। उन्होंने सरकार पर आरोप लगाये कि इन स्टिंगों को हासिल करने के लिए उन पर एक के बाद एक फर्जी मुकदमें कायम किये गये हैं और वह इन मुकदमों से अब धबराने वाले नहीं है क्योंकि जब वह बिना अपराध के एक माह जेल की सजा काट आये तो अगर सरकार और भी फर्जी मुकदमें कायम करती है तो वह फिर जेल चले जायेंगे लेकिन भ्रष्टाचार के खिलाफ वह जिस लडाई को लड रहे हैं उसे कभी बंद नहीं करेंगे।

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