दौलत कमाने को नशा बेचने का ‘चस्का’

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मर्चेन्ट नेवी का कोर्स करने को बन गया तस्कर
देहरादून। राजधानी में नशे के धंधे से दौलत कमाने का चस्का उस कुछ युवा पीढी को लग गया है जो कम समय में अमीर बनने की चाहत पाले हुए हैं। बरेली व सहारनपुर से नशा लाकर दून के कुछ शिक्षण संस्थाओं के छात्रों को बेचना अब नशा तस्करों को फायदे का सौदा नजर आने लगा है और ऐसा ही कुछ उस समय देखने को मिला जब कोतवाली पुलिस ने चार नशा तस्करों को दबोचा तो खुलासा हुआ कि गैंग लीडर पूर्व में मर्चेन्ट नेवी में काम कर चुका है और दुबारा मर्चेन्ट नेवी में कोर्स करने के लिए वह पैसे का इंतजाम करने के लिए अपने साथियों के साथ बरेली से नशा लाकर छात्रों को बेचने के लिए आगे आया था।
विगत कई दिनों से थाना कोतवाली नगर पुलिस को विश्वसनीय सूत्रों से सूचना मिल रही थी कि कुछ लड़के जो कि देहरादून ग्रामीण क्षेत्र के रहने वाले हैं, बरेली से सस्ते दामो पर स्मैक लाकर, देहरादून में नवयुवको, व शिक्षण संस्थानों में पढ़ने वाले बच्चो को मोटे दामो पर बेच रहे है। प्रभारी कोतवाली के निर्देशन में एसएसआई अशोक राठौर के नेतृत्व में एक टीम का गठन किया गया। रात्रि को सूत्रों से जानकारी मिली कि कुछ लड़के आज ही बरेली से स्मैक लाकर दीनदयाल पार्क के पास डीलिंग करने वाले हैं, इस सूचना पर समस्त पुलिस बल को अलर्ट कर उक्त संदिग्ध लड़को की तलाश प्रारम्भ की गई, तो तलाशी के दौरान पुलिस टीम को चार लड़के दीनदयाल पार्क के रेलिंग के पास अंधेरे में खड़े दिखाई दिए जो कि पुलिस को देखकर भागने लगे जिनको पुलिस द्वारा दौड़कर व आवश्यक बल प्रयोग कर गिरफ्तार किया गया, इनके कब्जे से अलग अलग कुल 21.74 ग्राम अवैध स्मैक (मॉर्फिन) बरामद करने में सफलता प्राप्त की गई। पकडे गये तस्कर बडोवाला पटेलनगर निवासी कुलदीप सिंह, राहुल कुमार, नयागांव निवासी अंकित गुप्ता व यूनुस हैं।
कोतवाली एसएसआई अशोक राठौर ने बताया कि तस्करों ने पूछताछ पर खुलासा किया कि तस्कर कुलदीप सिंह एक साल पहले मर्चेंट नेवी में काम करता था अब छोड़ दिया है, दोबारा से मर्चेन्ट नेवी में जाने के लिए कोर्स करना था जिसके लिए पैसे की जरूरत थी, तो स्मैक बेचकर जल्द पैसा इकट्ठा कर मर्चेन्ट नेवी में जाना था, तस्कर राहुल ने बताया कि यह हाई स्कूल पढ़ा लिखा है, प्लम्बर का काम करता है, कभी कभी स्मैक पीता भी है, पहली बार कुलदीप के साथ बरेली गया था स्मैक लाने, अपने बच्चे का अगले महीने बर्थडे था, जिसके लिए पैसे इकट्ठा करना था, इसीलिए शॉर्टकट से पैसा कमाने के लालच में स्मैक बेचने के काम मे लग गया, तस्कर अंकित गुप्ता ने बताया यह पीवीसी का काम करता है, करीब 1 साल से स्मैक पी रहा है, बरेली से करीब 7-8 बार स्मैक ला चुका है, हाई स्कूल पढ़ा है, चअब के काम से स्मैक पीने व घर का खर्च न चलने के कारण स्मैक बेचकर जल्द पैसा कमाने के लालच में इस काम मे लग गया, तस्कर यूनुस ने बताया कि यह 12वी पढ़ा लिखा है, सेंट्रिंग का काम करता है, 6-7 महीने से स्मैक पीता है, बरेली 2 बार गया है, सस्ते दामो पर बरेली से स्मैक लाकर कुछ खुद पी लेता है, और कुछ बेच लेता है। इन सबने ये भी बताया कि यह लोग आपस मे एक दूसरे को जानते हैं, तथा आसपास गांव के रहने वाले हैं, कुलदीप सिंह सबसे पहले बरैली से स्मैक लाया था, उसके बाद वाकी तीनो को अंकित ने ही बरैली का अड्डा दिखाया, उसके बाद ये अक्सर चारो या दो दो करके बरैली से सस्ते दामो पर स्मैक लेकर कुछ मात्रा खुद पिने में इस्तेमाल करते और कुछ मोटे दामो पर प्रेमनगर व देहरादून के शिक्षण संस्थानों में छात्रों को, एवम नवयुवको को बेच देते थे। यह लोग बीते रोज बरेली से किसी खान नामक व्यक्ति से जो फतेहगंज में रहता है, से स्मैक खरीदकर लाये थे, दीनदयाल पार्क में अंधेरे में खड़े होकर स्मैक पी रहे थे तथा कुछ खरीदने वालो का इंतजार भी कर रहे थे कि उससे पहले ही पुलिस द्वारा इनको पकड़ा लिया गया।

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