उत्तराखण्ड में चिराग तले अंधेरा!

0
50

21 राज्यों के पुलिस अफसरों को भ्रष्टाचार से लडने के गुर सिखायेंगे संजीव
हैदराबाद पुलिस अकादमी भी संजीव का मान रही लोहा
राजेश शर्मा
देहरादून। कितनी विचित्र बात है कि देश की सबसे बडी पुलिस अकादमी उत्तराखण्ड के आईएफएस संजीव चतुर्वेदी को भ्रष्टाचार से लडने वाला काबिल अफसर मानकर उन्हें दूसरी बार अपने यहां बुलावा देने के लिए आगे आई है और इस बार संजीव हैदराबाद में 21 राज्यों के अपर पुलिस अधीक्षक से लेकर आईजी रैंक के अफसरों को भ्रष्टाचार से लडने के गुर सिखायेंगे। इससे उत्तराखण्ड का नाम जहां देशभर की पुलिस में ऊंचा होगा वहीं यह दाग भी लगेगा कि उत्तराखण्ड में चिराग तले अंधेरा है?
उत्तराखण्ड में डबल इंजन की सरकार भ्रष्टाचार से लडने के लिए बिहार मॉडल की विंग को अपनाने के लिए अपने अफसरों को पटना रवाना किये हुए है लेकिन उत्तराखण्ड में भ्रष्टाचार से लडने वाले काबिल अफसर संजीव चतुर्वेदी को वह भ्रष्टाचार से लडने के काबिल ही नहीं मान रही और यही कारण है कि संजीव चतुर्वेदी को वन अनुसंधान में ही तैनात रखने का उसने मन बना रखा है। उत्तराखण्ड में चिराग तले अंधेरा की कहावत उस समय चरितार्थ हो गई जब हैदराबाद की सरदार बल्लभ भाई पटेल राष्ट्रीय पुलिस अकादमी गृह मंत्रालय भारत सरकार की एडमिन असिसटेंड डॉयरेक्टर ने संजीव चतुर्वेदी को पत्र लिखकर अगले माह 14 से 18 मई तक अकादमी में ऐंटी करपशन पर 21 राज्यों के शामिल होने वाले अपर पुलिस अधीक्षक व आईजी रेंक के अफसरों को भ्रष्टाचार से लडने के गुर सिखाने के लिए हैदराबाद अकादमी में आमंत्रित किया है। देश की सबसे बडी अकादमी तो संजीव चतुर्वेदी का भ्रष्टाचार से लडने के मामले में लोहा मानती है लेकिन उत्तराखण्ड की डबल इंजन सरकार संजीव चतुर्वेदी को भ्रष्टाचार से लडने के काबिल नहीं मानती और यही कारण है कि एक साल से संजीव चतुर्वेदी को सरकार वन अनुसंधान में ही तैनात किये हुए है और संजीव को चीफ विजिलेंस के पद पर तैनात करने के लिए वह खामोश है और सरकार भ्रष्टाचार से जंग करने का भी ऐलान कर रही है जिससे सरकार की मंशा पर ही ग्रहण लग रहा है।

LEAVE A REPLY