गैरसैंण राजधानी निर्माण अभियान संघर्ष स्थल पर हर्षोल्लास से मनाया गया मकर संक्रांति और लोहड़ी का पर्व

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देहरादून। गैरसैंण राजधानी निर्माण अभियान ने अपने पूर्व घोषित कार्यक्रमों के अनुरूप मकर सक्राँति पर्व से पूर्व लोहड़ी का त्येहार धूमधाम और ढोल के साथ मनाकर गढ़-कुमाँऊ की संस्कृति और परंपराओं के साथ पंजाबी संस्कृति को जोड़कर एकता का संदेश अभिप्रसारित करने का प्रयास किया है। गैरसैंण राजधानी निर्माण अभियान की कोशिश है कि हिमालय से बहने वाली नदियों के किनारे जो सांस्कृतिक परंपराएं जन्मी उनको मनाने वालों को भी हिमालय में पनपी सांस्कृतिक परंपराओं से परिचय करवाया जाए, इसलिए जहाँ बीते रोज देर सांय संघर्ष स्थल पर लोहड़ी पर्व को धूमधाम के साथ मनाया गया वहीं आज 14 जनवरी को मकर सक्राँति के अवसर पर घी-सक्राँति का भी आयोजन किया गया।
इस अवसर पर गढ-कुमाँऊ में प्रचलित संस्कृति में इस दिन काले दाल की खीचड़ी विशेष तौर पर बनाई जाती और चाव से खाई जाती हैद्य लोगों द्वारा अपने निकटस्थ कुटुम्ब जनों को खिचड़ी भोज कराना, ब्राह्मण भोज व कन्या भोज की परम्परा भी गढ-कुमाऊं संस्कृति का अभिन्न हिस्सा रही है। मान्यता है कि इस दिन सूर्य देव अपने पुत्र शनि के घर आते हैंद्य गढ़-कुमाऊं की इस विशिष्ट सॉस्कृति को लेकर आज गैरसैंण राजधानी निर्माण अभियान ने मकर सक्राँति पर घी-सक्रांति का आयोजन कर ब्राह्मणों व कन्याओं को प्रतीकात्मक रूप में खिचड़ी भोज कराया। आज गैरसैंण राजधानी निर्माण अभियान के मंच पर इस अवसर को प्रदेश की राजधानी गैरसैंण बनाने को लेकर खीचडी पर चर्चा और शुद्दिकरण कार्यक्रम विशेष आकर्षण रही। गैरसैंण राजधानी निर्माण अभियान द्वारा आयोजित खिचडी पर चर्चा कार्यक्रम में सुंदर सुझाव राजधानी मंच पर आए। पौडी से आए आंदोलनकारी आशुतोष नेगी ने एक नया राजनीतिक विकल्प देने का सुझाव संगठन के माध्यम से दिया। डीएवी महाविद्यालय के पूर्व महासचिव सचिन थपलियाल ने जनगीतों के माध्यम से अभियान को तेज करने की बात कही।
युवा नेता राजेश चमोली ने प्रत्येक रविवार को पल्टन बैजार में जनगीत मार्च निकालने का सुझाव प्रदान किया। पत्रकार पुष्कर नेगी ने आंदोलन को सफल बनाने हेतु संसाधन जुटाने पर भी ध्यान देने की बात कही। समाजसेवी यशवीर आर्य ने स्वच्छता व सफाई पर अधिक ध्यान देने की बात कही। अवगत हो कि यशवीर आर्य की पहल पर संघर्ष स्थल पर लगातार सफाई अभियान भी चल रहा है। पूर्व पार्षद रविन्द्र प्रधान ने अलाव हेतु लकड़ी आदि की व्यवस्थाएं कराई गई। लोहडी एवं् खिचड़ी कार्यक्रम में सभी अभियानकर्मियों ने स्वयंसेवी की भूमिका निभाई व अपनी अपनी ओर से यथासंभव योगदान किया।
इससे पूर्व गैरसैंण अभियानकर्मियों ने आज संघर्ष स्थल पर गंगा जल का छिड़काव किया गया। गैरसैंण राजधानी निर्माण अभियान ने वक्तव्य जारी कर कहा है कि गंगा जल द्वारा शुद्धिकरण कार्यक्रम के द्वारा संगठन उत्तराखंड के नागरिकों के लिए भ्रष्टाचार रहित व्यवस्था की मांग कर रही है। संगठन ने कहा कि प्रदेश मुखिया को मुख्यमंत्री कार्यालय के उन पदाधिकारियों पर सख्त कारवाई करनी चाहिए जिनके खिलाफ कोर्ट द्वारा निर्देश प्राप्त हो रहे हैं। 25 दिसम्बर 2018 को गैरसैण राजधानी को लेकर आर-पार आंदोलन का मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन, उस भ्रष्ट अधिकारी को सौंपा गया था जिनको कोर्ट ने भ्रष्टाचार का दोषी माना है। इसी को लेकर गैरसैण राजधानी निर्माण अभियान ने गंगा जल छिड़ककर शुद्धिकरण कार्यक्रम आयोजित किया।
गैरसैंण राजधानी निर्माण अभियान ने संघर्ष स्थल पर हर्षोल्लास से लोहड़ी का पर्व भी मकर सक्राँति की पूर्व संध्या पर मनाया गया। लोहड़ी के उत्सव हेतु गैरसैंण अभियान स्थल के समक्ष अग्नि कुँड बनाया गया व उसमें अग्नि प्रज्जवलन कर खील, मुंगफली, तिल, गुड़ व रेवड़ी प्रसाद स्वरूप अर्पण की गई। तत्पश्चात जिसके चारों ओर घेरा बनाकर गैरसैंण आंदोलनकारियों ने रणगीत गाए। जो रात्रि 8.30 बजे तक चला। गैरसैंण अभियानकर्मी घेरा बनाकर ढोल पर भी खूब थिरके, गुड़, मुंगफली, तिल, रेवडियाँ भी खूब बाँटी गई। संघर्ष स्थल के आस पास रहने वाले गरीब तबके के वह लोग जो खुले आसमान के नीचे रातें बिताते हैं को भी गैरसैंण अभियान के कार्यक्रम में सम्मिलित किया गया। गैरसैंण अभियानकर्मियों ने इन परिवारों को मूलभूत आवश्यकता की चीजें व लोहड़ी का प्रसाद भी इस अवसर पर उपलब्ध किया। लोहडी के अवसर पर जिन रणगीतों को प्रमुखता से गाया गया उनमें गढ़वाली लोक गायक नरेन्द्र सिंह नेगी द्वारा रचित व गाया गीत कन उत्तराखंड चयणु छ, जनकवि डा0 अतुल शर्मा का गाया जनगीत ये कैसी राजधानी है, जनगीतकार संजय थपलियाल द्वारा गैरसैंण हेतु विशेष रूप ले रचित गीत उतेतपाखंड म धै लगी, राजधानी की धै लगी जैसे गीत गाए गए, जिसने अभियानकर्मियों नें जबरदस्त उत्साह से भर दिया। पूरे कार्यक्रम के दौरान गैरसैंण अभियानकर्मी गैरसैंण के पक्ष में खूब नारेबाजी करते रहेद्य कार्यक्रम के दौरान गैरसैंण राजधानी निर्माण अभियान’ के प्रमुख रणनीतिकार मनोज ध्यानी, संरक्षक एपी जुयाल, यशवीर आर्य ने युवाओं को इन कार्यक्रमों की महत्ता पर संबोधित किया।
गैरसैंण राजधानी निर्माण अभियान के लोहड़ी और मकर सक्राँति के कार्यक्रमों में भागीदारी करने वालों में विजय सिंह रावत, मदन सिंह भंडारी, मनोज ध्यानी, लक्ष्मी प्रसाद थपलियाल, सचिन थपलियाल, पुष्कर सिंह नेगी, उत्तराखंड विकल्प कर्नल डा0 डीपी डिमरी, पूर्व प्राषद रविन्द्र प्रधान, सीके बंदूनी, वरिष्ठ सामाजिक कार्यकर्ता जगत सिंह, सौरभ रावल, राठ सेवास्थ्य एवं शिक्षा संगठन के राजेश चमोली, उत्तराखंड नवनिर्माण सेना के सुशील कुमार, राजकुमार, विलास गौड़, मनोज कुमार बडोला, पूर्व सैनिक संगठन के कार्यकारी अध्यक्ष माधवानंद बंदूनी एवम् महासचिव चन्द्रमणी बंदूनी, नमन चंदोला, उदवीर सिंह पंवार, अनिल रावत, सुरज भट्ट, जनमंच के अशोक बहुखंडी, इंजीनियर आनंद प्रकाश जुयाल, जबर सिंह पावेल, प्रभात उनियाल, कृष्ण काँत कुनियाल, शम्भू प्रसाद भट्ट, शीला रावत आदि बडी संख्या में नागरिक उपस्थित हुए। आज गैरसैंण की मांग को लेकर संघर्ष स्थल पर बैठने का 120वाँ दिवस संपन्न हुआ।

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