एक और विधवा मांग रही इंसाफ!

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विधवाओं के आसूंओं से भी नहीं पिघल रही सरकार?
देहरादून/नैनीताल। बिन बाप के अपने बच्चों को पाल रही एक विधवा की पीड़ा को सिर्फ वहीं महिला समझ सकती जिसने भी अपना पति खोया हो और अब उसके सामने अपने बच्चों के लालन पोषण के चलते आर्थिक संकट से जुझना पड़ रहा है। मुख्यमंत्री के दरबार में अपना दर्द रखने वाली एक विधवा शिक्षिका को ईनाम के रूप में फटकार व गिरफ्तारी मिली थी और आज 6 महीने बाद भी उसे इंसाफ का इंतजार है। ऐसी ही मिलती जुलती एक और विधवा की पीड़ा सामने आई है जिनके पति की मृत्यु वर्ष 2013 में चुनाव ड्यूटी दौरान हुई थी और पति की मृत्यु के बाद भी आजतक उन्हें अनुग्रह राशि नहीं मिल पाई है और मृतक की विधवा कार्यालयों के चक्कर काटकर बस यहंी गुहार लगा रही है कि उसके छोटे-छोटे बच्चे है जिनके लालन पोषण पर एक बड़ा संकट आकर खड़ा हो गया? सरकारी सिस्टम की प्रताड़नाएं झेल रही इन विधवाओं को आखिर कब न्याय मिलेगा? सवाल उठ रहे है कि क्या सरकार इतनी संवेदनहीन हो चली है कि उसे इन विधवाओं के आंसू तक दिखाई नहीं दे रहे है?
उल्लेखनीय है कि आरटीआई कार्यकर्ता हेमन्त गौनियों एक विधवा की आवाज को बुलन्द कर उसके परिवार को इंसाफ दिलाने का कार्य कर रहे है। हेमन्त गौनियों ने बताया कि वर्ष 2013 में नगर पालिका परिषद, भवाली के वार्ड संख्या एक, मतदान स्थल एक महर्षि विद्या मन्दिर भवाली में तैनात मतदान अधिकारी प्रथम जगदीश चन्द्र प्र0अ0 कार्यालय खण्ड शिक्षा अधिकारी रामनगर को मतदान के समाप्ती के बाद अचानक स्वास्थ खराब हो जाने के कारण मृत्यु हो गई थी। वर्ष 2013 में हुई जगदीश चन्द्र की मृत्यु के बाद आज तक उनके आश्रितों को उनकी अनुग्रह राशि नहीं मिली है। जगदीश चन्द्र की पत्नी पूजा आर्या ने बताया कि उन्होंने तत्कालीन जनपद के डीएम, प्रदेश की वित्त मंत्री तक को इस बारे में अवगत कराया लेकिन आज तक उनकों अनुग्रह राशि नहीं मिल सकी है। एक के बाद एक पत्र लिखे गये, आदेश भी हुये, लेकिन पैसा नहीं मिल सका। पूजा आर्या ने बताया कि दिनांक 26/12/2018 को उन्होंने एक बार फिर सूबे के सीएम को पत्र लिखा गुहार लगाते हुये कहा कि उसके दो छोटे-छोटे बच्चें है, जिनकी शिक्षा व भरण-पोषण हेतु काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहां कि काफी समय बीत जाने के बाद भी आजतक अनुग्रह राशि का भुगतान नहीं किया है और न ही अनुग्रह राशि के भुगतान में विलम्ब के लिये कोई उनकों किसी पत्र के माध्यम से अवगत कराया गया है। पूजा ने सीएम से गुहार लगाते हुये कहा है वो उनकों अनुग्रह राशि जल्द से जल्द देने की कृपा करें।
पूजा आर्या ने शायद सपने में भी नहीं सोचा होगा कि उसकी जिन्दगी में ऐसा भी तूफान आयेगा जो पल भर में सारी खुशियों पर ग्रहण लग जायेगा। चुनाव डुयूटी के दौरान उसके पती की मृत्यु ने जहां उसकी जिन्दगी में सुनामी ला दी तो वहीं इतने वर्श बीत जाने के बाद भी आजतक पूजा आर्या को पति के चुनावी ड्यूटी पर मृत्यु के बाद मिलने वाली अनुग्रह राशि नहीं मिल सकी जो बेहद ही चिंता का विशय है। पूजा आर्या ने कहा कि उनके दो छोटे-छोटे बच्चे है जिनका पालन पोशण करने में उनकों परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि उनके द्वारा अफसरों से लेकर मंत्री और सीएम तक से गुहार लगाई है लेकिन आज तक उनकों पैसा नहीं मिल सका है।

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