भ्रष्टाचारियों के खिलाफ त्रिवेन्द्र की जंग

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विजिलेंस ने भ्रष्टों के खिलाफ छेडा ऑपरेशन
रिश्वत लेते हुए लेखपाल सलाखों के पीछे
प्रमुख संवाददाता
देहरादून। उत्तराखण्ड के मुखिया ने प्रदेश में भ्रष्टाचार करने वालों के खिलाफ अब अपनी जंग तेज कर दी है और इसकी छाया सरकार के एक साल के कार्यकाल में भी देखने को मिली थी जब मंच से मुख्यमंत्री ने ऐलान किया था कि भ्रष्टाचारी चाहे कितना भी बडा क्यों न हो उसे किसी भी कीमत पर बक्शा नहीं जायेगा। भ्रष्टाचारियों पर सीएम के सख्त तेवरों के चलते विजिलेंस एडीजी ने सरकारी विभागों पर नजर रखनी शुरू की और काम के एवज में रिश्वत मांगने वालों के खिलाफ ऑपरेशन छेड दिया इसी के चलते विजिलेंस के अपर पुलिस अधीक्षक के बिछाये जाल में भ्रष्टाचारी लेखपाल उस समय फंस गया जब वह दस हजार रूपये के रिश्वत ले रहा था। सरकार के मुखिया ने जिस तरह से भ्रष्टाचार के खिलाफ दहाड़ लगाई है उसके चलते आने वाले समय में और भ्रष्टाचारी भी सलाखों के पीछे पहुंचेंगे ऐसी उम्मीद विजिलंेस एसएसपी को भी है।
उल्लेखनीय है कि सरकार के मुखिया त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने अपनी सरकार का एक साल का कार्यकाल बेदाग पूरा होने पर परेड ग्राउंड के खुले मंच से ऐलान किया था कि वह भ्रष्टाचार किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं करेंगे और जो भी भ्रष्टाचार उनके सामने आयेगा उस पर सख्त कार्यवाही अमल में लाई जायेगी। मंच से मुख्यमंत्री द्वारा भ्रष्टाचार के खिलाफ जंग का ऐलान करते ही विजिलेंस एडीजी रामसिंह मीणा ने गढवाल व कुमांऊ सेक्टर की अपनी टीमों को भ्रष्टाचारियों पर नकेल लगाने के लिए मैदान में उतार दिया। गढवाल में विजिलेंस एसएसपी का कार्यभार देख रहे सेंथिल अबुदेई ने अपर पुलिस अधीक्षक विजिलेंस प्रमोद कुमार को भ्रष्टाचारियों के खिलाफ ऑपरेशन चलाने के लिए आदेश जारी किये जिसके बाद विजिलेंस की टीमों ने कुछ सरकारी महकमों पर अपनी पैनी नजर रखनी शुरू कर दी जहां भ्रष्टाचार को लेकर हमेशा शोर मचता रहा है। मिली जानकारी के अनुसार विजिलेंस एसएसपी सेंथिल अबुदेई को सूचना मिली कि हरिद्वार सलेमपुर द्वितीय इलाके में तैनात लेखपाल पंकज चौधरी शिवालिक गंगा विहार ग्राम सलेमपुर निवासी एक व्यक्ति से जमीन का दाखिला खारिज कराने के लिए हजारों रूपये की रिश्वत मांग रहा है तो इस पर शिकायतकर्ता ने विजिलेंस एसएसपी को एक शिकायती पत्र दिया जिस पर एसएसपी ने भ्रष्टाचारी लेखपाल को पकडने का टास्क अपर पुलिस अधीक्षक प्रमोद कुमार को दिया। प्रमोद कुमार ने लेखपाल को पकडने के लिए अपनी टीम के साथ जाल बिछाया और आज सुबह जब लेखपाल ने जैसे ही दाखिला खारिज कराने के नाम पर दस हजार रूपये की रिश्वत ली तो विजिलेंस टीम ने भ्रष्ट लेखपाल को रंगे हाथों दबोच लिया जिससे तहसील में हडकम्प मच गया। विजिलेंस ने लेखपाल के हाथों पर नोटों से उतरे रंग का सैम्पल लेने के लिए उसके हाथ धुलवाये और उसके पानी को बोतलों में भर लिया। तहसील में लेखपाल की गिरफ्तारी से उन भ्रष्टाचारियों में अब हडकम्प मच गया जो कि सरकार को खुली चुनौती देते हुए भ्रष्टाचार का खुला खेल खेलने में लगे हुए हैं। अपर पुलिस अधीक्षक प्रमोद कुमार ने बताया कि एक व्यक्ति ने एक प्लाट का दाखिल खारिज कराने के लिए दिसम्बर 2017 में तहसीलदार हरिद्वार के यहां अपने दस्तावेज जमा करवाये थे जिसके बाद 12 जनवरी 2018 को नायब तहसीलदार हरिद्वार के यहां दाखिल खारिज की सुनवाई होनी थी जब शिकायतकर्ता नायब तहसीलदार से मिला तो उन्होंने लेखपाल पकंज चौधरी से मिलने के लिए कहा तो शिकायतकर्ता को बताया गया कि दाखिल खारिज का आधा प्रतिशत से दो प्रतिशत लेते हैं। अपर पुलिस अधीक्षक ने बताया कि शिकायतकर्ता की पकंज चौधरी से कई बार बात हुई किन्तु लेखपाल दाखिल खारिज कराने को राजी नहीं हुआ जिस पर शिकायतकर्ता ने 19 मार्च 2018 को तहसील में जाकर लेखपाल से मिला तो लेखपाल ने कहा कि उसका दाखिल खारिज करा दिया है और 11 हजार रूपये देकर रजिस्ट्री ले जाने की बात कही और आज शिकायतकर्ता को उनसे मिला और उसने कहा कि वह रिश्वत नहीं देना चाहता जिस पर आज सुबह पौने ग्यारह बजे लेखपाल पंकज चौधरी को तहसील ज्वालापुर से दस हजार रूपये की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार कर लिया गया।

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