इलाहाबाद बैंक के अध्यक्ष व प्रबंध निदेशक मल्लिकार्जुन दून में

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वर्तमान बैकिंग क्षेत्र के समक्ष चुनौतियों से निपटे अधिकारी
देहरादून। इलाहाबाद बैंक के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक सीएचएसएस मल्लिकार्जुन राव ने कहा है कि वर्तमान समय में बैकिंग क्षेत्र के समक्ष चुनौतियों से निपटते हुए अपने बैंक को सतत विकास की ओर ले जाना है और इसके लिए सभी अधिकारियों व कर्मचारियों को एकजुटता का परिचय देते हुए आगे आना होगा।
यहां बैंक के दून मंडल का दौरा करने के बाद चकराता रोड़ स्थित एक होटल में पत्रकारों से रूबरू होते हुए मल्लिकार्जुन ने बैकिंग क्षेत्र के समक्ष वर्तमान चुनौतियों, योजनाओं, अवसरों एवं प्राथमिकताओं पर मार्गदर्शन करते हुए कहा कि बैंक की महत्वपूर्ण एवं अनिवार्य प्राथमिकताओं को मददेनजर रखते हुए हमें अपने बैंक को सतत विकास की दिशा में ले जाना है और इसके लिए सभी वर्ग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को एकजुटता का परिचय देते हुए आगे आने की जरूरत है।
उन्होंने कहा कि बैंक में प्रत्येक अधिकारी का यह कर्तव्य है कि एनपीए में कमी करने, बैंक के सकल लाभ को बढ़ाने एवं बेहतर ग्राहक सेवा प्रदान करने के लिए प्रयासरत रहे, इसके अतिरिक्त उन्होंने कहा कि हमारा बैंक देश के विकास के लिए सदैव प्रतिबद्ध रहा है एवं भविष्य में भी वित्तीय समावेशन के तहत ग्राम मौहल्ला सम्पर्क कार्यक्रम के द्वारा सभी ग्रामीण एवं अर्ध शहरी क्षेत्रों के ग्राहकों को बैंक की विभिन्न लाभप्रद योजनाओं से जोडने के लिए वपक स्तर पर प्रयास करने होंगें और जिसके लिए संपूर्ण इलाहाबादियन का सहयोग भी अपेक्षित है।
उन्होंने कहा कि बैंक द्वारा नई पहल की जा रही है और जिसमें ग्राम मौहल्ला संपर्क कार्यक्रम के अंतर्गत वित्तयी साक्षरता के विस्तार एवं हमारे बैंक के विभिन्न उत्पादों एवं सेवाओं के बारे में जागरूकता बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है और ऑनलाईन ओटीएसआवेदन मॉडयूल के अंतर्गत एनपीए उधारकर्ता गारंटीकर्ता के सुलभ एक्सेस के लिए डिजाइन किया गया है जे उनके एनपीए खातों में ओटीएस प्रस्ताव सहित खाते की स्थिति ट्रक करने की सुविधा प्रदान करती है।
उन्होंने कहा कि इसके अतिरिक्त ऑलबैक ई सजेस्ट पोर्टल से कर्मचारियों से उनके सुझाव व विचार संग्रह करके उन्हें प्रोत्साहित करने का प्रयास किया जा रहा है। एमएसएमई हब की शुरूआत में बैंक ने गुणवत्ता पूर्ण आस्तियों के माध्यम से एमएसएमई ऋण विस्तार हेतु उत्कृष्टता केन्द्र के रूप में एमएसएमई हब के निर्माण के उद्देश्य से 35 एमएसएमई हबों की शुरूआत की है।
उन्होंने कहा कि शुल्क संग्रहण मॉडयूल, वेतन आवेदन योजना में व्यवसाय बढ़ाने एवं एनएफएनआई आय के लिए कॉलेजों, विश्वविद्यालयों हेतु शुल्क प्राप्ति मॉडयूल प्रस्तुत किया जा रहा है और इस मॉडयूल के अंतर्गत एमडीएमसी नई दिल्ली एवं अन्य संस्थानों के कर्मचारियों हेतु वेतन वितरण ाक कार्य किया जा सकता है। इस अवसर पर ईच वन रीच वन के बारे में बताया। इस अवसर पर वार्ता में महाप्रबंधक नई दिल्ली विकास कुमार, मंडलीय कार्यालय की सहायक महाप्रबंधक सुश्री सीमा नारंग सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

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